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Kalashtami Vrat 2026: 11 या 12 मार्च कब रखा जाएगा कालाष्टमी व्रत? जानें सही तिथि और पूजा का शुभ मुहूर्त

Kalashtami Vrat 2026: मार्च 2026 में पड़ने वाली कालाष्टमी को लेकर लोगों के मन में कंफ्यूजन है. सवाल है कि कालाष्टमी का व्रत 11 मार्च को रखा जाएगा या 12 मार्च को, ऐसे में आइए जानते हैं सही तिथि और पूजा का शुभ मुहूर्त-

Kalashtami Vrat 2026: 11 या 12 मार्च कब रखा जाएगा कालाष्टमी व्रत? जानें सही तिथि और पूजा का शुभ मुहूर्त
कब रखा जाएगा कालाष्टमी व्रत?

Kalashtami Vrat 2026: हिंदू धर्म में हर महीने कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को कालाष्टमी का व्रत रखा जाता है. यह दिन भगवान काल भैरव की पूजा के लिए बहुत खास माना जाता है. मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से व्रत और पूजा करने से व्यक्ति के जीवन के कई कष्ट दूर हो जाते हैं. हालांकि, मार्च 2026 में पड़ने वाली कालाष्टमी को लेकर लोगों के मन में कंफ्यूजन है. सवाल है कि कालाष्टमी का व्रत 11 मार्च को रखा जाएगा या 12 मार्च को, ऐसे में आइए जानते हैं सही तिथि और पूजा का शुभ मुहूर्त- 

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कब रखा जाएगा कालाष्टमी का व्रत?

वैदिक पंचांग के अनुसार, चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि की शुरुआत 11 मार्च 2026 को रात 01:55 बजे से होगी. वहीं, इस तिथि का समापन 12 मार्च 2026 को सुबह 04:18 बजे होगा. हिंदू धर्म में अधिकांश व्रत उदया तिथि यानी सूर्योदय के आधार पर रखे जाते हैं. इसलिए इस बार कालाष्टमी का व्रत 11 मार्च 2026 को रखा जाएगा.

पूजा मुहूर्त

कालाष्टमी के दिन भगवान काल भैरव की विशेष पूजा की जाती है. खास तौर पर निशा काल में पूजा करना बहुत शुभ माना जाता है. निशा काल का शुभ समय रात 11 बजकर 35 मिनट से 12 बजकर 23 मिनट तक रहेगा. इस दौरान विधि-विधान से पूजा करने पर विशेष फल मिलने की मान्यता है.

सूर्योदय और सूर्यास्त का समय 

इस दिन सूर्योदय सुबह 06:03 बजे और सूर्यास्त शाम 05:56 बजे होगा. इसके अलावा ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04:26 बजे से 05:15 बजे तक रहेगा. वहीं, विजय मुहूर्त दोपहर 01:58 बजे से 02:46 बजे तक और गोधूलि मुहूर्त शाम 05:54 बजे से 06:18 बजे तक रहेगा.

धार्मिक मान्यता के अनुसार, कालाष्टमी का व्रत रखने और भगवान काल भैरव की पूजा करने से भय, संकट और नकारात्मक शक्तियों से मुक्ति मिलती है. कहा जाता है कि इस दिन भैरव बाबा की आराधना करने से महादेव भी प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं.

इसके अलावा यह व्रत शत्रुओं से रक्षा और जीवन की बाधाओं को दूर करने के लिए भी खास माना जाता है. कई साधक इस दिन विशेष साधना भी करते हैं. मान्यता है कि श्रद्धा और विश्वास के साथ किया गया कालाष्टमी व्रत जीवन में सुख, शांति और सुरक्षा का आशीर्वाद देता है.

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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