Aakhri Bada Mangal Kab Hai 2026: हिंदू धर्म में हनुमान जी की पूजा के लिए मंगलवार का दिन अत्यंत ही शुभ और पुण्यदायी माना गया है, लेकिन इसकी शुभता तब और भी ज्यादा बढ़ जाती है, जब यह जेठ महीने में पड़ता है और बड़ा मंगल कहलाता है. पंचांग के अनुसार कल 23 जून 2026 को साल का आखिरी और आठवां बड़ा मंगल पड़ेगा. सनातन परंपरा में जिस बड़ा मंगल या फिर कहें बुढ़वा मंगल को सभी संकट और बाधाओं को दूर करते हुए मनोकामनाओं को पूरा करने वाला माना गया है, उसकी पूजा अगर आपने अब तक नहीं कर पाए हैं तो आपको कल इसका पुण्यलाभ उठाने से नहीं चूकना चाहिए. आइए साल के आखिरी बड़ा मंगल की पूजा विधि, महत्व और महाउपाय के बारे में विस्तार से जानते हैं.
आखिरी बड़ा मंगल पर कैसे करें हनुमान जी की पूजा?

जेठ महीने के आखिरी बड़ा मंगल पर साधक को प्रात:काल सूर्योदय से पहले उठकर स्नान-ध्यान करने के बाद सबसे पहले इस पावन पूजा और व्रत को विधि-विधान से करने का संकल्प लेना चाहिए। हनुमत भक्त को इस दिन लाल रंग के वस्त्र पहनने और लाल रंग के आसन पर बैठकर पूजा करने को प्रयास करना चाहिए। हनुमान जी की पूजा घर के ईशान कोण में अथवा किसी हनुमत धाम पर बैठकर एकाग्र मन से करें। हनुमान जी की पूजा में पवित्रता का विशेष ख्याल रखें। हिंदू मान्यता के अनुसार हनुमान जी की साधना प्रात:काल या फिर संध्या के समय करें। आखिरी बड़ा मंगल का पुण्यफल पाने के लिए पूजा के दौरान चालीसा का पाठ और अंत में खैर की लकड़ी से हवन और आरती करना बिल्कुल न भूलें।
बड़ा मंगल की पूजा के उपाय

- बड़ा मंगल की पूजा का पुण्यफल पाने के लिए साधक को हनुमान जी की पूजा में लाल रंग के पुष्प जैसे गुड़हल, गुलाब आदि और तुलसी दल विशेष रूप से अर्पित करना चाहिए. बड़ा मंगल की पूजा वाले दिन हनुमान जी की पूजा में चढ़ाई जाने वाली तुलसी को एक दिन पूर्व तोड़ लेना चाहिए.
- आखिरी बड़ा मंगल वाले दिन साधक को हनुमान जी की पूजा में विशेष रूप से सिंदूर का चोला और लाल रंग की झंडी अवश्य चढ़ाना चाहिए.
- हिंदू मान्यता के अनुसार यदि किसी भी देवी या देवता को उससे जुड़े पावन दिन या पर्व पर पूजा के दौरान प्रिय चीजों का भोग लगाया जाता है तो वे शीघ्र ही प्रसन्न होकर अपनी कृपा बरसाते हैं. ऐसे में बड़ा मंगल की पूजा के समय साधक को बूंदी, बेसन के लड्डू, चूरमा, गुड़-चना और मौसमी फल अर्पित करना चाहिए.

- हनुमान जी की पूजा में पुष्प, फल तथा भोग समेत तमाम चीजें अर्पित करने के बाद साधक को विशेष रूप से गुलकंद वाला मीठा पान भी चढ़ाना चाहिए. मान्यता है कि हनुमान जी की पूजा में पान के उपाय से साधक के जीवन में मिठास बनी रहती है और वह स्वस्थ और सुखी जीवन जीवन जीता है.
- हिंदू मान्यता के अनुसार बड़ा मंगल वाले दिन हनुमान जी की पूजा के साथ उनके नाम का भंडारा करने का बहुत ज्यादा महत्व माना गया है. मान्यता है कि भंडारा प्रसाद बांटने या फिर उसमें तमाम तरह से सहयोग करने पर साधक पर हनुमत कृपा बरसती है और उसे बल, बुद्धि, विद्या, विवेक और सुख-संपत्ति प्राप्त होती है.
- हिंदू मान्यता के अनुसार बड़ा मंगल वाले दिन हनुमान जी पूजा के साथ आम लोगों के लिए जल सेवा का बहुत ज्यादा महत्व माना गया है. ऐसे में साधक को जून महीने की गर्मी से राहत दिलाने वाली जल सेवा करनी चाहिए. बड़ा मंगल पर आप जरूरतमंद लोगों को शीतल जल और शरबत पिलाकर पुण्यलाभ उठा सकते हैं.
बड़ा मंगल का धार्मिक महत्व

हिंदू मान्यता के अनुसार कलयुग में कष्टों को दूर करने और कामनाओं को पूरा करने के लिए हनुमत उपासना सबसे अधिक फलदायी माना गई है. हिंदू मान्यता के अनुसार प्रत्येक युग में पृथ्वी पर मौजूद रहने वाले चिरंजीवी हनुमान जी पूजा यदि ज्येष्ठ मास के बड़ा मंगल पर की जाए तो मारुति नंदन हनुमान जी उस पर शीघ्र ही अपनी कृपा बरसाते हुए उसके सारे संकट हर लेते हैं. हिंदू मान्यता के अनुसार अष्टसिद्धि और नवनिधि के दाता कहलाने वाले हनुमान जी का प्रताप चारों दिशाओं में रहता है, इसलिए जो कोई भी भक्त बड़ा मंगल वाले दिन सच्चे मन से उनकी पूजा, जप, तप और व्रत करता, उस पर हर समय हनुमत कृपा बनी रहती है और उसका कोई भी बाल बांका नहीं कर पाता है.
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