हिंदू धर्म में संकष्टी चतुर्थी के व्रत का खास महत्व माना जाता है. यह व्रत भगवान गणेश को समर्पित होता है. आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली संकष्टी चतुर्थी को कृष्णपिंगल संकष्टी चतुर्थी कहा जाता है. इस साल यह व्रत आज 3 जुलाई 2026, शुक्रवार को रखा जा रहा है. मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और नियम के साथ भगवान गणेश की पूजा करने से जीवन के दुख-दर्द दूर होते हैं और हर काम में सफलता मिलने का आशीर्वाद प्राप्त होता है.
कब से शुरू होगी चतुर्थी तिथि?
पंचांग के अनुसार, 3 जुलाई की सुबह 11 बजकर 20 मिनट तक तृतीया तिथि रहेगी. इसके बाद चतुर्थी तिथि शुरू होगी. इसलिए संकष्टी चतुर्थी का व्रत और पूजा इसी दिन की जाएगी. रात में चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद ही व्रत का पारण किया जाएगा.
पूजा के लिए शुभ मुहूर्त- आज ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:13 बजे से 5:01 बजे तक रहेगा. यह समय भगवान का ध्यान और पूजा करने के लिए सबसे उत्तम माना जाता है.
- इसके अलावा दोपहर 12:04 बजे से 12:57 बजे तक अभिजीत मुहूर्त रहेगा, जिसे हर तरह के शुभ कार्यों के लिए अच्छा माना जाता है.
- वहीं, सुबह 5:49 बजे से 11:46 बजे तक सर्वार्थ सिद्धि योग भी रहेगा. इस योग में की गई पूजा और शुभ कार्यों का विशेष फल मिलने की मान्यता है.
- चंद्रोदय रात 9:47 बजे और चंद्रास्त अगले दिन सुबह 9:20 बजे होगा.
- सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें.
- इसके बाद हाथ में जल लेकर व्रत का संकल्प लें.
- पूजा स्थान को साफ कर गंगाजल से शुद्ध कर लें.
- इसके बाद भगवान गणेश की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें.
- भगवान को सिंदूर, अक्षत, लाल फूल और दूर्वा घास अर्पित करें. माना जाता है कि दूर्वा भगवान गणेश को बहुत प्रिय है.
- इसके बाद भगवान गणेश को मोदक, लड्डू या गुड़-चना का भोग लगाएं.
- पूजा के दौरान 'ॐ गं गणपतये नमः' मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें.
- इसके साथ संकष्टी चतुर्थी की व्रत कथा पढ़ें या सुनें.
- दिनभर व्रत रखने के बाद रात में चंद्रमा के दर्शन करें और जल, दूध तथा चंदन मिलाकर उन्हें अर्घ्य दें.
- इसके बाद भगवान गणेश की आरती करें और फिर व्रत का पारण करें.
धार्मिक मान्यता के अनुसार, कृष्णपिंगल संकष्टी चतुर्थी का व्रत करने से भगवान गणेश प्रसन्न होते हैं और भक्तों के जीवन की परेशानियां दूर करते हैं. यह व्रत सुख-समृद्धि, बुद्धि, सफलता और परिवार की खुशहाली के लिए भी बहुत शुभ माना जाता है.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
यह भी पढ़ें- Asha Dashami 2026: आशा दशमी व्रत कब है? जानें इसकी पूजा विधि, नियम और बड़े लाभ
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं