
भोपाल:
भले ही यह सुनने में कुछ अजीब लगे पर चरित्र अभिनेता अन्नू कपूर का कहना है कि वह कभी फिल्में नही देखते। कई फिल्मों में अपनी भूमिका के लिए प्रशंसा हासिल कर चुके अन्नू कपूर ने कहा कि वह कभी भी हिन्दी और अंग्रेजी की फिल्में या थिएटेर नहीं देखते।
उन्होंने कहा कि ऐसा करने के पीछे कोई विशेष कारण नहीं है पर वह इन सबसे बोर हो जाते हैं। जब उनसे यह पूछा गया कि क्या फिल्म जगत में उनके साथ काम करने वालों को यह पता है कि वह फिल्में नहीं देखते, अन्नू ने कहा कि उनको इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि वह ऐसे इंसान नहीं हैं, जो लोगों से जाकर उनकी राय पूछे या दूसरों पर अपनी राय को थोपने की कोशिश करें।
अन्नू कपूर ने बहुत सारी फिल्मों में काम किया है। उनकी प्रमुख फिल्मों में ’मिस्टर इंडिया’ भी है, जिसमें उन्होंने एक अखबार के संपादक की भूमिका निभाई है और फिल्म की हीरोइन श्रीदेवी एक रिपोर्टर है। इसके अलावा अमिताभ बच्चन की फिल्म 'मैं आजाद हूं' और पंकज पराशर की 'चालबाज' में भी अन्नू कपूर ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
चरित्र अभिनेता ने कहा कि उन्हें इस बात पर गर्व है कि वह बहुत साल पहले टेलीविजन पर आने वाले मशहूर संगीत शो 'अंताक्षरी' के सह-मेजबान थे। इस शो की खासियत यह रही कि अन्नू लगातार इसके पुरुष मेजबान रहे, जबकि महिला मेजबान बदलती रही। अन्नू ने कहा कि इस शो को बंद हुए लगभग आठ साल हो गए है पर अभी तक यह लोगों के दिलों में बसता है।
उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात की खुशी है कि आजकल जितने भी संगीत शो टीवी पर आ रहे हैं, उन सबको प्रेरणा एक तरह से 'अंताक्षरी' से ही मिली है। अन्नू ने कहा कि समय बदलने के साथ हिन्दी फिल्मों में भी बदलाव आया है और अब पृथ्वीराज कपूर और बलराज साहनी जैसे कलाकार नहीं रहे, जो समाज के प्रति प्रतिबद्ध थे।
उन्होंने कहा कि ऐसा करने के पीछे कोई विशेष कारण नहीं है पर वह इन सबसे बोर हो जाते हैं। जब उनसे यह पूछा गया कि क्या फिल्म जगत में उनके साथ काम करने वालों को यह पता है कि वह फिल्में नहीं देखते, अन्नू ने कहा कि उनको इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि वह ऐसे इंसान नहीं हैं, जो लोगों से जाकर उनकी राय पूछे या दूसरों पर अपनी राय को थोपने की कोशिश करें।
अन्नू कपूर ने बहुत सारी फिल्मों में काम किया है। उनकी प्रमुख फिल्मों में ’मिस्टर इंडिया’ भी है, जिसमें उन्होंने एक अखबार के संपादक की भूमिका निभाई है और फिल्म की हीरोइन श्रीदेवी एक रिपोर्टर है। इसके अलावा अमिताभ बच्चन की फिल्म 'मैं आजाद हूं' और पंकज पराशर की 'चालबाज' में भी अन्नू कपूर ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
चरित्र अभिनेता ने कहा कि उन्हें इस बात पर गर्व है कि वह बहुत साल पहले टेलीविजन पर आने वाले मशहूर संगीत शो 'अंताक्षरी' के सह-मेजबान थे। इस शो की खासियत यह रही कि अन्नू लगातार इसके पुरुष मेजबान रहे, जबकि महिला मेजबान बदलती रही। अन्नू ने कहा कि इस शो को बंद हुए लगभग आठ साल हो गए है पर अभी तक यह लोगों के दिलों में बसता है।
उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात की खुशी है कि आजकल जितने भी संगीत शो टीवी पर आ रहे हैं, उन सबको प्रेरणा एक तरह से 'अंताक्षरी' से ही मिली है। अन्नू ने कहा कि समय बदलने के साथ हिन्दी फिल्मों में भी बदलाव आया है और अब पृथ्वीराज कपूर और बलराज साहनी जैसे कलाकार नहीं रहे, जो समाज के प्रति प्रतिबद्ध थे।
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अन्नू कपूर, Annu Kapoor