Exit Polls: कांग्रेस राजस्थान में किसे बनाएगी मुख्यमंत्री, MP और छत्तीसगढ़ में बुरी तरह फंसी बीजेपी, 10 बातें

मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग का दौर खत्म हो चुका है और अब उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में कैद है.

Exit Polls: कांग्रेस राजस्थान में किसे बनाएगी मुख्यमंत्री, MP और छत्तीसगढ़ में बुरी तरह फंसी बीजेपी, 10 बातें

Assembly Election 2018 Exit Polls: पांचों राज्य के एग्जिट पोल के नतीजे

नई दिल्ली: मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग का दौर खत्म हो चुका है और अब उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में कैद है. मगर परिणाम से पहले टीवी चैनलों के एग्जिट पोल ने इस बात के संकेत दे दिए हैं कि किस राज्य में कौन सी पार्टी बहुमत में आएगी और कौन सी पार्टी सत्ता से बेदखल होगी. राजस्थान और तेलंगाना में वोटिंग खत्म होने के बाद शुक्रवार को आए एग्जिट पोल के नतीजों के देखें तो बीजेपी के लिए ये संकेत अच्छे नहीं हैं. एनडीटीवी के पोल ऑफ एग्जिट पोल्स में बीजेपी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में बुरी तरह फंस गई है और राजस्थान में बाजी कांग्रेस के खेमे में पलट गई है. एनडीटीवी के पोल ऑफ एग्जिट पोल्स के मुताबिक, मध्य प्रदेश में बीजेपी भले ही कांग्रेस पार्टी से एक सीट अधिक हो, मगर वह वहां बुरी तरह फंसी हुई नजर आ रही है. मध्य प्रदेश में बीजेपी को 110 और कांग्रेस को 109 सीटें मिलती नजर आ रही है. वहीं, कांग्रेस प्लस को राजस्थान में 110 और बीजेपी को 78 सीटें मिलती नजर आ रही हैं. वहीं, छत्तीसगढ़ में भी बीजेपी फंस चुकी है. बीजेपी को 41 और कांग्रेस को 42 सीटें मिलती दिख रही हैं. बहुजन समाज पार्टी व उसके सहयोगी दलों को 4 और अन्य को 3 सीटें मिलती दिख रही हैं. तो चलिए जानते हैं एग्गिट पोल की 10 अहम बातों को....

Assembly Election 2018 Exit Polls की खास बातें

  1. मध्य प्रदेश में सत्तारूढ़ बीजेपी और कांग्रेस के बीच काफी करीबी मुकाबला दिख रहा है. एनडीटीवी के पोल ऑफ एग्जिट पोल्स के मुताबिक राज्य की 230 सीटों में से भाजपा को 110 सीटें मिलती दिख रही हैं. वहीं, कांग्रेस को 109 सीटें मिल सकती हैं. जबकि बीएसपी के खाते में 2 और अन्य के खाते में 9 सीटें जा सकती हैं. बता दें कि मध्य प्रदेश में 230 विधानसभा सीटें हैं. 

  2. अधिकांश एक्जिट पोल के परिणामों में मध्यप्रदेश में कांग्रेस की जीत की संभावना जताई गई है. राज्य में वर्ष 2003 से भाजपा सत्ता में है. एबीपी न्यूज-लोकनीति सीएसडीएस के सर्वे में 230 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस को 126 सीटें दी गई हैं, जबकि भाजपा को 94 और अन्य को 10 सीटें दी गई हैं. इंडिया टुडे-माई एक्सिस पोल में भी कांग्रेस को 104-122 सीटों के साथ आगे दिखाया गया है, जबकि भाजपा को 102-120 सीटें दी गई हैं। सर्वेक्षण में बसपा को 1 से 3 सीटें तथा अन्य को 3 से 8 सीटें दी गई हैं. 

  3. छत्तीसगढ़ में जीत का दावा करने वाली भारतीय जनता पार्टी इस बार बुरी तरह फंस गई है. एनडीटीवी के पोल ऑफ एग्जिट पोल्स में बीजेपी, कांग्रेस से एक सीट से पिछड़ती नजर आ रही है. छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को जहां 42 सीटें मिलती दिख रही हैं, वहीं भाजपा को 41 सीटें मिलने का अनुमान है. वहीं बसपा प्लस के खाते में 4 और अन्य के खाते में 3 सीटें जाने की संभावना है. 

  4. अगर अन्य चैनलों की बात करें तो छत्तीसगढ़ में 15 साल बाद कांग्रेस सरकार बना सकती है. इंडिया टुडे-एक्सिस माई इंडिया के सर्वे में कहा गया कि 90 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस को 55 से 65 सीटें मिल सकती है, वहीं सत्तारूढ़ भाजपा को 21 से 31 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है. रिपब्लिक टीवी-सी वोटर ने कांग्रेस 40 से 50 सीटें दी है, जबकि भाजपा को 35-43 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है. टाइम्स नाउ-सीएनएक्स और एबीपी न्यूज-सीएसडीएस ने कहा कि भाजपा चौथी बार सत्तारूढ़ होगी. 

