हर साल आषाढ़ महीने की शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को पार्वती जयंती का पर्व मनाया जाता है. इस दिन मां पार्वती की पूजा करने का विधान है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसी तिथि पर पर्वतराज हिमालय और माता मैना के घर देवी पार्वती का जन्म हुआ था. इस साल पार्वती जयंती का पर्व 21 जुलाई, दिन मंगलवार को मनाया जाएगा. इसी कड़ी में आज हम आपको पार्वती जयंती की पूजा विधि, शुभ मुहूर्त समेत अन्य जरूरी जानकारी बताने जा रहे हैं. आइए जानते हैं...
पार्वती जयंती तिथि
पंचांग के अनुसार, इस साल आषाढ़ माह की शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि की शुरुआत 21 जुलाई 2026 को सुबह 04 बजकर 02 मिनट पर होगी. वहीं, इस तिथि का समापन 22 जुलाई 2026 की सुबह 05 बजकर 16 मिनट पर होगा. ऐसे में उदया तिथि को देखते हुए पार्वती जयंती 21 जुलाई 2026, दिन मंगलवार को मनाई जाएगी.
शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:14 से सुबह 04:55 तक.
- अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:00 से दोपहर 12:55 तक.
- विजय मुहूर्त: दोपहर 02:44 से दोपहर 03:39 तक.
- सायाह्न सन्ध्या: शाम 07:19 से रात 08:20 तक.
- अमृत काल: दोपहर 01:58 से दोपहर 03:41 तक.
- निशिता मुहूर्त: रात 12:07 से रात 12:48 तक.
पूजा विधि
पार्वती जयंती के दिन ब्रह्म मुहू्र्त में उठकर स्नान करें और साफ-सुथरे कपड़े पहनें.
पूजा स्थान की सफाई करें और चौकी स्थापित करें.
इसके बाद चौकी पर मां पार्वती की मूर्ति स्थापित करें.
माता को लाल चुनरी, सिंदूर, चंदन, अक्षत, लाल पुष्प, रोली अर्पित करें.
इसके बाद पूजा-आरती करें और भोग लगाकर पूजा संपन्न करें.
मां पार्वती की आरती
ब्रह्म सनातन देवी शुभ फल की दाता॥
जय पार्वती माता
अरिकुल पद्म विनाशिनि जय सेवक त्राता।
जग जीवन जगदंबा, हरिहर गुण गाता॥
जय पार्वती माता
सिंह को वाहन साजे, कुण्डल हैं साथा।
देव वधू जस गावत, नृत्य करत ताथा॥
जय पार्वती माता
सतयुग रूपशील अतिसुन्दर, नाम सती कहलाता।
हेमांचल घर जन्मी, सखियन संग राता॥
जय पार्वती माता
शुम्भ-निशुम्भ विदारे, हेमांचल स्थाता।
सहस्त्र भुजा तनु धरि के, चक्र लियो हाथा॥
जय पार्वती माता
सृष्टि रूप तुही है जननी शिवसंग रंगराता।
नन्दी भृंगी बीन लही सारा जग मदमाता॥
जय पार्वती माता
देवन अरज करत हम चित को लाता।
गावत दे दे ताली, मन में रंगराता॥
जय पार्वती माता
श्री प्रताप आरती मैया की, जो कोई गाता।
सदासुखी नित रहता सुख सम्पत्ति पाता॥
जय पार्वती माता
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.
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