विज्ञापन
This Article is From Aug 24, 2017

राइट टू प्राइवेसी पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला, हम सभी पर डालेगा असर... : जानें 10 बातें

राइट टू प्राइवेसी यानी निजता का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत आता है.

राइट टू प्राइवेसी पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला, हम सभी पर डालेगा असर... : जानें 10 बातें
राइट टू प्राइवेसी पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला, हम सभी पर डालेगा असर... (प्रतीकात्मक फोटो)
नई दिल्ली:
  1. राइट टू प्राइवेसी का पर फैसला देते हुए नौ जजों की संविधान पीठ ने साल 1954 और साल 1962 में दिए गए फैसलों को पलट दिया. साथ ही सरकार के तर्कों को भी दरकिनार कर दिया. हालांकि जजों ने यह भी कहा कि व्यक्तिगत स्तर पर इस अधिकार पर तर्क की सीमा में रहकर प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं. 
  2. अदालत ने अपने शुक्रवार को फैसले में यह भी साफ किया कि राइट टू प्राइवेसी मौलिक अधिकारों के अंतर्गत प्रदत्त जीवन के अधिकार का ही हिस्सा है. भारत के लोकतंत्र को ताकत स्वाधीनता और स्वतंत्रता से मिलती है. 
  3. इस मामले में याचिकाकर्ता सजन पूवइय्या (Sajan Poovayya) ने कहा- राज्य जो भी फैसला लेता है उसकी परख इस फैसले पर की जाएगी. उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक पल है. उन्होंने एनडीटीवी से कहा कि यह राज्य की शक्तियों में एक हद तक कटौती करता है. 
  4. सरकार के दावे को खारिज करते हुए कोर्ट ने कहा कि निजता का अधिकार समाज के सभी वर्गों की आकांक्षा में हैं और हर सामान्य नागरिक निजता का अधिकारी है फिर चाहे वह अमीर हो या गरीब हो.
  5. कोर्ट के इस फैसले का कई अन्य केसेस पर भी असर पड़ेगा. यह असर उस केस पर भी पड़ेगा जिसमें कि भारतीय वॉट्सऐप यूजर्स की डीटेल फेसबुक द्वारा ऐक्सेस किए जाने को चुनौती दी गई है. इस बाबत भी याचिकाकर्ता ने प्राइवेस की उल्लंघन की बात कही है. 
  6. गे-सेक्स यानी समलैंगिक संबंधों पर बैन को लेकर भी एक बार फिर बहस शुरू हो सकती है और इस बाबत कोई नई अपील की जा सकती है. 
  7. याचिकाकर्ता के पक्ष के वकीलों में से एक उदायित्य बनर्जी (Udayaditya Banerjee) ने कहा कि जजमेंट में वही कहा गया है जोकि लाजिमी है, यानी कि प्राइवेसी हमारा मौलिक अधिकार है. 
  8. आज के फैसले में आधार को लेकर कुछ नहीं कहा गया है और इस  पर पांच जजों की पीठ ने सुनवाई करनी है. बनर्जी ने कहा कि आधार केस में भी इस फैसले से मदद मिलेगी
  9. एक अन्य याचिकाकर्ता आर. चंद्रशेखर ने कहा कि इससे सूचनाओं का मिसयूज होने से रोका जा सकेगा.
  10. कोर्ट के इस फैसले का कई अन्य केसेस पर भी असर पड़ेगा. यह असर उस केस पर भी पड़ेगा जिसमें कि भारतीय वॉट्सऐप यूजर्स की डीटेल फेसबुक द्वारा ऐक्सेस किए जाने को चुनौती दी गई है. इस बाबत भी याचिकाकर्ता ने प्राइवेस की उल्लंघन की बात कही है. 
  11. गे-सेक्स यानी समलैंगिक संबंधों पर बैन को लेकर भी एक बार फिर बहस शुरू हो सकती है और इस बाबत कोई नई अपील की जा सकती है. 
  12. इस फैसले के बाद डीएनए बेस्ड टेक्नॉलॉजी बिल 2017 पर भी असर पड़ सकता है, जिसके तहत सरकार को डीएनए डाटा बैंक बनाने की इजाजत है. इसके तहत सरकार को इस डाटा का प्रयोग फोरेंसिक कारणों से करने भी इजाजत है. 
वीडियो- सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, राइट टु प्राइवेसी मौलिक अधिकारों का हिस्सा है
पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Right To Privacy
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com