Goa Vishnu temple madanant : भारत के पश्चिमी तट पर स्थित छोटा सा राज्य गोवा अपनी समुद्र तटों, प्राकृतिक परिदृश्य और ऐतिहासिक स्थलों के लिए जाना जाता है. हालांकि गोवा सिर्फ सुंदर बीच और सुंदर हरे-भरे दृष्यों तक ही सीमित नहीं है. यहां की धार्मिक वास्तुशिल्प भी पर्यटकों को बहुत आकर्षित करता है. कई प्राचीन ग्रंथों में गोवा के मंदिरों का जिक्र मिलता है. ऐसे में आज हम आपको यहां पर एक ऐसे मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं, जो भगवान विष्णु को समर्पित है. आइए जानते हैं इस मंदिर की खासियत...
अब नहीं चढ़ेगा काल भैरव मंदिर में शराब का भोग, यहां जानिए क्या थी मदिरा चढ़ाने के पीछे मान्यता
-
पीएम मोदी के ग्लोबल विजन से लेकर RBI गवर्नर के बड़े बयान तक, अखबारों के फ्रंट पेज पर छाया NDTV समिट -
'भारतीय दयालु, ईमानदार और बुद्धिमान होते हैं', खामेनेई ने अपने प्रतिनिधि को भारत भेजते समय क्या कहा था? -
NDTV WORLD SUMMIT 2026 : कृति सेनन को बिकिनी सीन करने में क्यों लगे 12 साल? -
ब्रिटेन के हरियाणवी मेयर तुषार कुमार ने बताया कैसे गरीबों की मदद ने जिताया चुनाव -
टैक्स सिर्फ कमाई पर लगे, पूरी रकम पर नहीं..."F&O ट्रेडर्स के नुकसान पर बोले Zerodha को-फाउंडर निखिल कामत -
जिस शशि थरूर को सुनती है पूरी दुनिया, संसद में वह किसे सुनना पसंद करते हैं? खुद खोला राज -
AI से बुलेट ट्रेन तक... अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का फ्यूचर प्लान -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके?
अब नहीं चढ़ेगा काल भैरव मंदिर में शराब का भोग, यहां जानिए क्या थी मदिरा चढ़ाने के पीछे मान्यता
श्री मदनंत मंदिर की क्या है खासियत - What is special about Shri Madanant Temple?
- यह मंदिर राजधानी पणजी से लगभग 45 किलोमीटर दूरी पर स्थित है. मदनंत मंदिर भगवान विष्णु (lord Vishnu) को समर्पित है. यहां पर भगवान विष्णु अनंत नाग (anantnaag) के रूप में प्रकट हुए थे.
- आपको बता दें कि इस मंदिर में भगवान विष्णु की मूर्ति काले पत्थर में उकेरी गई है और भगवान विष्णु को शयन मुद्रा में दिखाया गया है.
- यह गोवा का एकमात्र मंदिर है जिसमें भगवान विष्णु (lord Vishnu) को शयन मुद्रा में दिखाया गया है.
- यही नहीं इस विशाल मंदिर परिसर में अन्य देवताओं - शांतादुर्गा, कामिनी, नारायण और ग्रामपुरुष के मंदिर भी मौजूद हैं.
- इस मंदिर में कई तरह के त्योहार मनाए जाते हैं, जिनमें सबसे ज्यादा लोकप्रिय शिबिकोत्सव है. इस पर्व के दौरान भगवान अनंत की पालकी को भक्त अपने कंधों पर उठाकर मंदिर परिसर में घुमाते हैं.
- गोवा से अलग अन्य मंदिरों से इसकी छत टाइलों से बनी है. इस मंदिर में आपको गुंबद नजर नहीं आएगा. दीवारें प्लास्टर की हुई सादी हैं.
- वहीं, अंदर से यह मंदिर बाहर से अलग है. अंदर में लकड़ी की नक्काशी की गई है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं