
प्रतीकात्मक चित्र
नई दिल्ली:
देश में सीमा पर सुरक्षा में लगे जवानों को उनके घर की याद तो आती है. ऐसे में उनके लिए कई स्कूलों की लड़कियों ने राखियां भेजी हैं ताकि जवान सीमा पर अकेला न महसूस करें. सैनिकों के साथ एकजुटता दिखाते हुए तमिलनाडु, जम्मू एवं कश्मीर, गुजरात, उत्तराखंड, राजस्थान, असम और सिक्किम से बच्चियों और महिलाएं सियाचिन, जैसलमेर और सिक्किम में तैनात जवानों के लिए हजारों राखियां भेज रही हैं. जवानों के लिए भेजी जा रही राखियों को रक्षा राज्यमंत्री डॉ. सुभाष भामरे ने स्वीकार किया.
यह भी पढ़ें : Raksha Bandhan 2017: इन खास बातों को क्या जानते हैं आप
डॉ. भामरे ने कहा कि पूरा देश जवानों के साथ खड़ा है, जो सीमा पर बड़ी कठिन परिस्थितियों में मुस्तैदी से तैनात हैं. यह इन जांबाजों के प्रति अपना प्यार और स्नेह व्यक्त करने की महिलाओं की भावना है.
उन्होंने कहा, "राखियां हस्तनिर्मित हैं. नन्हे बच्चे, खासकर लड़कियां, सीमा पर बेहद कठिन परिस्थितियों में दिन-रात तैनात जवानों को शानदार राखियां और मधुर संदेशों के साथ ग्रीटिंग कार्ड्स भेज रही हैं." इस मौके पर मौजूद कुछ जवानों की कलाइयों पर स्कूली बच्चों ने राखियां बांधी.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यह भी पढ़ें : Raksha Bandhan 2017: इन खास बातों को क्या जानते हैं आप
डॉ. भामरे ने कहा कि पूरा देश जवानों के साथ खड़ा है, जो सीमा पर बड़ी कठिन परिस्थितियों में मुस्तैदी से तैनात हैं. यह इन जांबाजों के प्रति अपना प्यार और स्नेह व्यक्त करने की महिलाओं की भावना है.
उन्होंने कहा, "राखियां हस्तनिर्मित हैं. नन्हे बच्चे, खासकर लड़कियां, सीमा पर बेहद कठिन परिस्थितियों में दिन-रात तैनात जवानों को शानदार राखियां और मधुर संदेशों के साथ ग्रीटिंग कार्ड्स भेज रही हैं." इस मौके पर मौजूद कुछ जवानों की कलाइयों पर स्कूली बच्चों ने राखियां बांधी.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं