Hanuman Jayanti 2026: हिंदू धर्म में संकटमोचन बजरंगबली की जयंती बेहद खास मानी जाती है. हनुमान जी को भगवान शंकर का अंश माना जाता है. इसलिए वो शिवजी का रुद्रावतार भी कहे जाते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान हनुमान भगवान श्रीराम के परम भक्त और अष्ट सिद्धियों के दाता हैं. हनुमान जन्मोत्सव, जिसे हनुमान जयंती भी कहा जाता है, एक हिंदू त्योहार है जो रामायण और उसके विभिन्न संस्करणों के प्रमुख पात्रों में से एक है. हनुमान को राम का परम भक्त माना जाता है और वे अपनी अटूट भक्ति के लिए प्रसिद्ध हैं. उन्हें शक्ति के प्रतीक के रूप में पूजा जाता है. ऐसे में इस साल हनुमान जी के भक्त जानना चाहते हैं कि हनुमान जयंती 2026 कब है. हनुमान जयंती तारीख, हनुमान जयंती पूजा का तरीका और हनुमान जयंती का महत्व क्या है?
यह भी पढ़ें:- Hanuman Jayanti 2026: पृथ्वी पर आखिर कहां रहते हैं पवनपुत्र हनुमान? जानें बजरंगी के पवित्र पर्वत का रहस्य
-
NDTV WORLD SUMMIT 2026 : कृति सेनन को बिकिनी सीन करने में क्यों लगे 12 साल? -
ब्रिटेन के हरियाणवी मेयर तुषार कुमार ने बताया कैसे गरीबों की मदद ने जिताया चुनाव -
टैक्स सिर्फ कमाई पर लगे, पूरी रकम पर नहीं..."F&O ट्रेडर्स के नुकसान पर बोले Zerodha को-फाउंडर निखिल कामत -
जिस शशि थरूर को सुनती है पूरी दुनिया, संसद में वह किसे सुनना पसंद करते हैं? खुद खोला राज -
रुपये की गिरती कीमत पर RBI गवर्नर का बड़ा बयान, कोई फिक्स लेवल नहीं, जानिए क्या है रिजर्व बैंक का एक्शन प्लान -
टाटा संस की शेयर बाजार में लिस्टिंग अनिवार्य? RBI गवर्नर ने NDTV समिट में बताया ये क्यों है जरूरी -
AI से बुलेट ट्रेन तक... अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का फ्यूचर प्लान -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके?
हनुमान जयंती 2026 सही तिथि
हनुमान जयंती तिथि- 2 अप्रैल 2026, गुरुवार
पूर्णिमा तिथि शुरू- 1 अप्रैल 2026, सुबह 07:06 बजे
पूर्णिमा तिथि समाप्त- 2 अप्रैल 2026, सुबह 07:41 बजे
हनुमान जयंती 2026 का समयसाल 2026 में हनुमान जयंती 2 अप्रैल, गुरुवार को मनाई जाएगी. यह पर्व चैत्र पूर्णिमा के दिन आता है. पूर्णिमा तिथि 1 अप्रैल की सुबह शुरू होकर 2 अप्रैल की सुबह तक रहेगी. पूजा के लिए सुबह का समय सबसे अच्छा माना जाता है और कुछ क्षेत्रों में अलग तारीख मानी जा सकती है, लेकिन ज्यादातर जगह चैत्र पूर्णिमा को ही हनुमान जयंती मनाई जाती है.
हनुमान जयंती क्यों मनाई जाती है?हनुमान जयंती भगवान हनुमान (बजरंगबली, पवनपुत्र) के जन्म का पर्व है. मान्यता है कि भगवान हनुमान डर और परेशानियां दूर करते हैं. उनकी पूजा से ताकत, हिम्मत और एकाग्रता मिलती है. वे भगवान राम के सच्चे भक्त और आदर्श सेवक हैं. इस दिन पूजा करने से सुरक्षा और सफलता का आशीर्वाद मिलता है.
हनुमान जयंती की पूजा विधिहनुमान जयंती की पूजा बहुत सरल होती है, जिसे घर या मंदिर में किया जा सकता है. सुबह जल्दी उठकर स्नान करें, भगवान हनुमान को सिंदूर, फूल और मिठाई चढ़ाएं, हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करें, दिया जलाकर आरती करें और संभव हो तो हनुमान मंदिर जाएं. कई भक्त इस दिन व्रत भी रखते हैं.
हनुमान जयंती कैसे मनाई जाती है?भारत भर में यह पर्व श्रद्धा के साथ मनाया जाता है. मंदिरों में विशेष पूजा और भजन होते हैं, लोग हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं, प्रसाद और भोजन बांटा जाता है, दान‑पुण्य किया जाता है, कुछ जगहों पर शोभायात्राएं और सामूहिक कार्यक्रम भी होते हैं.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं