Kinnar Ko Daan Karne Ke Fayde: हिंदू धर्म में न तो स्त्री और न ही पुरुष कहलाने वाले किन्नरों के आशीर्वाद का बहुत ज्यादा महत्व माना गया है, यही कारण है कि तमाम मांगलिक अवसरों पर नेग मागने वाले इन किन्नरों को हर कोई अपने सामर्थ्य के अनुसार धन, अन्न और वस्त्र आदि देकर प्रसन्न करने का प्रयास करता है. मान्यता है कि दान से प्रसन्न होकर जब किन्नर अपना आशीर्वाद देते हैं तो व्यक्ति के घर में बरकत आती है और उसे कभी भी परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता है. आइए किन्नरों को दिये जाने वाले दान का धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व को विस्तार से जानते हैं.
किन्नरों का धार्मिक महत्व क्या है?

सनातन परंपरा में किन्नरों को लेकर मान्यता है कि उनके भीतर एक दैवीय शक्ति होती है, जिसके कारण उनका दिया हो श्राप हो या फिर आशीर्वाद, व्यक्ति को शीघ्र ही लगता है. यही कारण है कि उन्हें सिर्फ एक विशिष्ट समुदाय के रूप में ही नहीं बल्कि एक ऐसी दिव्य शक्ति के रूप में देखा जाता है, जो लोक कल्याण का माध्यम बनती है. पौराणिक मान्यता के अनुसार यक्ष और गंधर्वों के समान इस समुदाय को आम आदमी की श्रेणी से ऊपर और देवताओं के समतुल्य होते हैं. किन्नरों को भगवान शिव का 'अर्धनारीश्वर' स्वरूप भी माना जाता है.
किन्नरों को क्यों दिया जाता है दान?

हिंदू धर्म में किन्नरों का सम्मान और उन्हें दान देने की परंपरा सदियों से चली आ रही है. जिन किन्नरों से जुड़े प्रसंग हमें रामायणकाल से लेकर महाभारतकाल तक जानने-सुनने को मिलते हैं, उन्हें तमाम कामनाओं और कारणों से दान दिया जाता है, जिसमें न सिर्फ धार्मिक बल्कि ज्योतिषीय कारण भी समाहित है.
मंगलकामना से जुड़ा है किन्नरों का दान
हिंदू मान्यता के अनुसार शादी, सगाई, गृह प्रवेश और बच्चे के जन्म आदि के शुभ अवसरों पर किन्नरों को दान इसलिए दिया जाता है ताकि उनके आशीर्वाद से जीवन शुभ और सुखमय बना रहे तथा कभी भी उसे किसी की बुरी नजर न लगे. किसी मांगलिक कार्यों के दौरान किन्नरों का आकर नाचना-गाना और खुश होकर अपना आशीर्वाद बरसाना एक 'शुभ शकुन' माना जाता है.
किन्नरों के आशीर्वाद से दूर होती है नकारात्मक ऊर्जा

हिंदू मान्यता के अनुसार देवताओं के समान दिव्य शक्ति रखने वाले जिस स्थान पर प्रसन्न होकर नाचते-गाते हैं और प्रसन्न होकर अपना आशीर्वाद बरसाते हैं, उस स्थान की नकरात्मक ऊर्जा दूर होती है और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है. किन्नर अपनी आध्यात्मिक ऊर्जा के प्रभाव से उस स्थान की सारी नकारात्मकता को हर लेते हैं.
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किन्नरों के दान से दूर होता बुध ग्रह का दोष
किन्नरों को दिये जाने वाले दान के पीछे सिर्फ मंगल कार्यों की शुभता जैसे धार्मिक कारण ही नहीं बल्कि ज्योतिषीय कारण भी जुड़े होते हैं. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार किन्नरों का संबंध बुध ग्रह से जुड़ा होता है. ऐसे में यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में बुध ग्रह से जुड़े दोष हैं तो उससे बचने के लिए बुधवार के दिन किसी भी किन्नर को आदर के साथ हरे रंग के वस्त्र, श्रृंगार की सामग्री, अन्न, धन आदि का दान करना चाहिए.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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