Pradosh Vrat Kitne Prakar Ke Hote Hain: हिंदू धर्म में देवों के देव महादेव की पूजा के लिए किसी भी मास के कृष्णपक्ष और शुक्लपक्ष की त्रयोदशी तिथि का बहुत ज्यादा महत्व माना गया है. सनानत परंपरा में इस पावन तिथि को प्रदोष व्रत के नाम से जाना जाता है. इस दिन भगवान शिव की पूजा दिन और रात्रि के संधिकाल यानि प्रदोष काल में की जाती है. भगवान शिव की कृपा बरसाने वाले सोम प्रदोष व्रत से लेकर रवि प्रदोष व्रत को करने पर क्या फल मिलता है? आइए इसके धार्मिक महत्व के बारे में विस्तार से जानते हैं.
सोम से लेकर रवि प्रदोष व्रत के लाभ

सोम प्रदोष व्रत
हिंदू धर्म में सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित है. ऐसे में यदि शिव कृपा बरसाने वाला व्रत का संयोग सोमवार के साथ बनता है तो वह सबसे उत्तम दिन माना जाता है. मान्यता है कि सोम प्रदोष व्रत को करने पर साधक की सभी कामनाएं पूरी और कष्ट दूर होते हैं.
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मंगल प्रदोष व्रत
सनातन परंपरा में मंगलवार के दिन पड़ने वाले प्रदोष व्रत को मंगल प्रदोष व्रत या फिर भौम प्रदोष व्रत के नाम से जाना जाता है. मंगलवार के दिन पड़ने वाला यह प्रदोष व्रत जीवन में सब मंगल ही मंगल करने वाला माना गया हैं मान्यता है कि भौम प्रदोष व्रत के पुण्यफल से साधक के पाप एवं दोष दूर होते हैं और उसके सुख, संपत्ति, साहस और आत्मविश्वास की वृद्धि होती है.
बुध प्रदोष व्रत

रिद्धि-सिद्धि के दाता भगवान श्री गणेश जी को समर्पित बुधवार के दिन जब प्रदोष व्रत पड़ता है तो वह बुध प्रदोष कहलाता है. मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से प्रदोष व्रत को करने पर साधक की विशेष कामनाएं शीघ्र ही पूरी होती हैं. इस दिन पूजा करने पर साधक पर शिव संग गणपति का आशीर्वाद बरसता है, जिससे उसके जीवन में आने वाली सभी बाधाएं दूर होती हैं और सारे कार्य सफल होते हैं.
गुरु प्रदोष व्रत
भगवान शिव की पूजा से जुड़ा प्रदोष व्रत जब गुरुवार के दिन पड़ता है तो गुरु प्रदोष व्रत के नाम से जाना जाता है. देवगुरु बृहस्पति से जुड़े इस दिन शिव पूजा करने पर साधक के सभी भय और कष्ट दूर होते हैं. गुरु प्रदोष व्रत के पुण्य प्रताप से उसका गुडलक काम करता है और उसे जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में मनचाही सफलता प्राप्त होती है.
शुक्र प्रदोष व्रत

शुक्रवार के दिन पड़ने वाला प्रदोष व्रत शुक्र प्रदोष व्रत के नाम से जाना जाता है. हिंदू मान्यता के अनुसार इस दिन पड़ने वाला प्रदोष व्रत जीवन से जुड़े सभी सुखों की अभिलाषा को पूर्ण करने वाला माना गया है. मान्यता है कि शुक्र प्रदोष व्रत के पुण्य प्रभाव से व्यक्ति के जीवन में सुख-सुविधाएं बढ़ती हैं और उसे धन-धान्य की कभी कमी नहीं होती है.
शनि प्रदोष व्रत
शनिवार के दिन पड़ने वाला प्रदोष व्रत शनि प्रदोष के नाम से जाना जाता है. इस दिन शिव पूजा से जुड़ा यह पावन व्रत करने पर साधक पर शिव संग शनि देवता की कृपा बरसती है. शनि प्रदोष व्रत के पुण्य प्रताप से साधक को संतान सुख प्राप्त होता है. इस दिन रखा जाने वाला व्रत पुत्र के सुख-सौभाग्य में वृद्धि करता है.
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रवि प्रदोष व्रत
भगवान सूर्य को समर्पित दिन यानि रविवार के दिन पड़ने वाला प्रदोष व्रत रवि प्रदोष व्रत के नाम से जाना जाता है. हिंदू मान्यता के अनुसार इस पावन व्रत को करने पर साधक को सुख-सौभाग्य के साथ आरोग्य की प्राप्ति होती है. रवि प्रदोष व्रत के पुण्य फल साधक को लंबी आयु का आशीर्वाद प्राप्त होता है.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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