Nautapa 2026 Start Date: ज्योतिष शास्त्र में नौतपा को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है. ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार हर वर्ष नौतपा की शुरुआत ज्येष्ठ महीने में होती है. यह नौ दिनों की वह अवधि होती है, जब भीषण गर्मी पड़ती है. नौतपा दो शब्दों से मिलकर बना है- 'नौ' और 'तपा', जिनका अर्थ है नौ दिनों तक तपाने वाली भीषण गर्मी. इसी कड़ी में आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि इस साल नौतपा की शुरुआत कब होगी और इसका ज्योतिषीय महत्व क्या है. इसकी जानकारी ज्योतिषाचार्य डॉक्टर गौरव कुमार दीक्षित ने NDTV से बातचीत के दौरान दी है. आइए जानते हैं...
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कब से शुरू होगा नौतपा?
ज्योतिषाचार्य डॉक्टर गौरव कुमार दीक्षित बताते हैं कि इस साल नौतपा की शुरुआत 25 मई से होगी. वहीं, इसका समापन 2 जून को होगा. इन 9 दिनों में भीषण गर्मी पड़ती है और इसका सीधा संबंध मानसून की बारिश से होता है. वहीं, अगर इन 9 दिनों के बीच में बारिश हो जाती है तो नौतपा समाप्त हो जाता है. इसके अलावा, आने वाला मानसून कैसा रहेगा, इसका अनुमान भी नौतपा के इन नौ दिनों के आधार पर लगाया जाता है.

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क्या है नौतपा का महत्व?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार नौतपा के 9 दिन ग्रहों के राजा सूर्य 15 दिनों तक रोहिणी नक्षत्र में विराजमान रहते हैं. साथ ही इस अवधि में सूरज की रोशनी सीधे धरती पर पड़ती है, जिससे तापमान काफी ज्यादा बढ़ जाता है. दरअसल, रोहिणी नक्षत्र के स्वामी चंद्रमा है जो शीतला के प्रतीक माने जाते हैं. लेकिन जब सूर्यदेव इस नक्षत्र में प्रवेश करते हैं तो वह शीतलता सोख लेते हैं जिससे गर्मी बेहद बढ़ जाती है.
नौतपा के दौरान क्या करें?
- नौतपा में सूर्यदेव को प्रसन्न करने के लिए रोजाना सूर्योदय होने से पहले स्नान करें और तांबे के लोटे में जल लेकर सूर्यदेव को अर्पण करें.
- नौतपा में पक्षियों को पानी पिलाना और गुड़, घी, गेहूं और लाल कपड़े का दान गरीबों को करना शुभ माना जाता है.
- माना जाता है कि पानी और गुड़ का दान ज्येष्ठ माह में करना 100 गुना पुण्य देता है.
- नौतपा में 'आदित्य हृदय स्तोत्र' और सूर्य गायत्री मंत्र का जाप करने से सूर्य देव प्रसन्न होते हैं.
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