अगर आप बनारस में रहते हैं तो ये खबर आपके लिए किसी खुशखबरी से कम नहीं है. उत्तर प्रदेश सरकार ने काशी के लोगों के हित में फैसला लेते हुए, उन्हें बाबा विश्वनाथ मंदिर में वीआईपी दर्शन की सुविधा देने की मंजूरी दे दी है. इसके तहत अब 'काशी द्वार' के जरिए पूरे दिन काशी के स्थानीय लोग अपना आधार कार्ड दिखाकर बाबा विश्वनाथ मंदिर में वीआईपी दर्शन कर सकते हैं.
कब से कब तक कर सकेंगे दर्शन?
नई सुविधा के तहत वाराणसी के रहने वाले लोग यानी बनारसी अब एक वैलिड पहचान पत्र दिखाकर एंट्री कर सकते हैं. ये VIP दर्शन काशी द्वार (गेट नंबर 4B) से होंगे. समय की बात करें तो काशीवासी सुबह 4:15 बजे से लेकर देर रात 10:45 बजे तक मंदिर में प्रवेश कर सकेंगे. इस फैसले से काशी विश्वनाथ मंदिर में भीड़ प्रबंधन को सुचारू रखते हुए स्थानीय भक्तों को अधिकतम सुविधा प्रदान करना है.
जरूरी बात
जानकारी के मुताबिक काशी वासियों को ये सुविधा बड़े त्योहारों और महत्वपूर्ण धार्मिक अवसरों पर उपलब्ध नहीं होगी. दरअसल, इस समय मंदिर में श्रद्धालुओं की काफी ज्यादा संख्या होती है, जिसके कारण भीड़ प्रबंधन बनाए रखने के लिए ये सुविधा बनारसियों के लिए उपलब्ध नहीं होगी.

women free darshan at Shri Kashi Vishwanath Dham
Photo Credit: File Photo
श्रद्धालुओं की प्रतिक्रिया
सरकार के इस फैसले को लेकर काशीवासियों ने बाबा विश्वनाथ मंदिर में दर्शन की नई सुविधा का स्वागत किया और न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए काशी के कुछ स्थानीय लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया दी, जो बाबा विश्वनाथ मंदिर में महाकाल का दर्शन करने के लिए आए हुए थे. उन्हीं में से एक मन्जू मिष्रा ने कहा कि यह नई पहल सराहनीय है. इसके लिए उन्होंने योगी सरकार को आभार व्यक्त किया और कहा कि काशी के होने के बावजूद काशी वासी बाबा विश्वनाथ के दर्शन नहीं कर पाते थे, जो अब संभव है.
एक अन्य काशीवासी ने बताया कि योगी सरकार की यह नई पहर काशी वासियों के लिए एक तोहफा है. उन्होंने कहा कि काशी के लोग चाह कर भी बाबा का दर्शन नहीं कर पा रहे थे. उन्होंने कहा कि काशी में दूर-दराज से हजारों-लाखों की संख्या में श्रद्धालु बाबा के दर्शन के लिए आते हैं. ऐसे में काशी वासी को मौका नहीं मिल पाता था.उन्होंने कहा कि नए नियम के लागू होने से बाबा का दर्शन करना बहुत सुलभ हो गया है. मंदिर परिसर के अंदर भीड़-भाड़ भी नियंत्रित हैं. यह व्यवस्था बहुत की अच्छी और सराहनीय है. इसके लिए मैं प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दिल से धन्यवाद देता हूं.
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