
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उम्मीद जतायी कि संसद के मॉनसून सत्र के दौरान सभी पार्टियां कंधे से कंधा मिलाकर काम करेंगी ताकि देश को नई दिशा प्रदान करने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय किये जा सकें। संसद के सोमवार से शुरू मॉनसून सत्र के 70वें स्वतंत्रता दिवस से कुछ समय पहले आरंभ होने का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि सदन में उच्च स्तर की चर्चा होगी। प्रधानमंत्री ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा कि पिछले कुछ दिनों में सभी दलों के साथ चर्चा के आधार पर मिजाज अच्छे निर्णय करने का है ताकि देश को तेज गति से विकास के पथ पर आगे ले जाया जा सके।
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जीएसटी मामले पर केंद्र सरकार को तब बड़ी सफलता मिली जब कांग्रेस इस मामले पर 5 घंटे की बहस को तैयार हो गई। गौरतलब है कि कांग्रेस इस मसले पर रोड़े अटकाती रही है। हालांकि बहस की कोई तारीख तय नहीं हुई है लेकिन जो सहमति बनी है उससे बिल सदन में पेश हो पाएगा।
सरकार की विधायी कार्य सूची में 16 विधेयक शामिल हैं, जिन्हें सत्र के दौरान प्रस्तुत किया जाएगा। इनमें अध्यादेशों की जगह लेने वाले तीन विधेयक शामिल हैं।
सरकार के लिए 20 दिनों तक चलने वाले इस मॉनसून सेशन में मुख्य प्राथमिकता कुछ महत्वपूर्ण बिलों को पास करवाना है। इसमें जीएसटी के अलावा लैंडमार्क टैक्स रिफॉर्म भी एक होगा।
कई पार्टियां बिल के समर्थन में आ चुकी हैं। इनमें मुलायम सिंह यादव की सपा और ममता बनर्जी की टीएमसी भी शामिल हैं।
कई राजनीतिक मसलों पर विपक्ष यानी कांग्रेस सरकार को घेरने की तैयारी में है। जहां कई क्षेत्रीय दल बिल के समर्थन में आ गए हैं वहीं कांग्रेस आगामी दिनों में इसे लेकर सदन की कार्यवाही में खलल पैदा करने सकती है।
संसद सत्र शुरू होने से पहले पीएम मोदी ने कहा- सरकार हर मुद्दे पर बातचीत को तैयार है। हर कोई मिलकर काम करे।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि देश को आगे ले जाने के लिए संसद के मॉनसून सत्र में सभी को कंधे से कंधा मिलाकर काम करना चाहिए।
लोकसभा की कार्यवाही स्थगित इसलिए भी की गई क्योंकि स्थापित परंपरा के अनुसार, दो सत्रों के बीच जिन सांसदों का निधन होता है, उन दिवंगत सदस्य को सत्र के पहले दिन श्रद्धांजलि देने के बाद कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित हो जाती है।
सरकार द्वारा आहूत सर्वदलीय बैठक में रविवार को प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था- जीएसटी का राष्ट्रीय महत्व है। यह कोई ऐसा मुद्दा नहीं है जिसका सरकार श्रेय लेना चाहेगी। मैं आशा करता हूं कि सार्थक संवाद के जरिए जीएसटी समेत महत्वपूर्ण बिल मॉनसून सत्र में पारित हो जाएं।'
प्रधानमंत्री ने उक्त बातें कर सुधार कानून को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच लंबे समय से चल रही खींचतान के संदर्भ में कही। कांग्रेस इस बिल को पारित कराने में लंबे अरसे से रोड़ा लगाए है।