  5. राजस्थान में बीजेपी इतिहास नहीं बनाने जा रही है. एनडीटीवी के पोल ऑफ एग्जिट पोल्स के मुताबिक, राजस्थान में इस बार कांग्रेस का राजतिलक होना तय माना जा रहा है. राजस्थान में कांग्रेस को 110 सीटें मिलती दिख रही हैं, वहीं भाजपा को 78 सीटें. यहां जानने वाली बात है कि बहुमत के लिए 100 सीटों की आवश्यक्ता है. ऐसे में एग्जिट पोल की भविष्यवाणी सही साबित होती है तो राजस्थान में कांग्रेस की जीत तय है. 

  6. अन्य टीवी चैनलों और एजेंसियों के एग्जिट पोल के सर्वे में शुक्रवार को राजस्थान में कांग्रेस की सरकार बनने की संभावना जताई गई है. राजस्थान में पिछले 20 साल का रिकार्ड रहा है कि जो पार्टी सत्ता में रहती है, वह दोबारा सत्ता हासिल नहीं कर पाती. राजस्थान विधानसभा की 200 सीटों के लिए हुए चुनाव में इंडिया टुडे-एक्सिस माई इंडिया के सर्वे में कांग्रेस को 119 से 141 सीटें दी गई हैं, जबकि भाजपा को 55 से 72 सीटें दी गई हैं. रिपब्लिक टीवी-सीवोटर ने कांग्रेस को 81 से 101 सीटें और भाजपा को 83 से 103 सीटें दी है. द टाइम्स नाउ-सीएनएक्स ने कांग्रेस को 105 और भाजपा को 85 सीटें मिलने की संभावना जताई है. 

  7. तेलंगाना में जीत का सपना देख रही कांग्रेस गठबंधन और बीजेपी दोनों को बड़ा झटका मिला है. एनडीटीवी के पोल ऑफ एग्जिट पोल्स के मुताबिक, तेलंगाना में टीआरएस फिर से वापसी करती दिख रही है. टीआरएस को 67 सीटें, कांग्रेस को 39 और बीजेपी को 5 सीटें मिलती दिख रही है. वहीं अन्य के खाते में 8 सीटें गई हैं. बता दें कि यहां बहुमत के लिए 60 सीटों की जरूरत होती है और कुल विधानसभा सीटों की संख्या 119 है.

  8. अन्य चैनलों के एग्जिट पोल के परिणामों में तेलंगाना में सत्ताधारी, तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) को सत्ता में बरकरार रहने की संभावना जताई गई है. इंडिया टुडे-एक्सिस माई इंडिया एक्जिट पोल में 119 सदस्यीय विधानसभा में टीआरएस को 79-91 सीटें दी गई हैं, जबकि कांग्रेस नेतृत्व वाले गठबंधन को 21-33 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है. ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन एआईएमआईएम को 4-7 सीटें और भाजपा को 1-3 सीटें दी गई हैं. टाइम्स नाउ-सीएनएक्स के सर्वे में टीआरएस को 66 सीटें और कांग्रेस नेतृत्व वाले गठबंधन को 37 सीटें दी गई हैं. 

  9. एनडीटीवी के पोल ऑफ एग्जिट पोल्स में मिजोरम के एग्जिट पोल (Mizoram Exit Poll) में मिजो नेशनल फ्रंट (Mizo National Front) यानी एमएनएफ सत्ता हासिल कर सकती है. हालांकि एमएनएफ और कांग्रेस के बीच कड़ी टक्कर होने की संभावना है. एनडीटीवी के पोल ऑफ एग्जिट पोल्स के मुताबिक राज्य की 40 सीटों में से एमएनएफ को 18, कांग्रेस को 16 और अन्य को 6 सीटें मिल सकती हैं. राज्य में बीजेपी को बड़ा झटका लगता दिखाई दे रहा है. बीजेपी के खाते में एक भी सीट जाती नहीं दिख रही है.

  10. मिजोरम की बात करें तो टाइम्स नाऊ-सीएनएक्स के एग्जिट पोल के मुताबिक एमएनएफ को 18, कांग्रेस को 16 और अन्य को 6 सीटें मिल सकती हैं. बीजेपी को एक भी सीट मिलती नहीं दिख रही है. दूसरी तरफ, रिपब्लिक-सी वोटर के अनुसार राज्य में एमएनएफ को 16-20, कांग्रेस को 14-18 और अन्य को 3-10 सीटें मिल सकती हैं. रिपब्लिक-सी वोटर ने भी अपने एग्जिट पोल में बीजेपी को एक भी सीट नहीं दिया है. गौरतलब है कि मिजोरम में हुए विधानसभा चुनाव में पिछले चुनाव की तुलना में मतदान में गिरावट दर्ज की गई. पिछले चुनाव के 83.4 फीसदी के मुकाबले इस बार 75 फीसदी मतदाताओं ने ही वोट डाला था. आपको बता दें कि पूर्वोत्तर में मिजोरम एकमात्र राज्य है जहां कांग्रेस की सरकार है. राज्य में कांग्रेस 2008 से सत्ता में है और उसकी नजरें तीसरी बार सरकार बनाने पर हैं.