आज यानी 13 जून को मासिक शिवरात्रि का व्रत रखा जा रहा है. भगवान शिव की पूजा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह दिन विशेष महत्व रखता है. मान्यता है कि मासिक शिवरात्रि पर सच्चे मन से भगवान शिव की पूजा-अर्चना और व्रत करने से जीवन में सुख-शांति आती है तथा मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. पंचांग के अनुसार 13 जून को कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि दोपहर 4 बजकर 8 मिनट तक रहेगी. इसके बाद चतुर्दशी तिथि शुरू हो जाएगी. ऐसे में निशिता काल को देखते हुए मासिक शिवरात्रि का व्रत आज यानी 13 जून को रखा जा रहा है.
करें शिव जी की आरती
मासिक शिवरात्रि के पावन अवसर पर भोलेनाथ की पूजा अर्चना करने के साथ-साथ आरती करना बेहद लाभदायक माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ऐसा करने से जीवन में सुख-शांति बनी रहती है और साधक को मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है. इसके अलावा भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और अपनी कृपा बनाए रखते हैं. पूजा के शुभ मुहूर्त की बात करें तो, निशिता काल सबसे श्रेष्ठ समय रहेगा. ऐसे में 13 जून को निशिता काल रात 12 बजे से 12:45 बजे तक रहेगा. शिव भक्त इस समय भगवान शिव की विशेष पूजा कर सकते हैं.
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यहां पढ़ें शिव जी की आरती
ओम जय शिव ओंकारा, स्वामी जय शिव ओंकारा।
ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा॥ ओम जय शिव ओंकारा॥
एकानन चतुरानन पञ्चानन राजे।
हंसासन गरूड़ासन वृषवाहन साजे॥ ओम जय शिव ओंकारा॥
दो भुज चार चतुर्भुज दसभुज अति सोहे।
त्रिगुण रूप निरखत त्रिभुवन जन मोहे॥ ओम जय शिव ओंकारा॥
अक्षमाला वनमाला मुण्डमालाधारी।
त्रिपुरारी कंसारी कर माला धारी॥ ओम जय शिव ओंकारा॥
श्वेताम्बर पीताम्बर बाघंबर अंगे।
सनकादिक गरुड़ादिक भूतादिक संगे॥ ओम जय शिव ओंकारा॥
कर के मध्य कमण्डल चक्र त्रिशूलधारी।
जगकर्ता जगभर्ता जगसंहारकर्ता॥ ओम जय शिव ओंकारा॥
ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका।
प्रणवाक्षर के मध्ये ये तीनों एका॥ ओम जय शिव ओंकारा॥
पर्वत सोहैं पार्वती, शंकर कैलासा।
भांग धतूरे का भोजन, भस्मी में वासा॥ ओम जय शिव ओंकारा॥
जटा में गंग बहत है, गल मुण्डन माला।
शेष नाग लिपटावत, ओढ़त मृगछाला॥ ओम जय शिव ओंकारा॥
काशी में विराजे विश्वनाथ, नन्दी ब्रह्मचारी।
नित उठ दर्शन पावत, महिमा अति भारी॥ ओम जय शिव ओंकारा॥
त्रिगुणस्वामी जी की आरति जो कोइ नर गावे।
कहत शिवानन्द स्वामी, मनवान्छित फल पावे॥
ओम जय शिव ओंकारा॥ स्वामी ओम जय शिव ओंकारा॥
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.
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