Bada Mangal Ki Puja Kaise Kare: हनुमान जी को शीघ्र प्रसन्न करने के लिए ज्येष्ठ मास के मंगलवार यानि बड़ा मंगल की पूजा का बहुत ज्यादा महत्व माना गया है. मान्यता है कि जो कोई व्यक्ति बड़ा मंगल या फिर कहें बुढ़वा मंगल पर विधि-विधान से हनुमान जी की पूजा करता है, उसके जीवन से जुड़े सभी रोग, शोक, भय, ग्रह दोष आदि दूर होते हैं और उसे बजरंगी की कृपा से सभी सुखों की प्राप्ति होती है. आइए बड़ा मंगल की पूजा से जुड़े उन नियमों को विस्तार से जानते हैं, जिसका पालन करने पर हनुमत साधना शीघ्र ही सफल होती है.

Photo: PTI
1. हनुमान जी की पूजा में सबसे पहला प्रश्न आता है कि आखिर उनकी पूजा किस समय करना चाहिए. हिंदू मान्यता के अनुसार श्रद्धा और विश्वास के साथ उनकी कभी की जा सकती है, लेकिन उनकी पूजा के लिए सबसे उत्तम समय प्रात:काल या फिर सायंकाल होता है.
2. हनुमत साधना में शुद्धता के बहुत मायने हैं. ऐसे में हनुमान जी की पूजा हमेशा तन और मन दोनों से पवित्र होकर करना चाहिए.
3. हनुमान जी की पूजा में महिलाओं को उनकी मूर्ति का स्पर्श नहीं करना चाहिए और न ही उन्हें हनुमत साधना के दौरान जनेऊ या चोला चढ़ाना चाहिए. इस कार्य के लिए उन्हें किसी पुरुष की मदद लेनी चाहिए.
4. हिंदू मान्यता के अनुसार हनुमत साधना करने वाले साधक को हमेशा लाल रंग के स्वच्छ वस्त्र पहनकर पूजा करनी चाहिए. यदि संभव हो तो सिर्फ एक वस्त्र यानि लाल रंग की धोती पहनकर करनी हनुमान जी की पूजा करें.
5. कई बार लोगों को इस बात को लेकर भ्रम बना रहता है कि हनुमान जी की पूजा किस दिशा में करनी चाहिए. हिंदू मान्यता के लिए किसी भी देवी या देवता के लिए ईशान कोण सबसे उत्तम माना गया है. ऐसे में हनुमान जी की पूजा घर के ईशान कोण में करें और पूजा स्थल को अच्छे साफ और पवित्र अवश्य कर लें.

File Photo
6. हिंदू मान्यता के अनुसार यदि किसी भी देवता की पूजा में उनकी प्रिय पुष्प या फिर उससे बनी माला को चढ़ाया जाए तो वे शीघ्र ही प्रसन्न होकर अपनी कृपा बरसाते हैं. ऐसे में बजरंगी की पूजा करते समय हमेशा लाल रंग के पुष्प या फिर तुलसी की पत्तियों से बनी माला अर्पित करें.
7. हनुमान जी की पूजा में तमाम चीजों की तरह दीप या फिर कहें दीपक का बहुत ज्यादा महत्व माना गया है. हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए साधक को शुद्ध घी या फिर चमेली के तेल वाला दीपक जलाना चाहिए. ध्यान रहे इस दीपक की बाती हमेशा लाल रंग के धागे की होनी चाहिए.
8. हनुमान जी की पूजा तब तक अधूरी मानी जाती है, जब तक कि आप उनके स्वामी यानि प्रभु श्री राम की पूजा नहीं करते हैं. बड़ा मंगल की पूजा का पूरा पुण्यफल पाने के लिए साधक को हनुमान जी के साथ राम दरबार की भी विधि-विधान से पूजा करना चाहिए.
9. हिंदू मान्यता के अनुसार बड़ा मंगल पर हनुमत साधना करने वाले व्यक्ति को काम-वासना और तामसिक चीजों से दूर रहते हुए पूरी तरह से ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए.
10. हनुमान जी की पूजा के अंत आरती अवश्य करें क्योंकि यह सभी कमियों को दूर करते हुए हनुमत साधना को संपूर्ण बनाती है.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं