Masik Shivratri: आज मासिक शिवरात्रि के दिन मान्यतानुसार इस तरह की जाती है भोलेनाथ की पूजा 

Masik Shivratri 2022: आज मासिक शिवरात्रि के दिन आप भी जानिए भगवान शिव की मान्यताओं के अनुसार किस तरह पूजा की जाती है.

Masik Shivratri: आज मासिक शिवरात्रि के दिन मान्यतानुसार इस तरह की जाती है भोलेनाथ की पूजा 

Shivratri 2022: भक्त शिवरात्रि के दिन अपने आराध्य शिव की पूजा में लीन रहते हैं.

खास बातें

  • आज मासिक शिवरात्रि चैत्र मास में पड़ी है.
  • चैत्र मास में पड़ रही इस शिवरात्रि का विशेष महत्व है.
  • भक्तों को इस दिन कुछ कार्यों से दूर रहने की सलाह भी दी जाती है.

Masik Shivratri 2022: हिन्दू धर्म में शिवरात्रि का विशेष महत्व है. इस दिन भक्त अपने आराध्य शिव की विधि-विधान से पूजा करते हैं. इस महीने चैत्र माह में पंचांग के अनुसार मासिक शिवरात्रि (Masik Shivratri) आज यानी 30 मार्च, बुधवार के दिन मनाई जाएगी. 30 मार्च के दिन दोपहर 1 बजकर 19 मिनट से आरंभ होकर इसका समापन अगले दिन 31 मार्च, गुरुवार दोपहर 12 बजकर 22 मिनट पर होगा. कहा जाता है कि इस शिवरात्रि पर भोलेनाथ (Bholenath) की पूजा करना दांपत्य जीवन के लिए अच्छा होता है और जिन लोगों के विवाह में दिक्कतें आती हैं उन्हें इस दिन व्रत रखकर पूजा करनी चाहिए. 

मासिक शिवरात्रि का शुभ मुहूर्त | Masik Shivratri Shubh Muhurt 

मासिक शिवरात्रि मान्यताओं के अनुसार रात के समय मनाई जाती है. हिन्दू पंचांग के अनुसार चैत्र मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दिशी तिथि को पड़ रही मासिक शिवरात्रि का शुभ मुहूर्त 31 मार्च रात 12 बजकर 2 मिनट से शुरू होकर 12 बजकर 48 मिनट तक रहेगा. 


मासिक शिवरात्रि की पूजा विधि 

  •  मान्यतानुसार सुबह नहा-धोकर तैयार हो जाना चाहिए और घर के मंदिर में ही सबसे पहले भोलनाथ की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वललित करना चाहिए. 
  • कहा जाता है कि शिवरात्रि व्रत रखने वालों को दिन में कई बार अंतराल पर शिव मंत्र (Shiva Mantra) 'ॐ नमः शिवाय' का जाप करना चाहिए. 
  • शाम के समय पूजा से पहले एक बार फिर स्नान करना शुभ माना जाता है और मंदिर में जाकर शिवलिंग (Shiva Linga) को जल व दूध से अभिषेक किया जाता है. 
  •  पूजा करते समय मान्यता के अनुसार दूध, धतूरा, बेलपत्र, चन्दन, शहद, चीनी, घी और दही आदि पूजा के दौरान शिवलिंग पर अर्पित किए जाते हैं.  

इन बातों का रखें ध्यान 

  • शिवरात्रि पर कुछ कार्यों को वर्जित माना जाता है, जैसे व्रत करने वाले आटे, चावल और दाल का सेवन नहीं करते. 
  • इस दिन लहसुर और प्याज खाना भी वर्जित कहा जाता है. 
  • भक्तों को सलाह दी जाती है कि वह किसी भी तरह के लड़ाई झगड़े से दूर रहें. 
  • मान्यताओं के अनुसार शिवलिंग पर नारियल का पानी नहीं चढ़ाया जाता. 

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(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)