संसद का मॉनसून सत्र भी हंगामेदार रहने के आसार, विपक्ष की मॉब लिंचिंग समेत कई दूसरे मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी, 10 बातें
राज्यसभा के सभापति एम वैंकेया नायडू ने सत्तापक्ष और विपक्ष के सभी दलों से सदन की कार्यवाही को बाधित करने के मामले में आरोप प्रत्यारोप के दौर से बाहर आने की अपील करते हुये अबाध और सुचारु कार्यवाही सुनिश्चित करने की अपील की है.
फाइल फोटो
10 बातें
- महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरने का प्रयास करते हुए सरकार ने महिला आरक्षण , एक बार में तीन तलाक और निकाह हलाला संबंधी विधेयकों को संसद से पारित करने में सहयोग करने की मुख्य विपक्षी दल से अपील की है.
- एनडीए के घटक दलों की एक बैठक के बाद भाजपा की एक सहयोगी पार्टी ने कहा कि कई सांसद , खासतौर पर पिछड़े और अन्य वंचित जातियों से आने वाले सांसद इस विधेयक का विरोध कर रहे हैं क्योंकि उन्होंने महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों में अपने समुदायों के लिए कोटा की मांग की है. लोजपा जैसी भाजपा की कुछ सहयोगी पार्टियों ने भी यही रूख अख्तियार कर रखा है.
- बजट सत्र में आंध्र प्रदेश को विशेष दर्ज़ा दिलाने की मांग को लेकर सबसे ज़्यादा हंगामा करने वाली टीडीपी इस बार फिर अविश्वास प्रस्ताव लाएगी. टीडीपी नेता सीएम रमेश ने एनडीटीवी से कहा, "हम सरकार के खिलाफ फिर अविश्वास प्रस्ताव लाएंगे. बजट सत्र की तरह मॉनसून सत्र में भी हम आंध्र प्रदेश को विशेष दर्ज़ा देने की मांग को उठाएंगे."
- कांग्रेस अलग से अविश्वास प्रस्ताव लाने की रणनीति बना रही है. उसे लेफ़्ट का भी साथ मिल सकता है. लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, "सारी पार्टी का ये विचार है कि वोट ऑफ नो कान्फिडेंस लाना चाहिए. हम कोशिश कर रहे हैं कि बाकी दलों से बात करके नो कान्फिडेंस मोशन लाएं. कांग्रेस अगर अविश्वास प्रस्ताव लाती है तो सभी को कई मुद्दे उठाने का मौका मिलेगा. हम सबसे बात कर रहे हैं."
- सीपीएम के सांसद मोहम्मद सलीम ने एनडीटीवी से कहा, "अविश्वास प्रस्ताव पर बजट सत्र में सरकार ने अपना रुख साफ नहीं किया था. ये unfinished agenda है. हम इसे फिर मानसून सत्र में आगे बढ़ाएंगे."
- मॉनसून सत्र के दौरान एक अहम एजेंडा राज्यसभा के उपसभापति का चुनाव होगा. सरकार सबसे पहले राज्यसभा के उपसभापति के चुनाव पर विपक्षी दलों के साथ आम राय बनाने की बात कह रही है. एनडीटीवी से बातचीत में संसदीय कार्यराज्यमंत्री विजय गोयल ने ये बात कही.
- सरकार के एजेंडे में मेडिकल शिक्षा के लिए राष्ट्रीय आयोग विधेयक और ट्रांसजेंडर के अधिकारों से जुड़ा विधेयक भी है. मॉनसून सत्र के दौरान आपराधिक कानून संशोधन विधेयक 2018 भी पेश किए जाने के लिए सूचीबद्ध किया गया है. इसमें 12 साल से कम आयु की लड़कियों से बलात्कार के दोषियों के लिए मृत्युदंड तक की सजा का प्रावधान किया गया है. इसके अलावा, सार्वजनिक परिसर अनधिकृत कब्जा को हटाने संबंधी संशोधन विधेयक 2017, दंत चिकित्सक संशोधन विधेयक 2017, जन प्रतिनिधि संशोधन विधेयक 2017, नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट अमेंडमेंट विधेयक, नई दिल्ली अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र विधेयक 2018, भगोड़ा आर्थिक अपराध विधेयक 2018 को भी चर्चा एवं पारित कराने के लिए सूचीबद्ध किया गया है. सत्र के दौरान चर्चा के लिए नि:शुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार :दूसरा संशोधन: विधेयक, महत्वपूर्ण बंदरगाह प्राधिकार विधेयक 2016, राष्ट्रीय खेल विश्वविद्यालय विधेयक 2017, भ्रष्टाचार रोकथाम संशोधन विधेयक 2013 को भी एजेंडे में रखा गया है. भ्रष्टाचार रोकथाम संशोधन विधेयक 19 अगस्त 2013 को राज्यसभा में पेश किया गया था. बाद में इसे प्रवर समिति को भेजा गया जिसने 12 अगस्त 2016 को राज्यसभा में रिपोर्ट पेश की थी. यह विधेयक राज्यसभा में पास होने के बाद लोकसभा में पेश किया जा सकता है.
- मॉनसून सत्र के दौरान एक महत्वपूर्ण विषय राज्यसभा के उपसभापति के चुनाव से संबंधित भी है. सोमवार को संसद में 13 विपक्षी दलों के अहम नेताओं की बैठक के बाद तृणमुल कांग्रेस के सांसद सुखेंदू शेखर राय ने NDTV से कहा कि ममता बनर्जी चाहती हैं कि विपक्षी दलों में आम राय बनाकर उम्मीदवार चुना जाए और उनकी पार्टी उस उम्मीदवार का समर्थन करेगी जो विपक्ष की तरफ से आम सहमति से चुना जाएगा.
- विपक्षी दलों के नेताओं ने लोकसभाध्यक्ष सुमित्रा महाजन को एक पत्र लिख कर कहा कि संसद के बजट सत्र के दौरान उभरी प्रवृत्ति पर काबू नहीं पाया गया तो यह देश के संवैधानिक लोकतंत्र के लिए घातक साबित हो सकता है. उन्होंने सत्तारूढ़ पार्टी पर आरोप लगाया कि उसने संविधान तथा नियमों की गरिमा को कम किया जिससे संसद तथा आसन की गरिमा कम हुयी. उन्होंने लोकसभाध्यक्ष से पूछा कि क्या उन्होंने सदन के नेता को भी पत्र लिखकर ऐसी ‘प्रवृत्ति’ पर पूर्ण रोक लगाने को कहा है. प्रधानमंत्री सदन के नेता हैं.
- राज्यसभा के सभापति एम वैंकेया नायडू ने सत्तापक्ष और विपक्ष के सभी दलों से सदन की कार्यवाही को बाधित करने के मामले में आरोप प्रत्यारोप के दौर से बाहर आने की अपील करते हुये अबाध और सुचारु कार्यवाही सुनिश्चित करने की अपील की है. नायडू से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र से पहले उच्च सदन में सभी दलों के नेताओं के साथ बैठक कर कहा कि सदन की कार्यवाही को सुचारु बनाने की जिम्मेदारी सिर्फ सत्ता पक्ष की नहीं है. यह सभी दलों का संयुक्त उत्तरदायित्व है.