ज्योतिष में शनि देव को कर्म, न्याय, देरी और अनुशासन से जोड़कर देखा जाता है. कुंडली में शनि कमजोर होने या साढ़ेसाती शुरू होने पर लोग तेल चढ़ाने और दान जैसे उपाय करते हैं. लेकिन ज्योतिष विशेषज्ञ डॉ. निधि जैन के अनुसार, इन उपायों के साथ घर और ऑफिस के वास्तु पर भी ध्यान देना जरूरी है. वास्तु मान्यता के अनुसार पश्चिम दिशा का संबंध शनि से माना जाता है. ऐसे में यहां कुछ बदलाव करने से सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने में मदद मिल सकती है.
पश्चिम दिशा में न रखें कबाड़
डॉ. निधि जैन के अनुसार, घर या ऑफिस की पश्चिम दिशा को साफ और व्यवस्थित रखना चाहिए. यहां टूटा हुआ लोहा, खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान, बंद घड़ी या अनावश्यक कबाड़ रखने से बचें. मान्यता है कि साफ-सुथरा पश्चिमी हिस्सा शनि से जुड़े वास्तु को बेहतर रखने में मदद करता है.
मुख्य दरवाजे पर न लगाएं जूतों का ढेर
घर के मुख्य प्रवेश द्वार पर बिखरे जूते-चप्पल रखना भी वास्तु के लिहाज से ठीक नहीं माना जाताा है. विशेषज्ञ के मुताबिक प्रवेश स्थान को हमेशा साफ रखें और जूतों को व्यवस्थित तरीके से रखें.
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पश्चिम दिशा में इन रंगों से बचें
वास्तु मान्यताओं के अनुसार पश्चिम दिशा में लाल या बहुत गहरे रंगों का इस्तेमाल करने से बचनाा चाहिए. इसकी जगह नीला, ग्रे, चारकोल या सफेद रंग इस्तेमाल किया जा सकता है.
कर्मचारियों और मददगारों का रखें सम्मान
डॉ. निधि जैन ने बताया कि घर या काम की जगह पर मदद करने वाले कर्मचारी, ड्राइवर और श्रमिकों को शनि से जोड़कर देखा जाता है. उनके आराम करने की जगह साफ रखें और उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार करें. विशेषज्ञ के मुताबिक, कुंडली से जुड़े उपायों के साथ वास्तु से जुड़े इन बदलावों को अपनाने से सकारात्मक वातावरण बनाने में मदद मिल सकती है. हालांकि, इन्हें धार्मिक और वास्तु मान्यताओं के तौर पर ही देखनाा चाहिए.
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