Kab hai kamada ekadashi 2026 : सनातन परंपराओं में एकादशी व्रत का खास महत्व माना जाता है और इनमें भी कामदा एकादशी को बहुत शुभ माना जाता है. मान्यता है कि ये व्रत भगवान विष्णु को समर्पित होता है और इसे करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि आती है. लेकिन सिर्फ व्रत रखना ही काफी नहीं होता, इसका सही समय पर पारण करना भी उतना ही जरूरी होता है. अगर पारण सही विधि से न किया जाए तो व्रत का पूरा फल नहीं मिलता. ऐसे में हर किसी के मन में यही सवाल रहता है कि आखिर कामदा एकादशी का पारण कब और कैसे करना चाहिए.
Kamada Ekadashi 2026: कल रखा जाएगा मार्च की आखिरी एकादशी का व्रत? जान लें सही समय और पूजा विधि
कामदा एकादशी कब है?
पंचांग के अनुसार, इस बार एकादशी तिथि की शुरुआत सुबह 08 बजकर 45 मिनट पर हो चुकी है और इसका समापन अगले दिन सुबह 07 बजकर 46 मिनट पर होगा. उदया तिथि के अनुसार 29 मार्च को कामदा एकादशी का व्रत रखा जाएगा. ये दिन भगवान विष्णु की पूजा के लिए बेहद शुभ माना जाता है.

पारण का सही समय
शास्त्रों के अनुसार एकादशी व्रत का पारण हमेशा द्वादशी तिथि में किया जाता है. इस बार पारण 30 मार्च को सुबह 06 बजकर 14 मिनट से 07 बजकर 09 मिनट के बीच करना शुभ रहेगा. इसी समय के भीतर व्रत खोलना सबसे अच्छा माना गया है.
पारण की आसान विधि
पारण वाले दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें. इसके बाद भगवान विष्णु की पूजा करें और उन्हें पंचामृत का भोग लगाएं. भोग में तुलसी दल जरूर शामिल करें क्योंकि इसे बहुत पवित्र माना जाता है. पूजा के दौरान ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जाप करें. इसके बाद तुलसी का पत्ता मुंह में रखकर व्रत का पारण करें.
इन नियमों का रखें ध्यान
पारण के दिन कुछ चीजों से बचना जरूरी होता है. जैसे मूली, बैंगन, साग, मसूर दाल और लहसुन-प्याज का सेवन नहीं करना चाहिए. साथ ही इस दिन दान-पुण्य का भी खास महत्व होता है. अपनी क्षमता के अनुसार जरूरतमंदों को भोजन कराएं और दान दें, इससे व्रत का पूरा फल मिलता है.
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.
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