10 Bad Habits: दुख और दुर्भाग्य को न्योता देती हैं ये 10 बुरी आदतें, समय रहते बदल लीजिए
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10 bad habits increase your bad luck: किसी भी इंसान के जीवन में आदतों का बहुत ज्यादा महत्व होता है. आम जीवन में हम जो भी काम अलग-अलग तरीके से करते हैं, वह अक्सर हमारी आदतों का प्रतिबिंब होता है. मसलन कोई अपने काम को टुकड़ों में करना पसंद करता है तो कोई अपने काम एक बार शुरु करने के बाद खत्म करने के बाद ही दम लेता है तो वहीं कुछ लोग अक्सर अपने काम काम को टालते रहते हैं. इंसान की ऐसी ही अच्छी-बुरी आदतें अक्सर उसके जीवन को आसान या कठिन बनाने का काम करती हैं. आइए जानते हैं कि जीवन से जुड़ी ऐसी कौन सी बुरी आदते हैं, जिनके कारण आदमी को अक्सर परेशानी का सामना करना पड़ता है.

- धर्मशास्त्र के अनुसार जो लोग सूर्योदय के बाद भी अपना बिस्तर नहीं छोड़ते हैं और देर तक सोते रहते हैं, ऐसे लोगों से उनका भाग्य रूठ कर चला जाता है. सुख-सौभाग्य की कामना करने वालों को हमेशा सूर्योदय से पहले उठने का प्रयास करना चाहिए.
- कई बार कुछ लोगों को नाखून चबाने की होती है. थोड़ा सा परेशान होते ही अगर आप भी अपनी अंगुली के नाखून को चबाने लगते हैं तो आपको ये आदत जल्द ही बदल देनी चाहिए क्योंकि इस बुरी आदत से आपकी कुंडली का सूर्य कमजोर होता है. जिसके चलते समाज में आपके प्रभाव और मान-सम्मान में कमी आती है.
- अगर आप अपने घर में कहीं भी चप्पल उतार देते हैं या फिर बाहर की चप्पलें घर के भीतर किचन से लेकर बेडरूम तक में प्रयोग करते हैं तो आपको इस आदत को बदल देना चाहिए क्योंकि इससे घर में नकारात्मक उर्जा आती है. घर में बिखरे हुए चप्पल जूते से आपका सौभाग्य प्रभावित होता है और दुर्भाग्य सक्रिय होता है.

- अगर आप हर रात को खाना पकाने और खाने के बाद अपने जूठे बर्तनों को किचन के सिंक में छोड़ देते हैं और वे रात भर बगैर धुले ही वहां पड़े रहते हैं तो जान लीजिए यह वास्तु के अनुसार बड़ा दोष होता है. हिंदू मान्यता के अनुसार किचन का आपकी किस्मत और धन से गहरा संबंध होता है और आपकी इस आदत के चलते धन की देवी रूठकर घर से चली जाती हैं.
- यदि आप हर समय काम वासना में लिप्त रहते हैं तो जान लीजिए कि इस दुर्गुण के कारण आपका सुख और सौभाग्य शीघ्र ही प्रभावित हो सकता है. धर्मशास्त्र में कई ऐसे प्रसंग मिलते हैं, जिसमें कामी व्यक्ति के पतन का उदाहरण बताया गया है.
- काम की तरह क्रोध भी व्यक्ति का सबसे बड़ा शत्रु माना जाता है. धर्मशास्त्र के अनुसार क्रोध आने पर व्यक्ति का विवेक समाप्त हो जाता है और वह अपना हित अहित दोनों के बारे में सोचना बंद कर देता है. क्रोध कई बार व्यक्ति के दुख-दुर्भाग्य का सबसे बड़ा कारण बनता है.

- धर्मशास्त्र के अनुसार जो लोग समय को बर्बाद करते हैं, उन्हें भविष्य में समय बर्बाद कर देता है. ऐसे में यदि आप अपने जीवन के अनमोल क्षणों को मोबाइल पर रील्स देखते हुए या फिर किसी दूसरों का मजाक बनाने आदि में बेकार कर रहे हैं तो निश्चित रूप से यह भविष्य में आपके लिए दुख और दुर्भाग्य का कारण बनेगा.
- अहं या फिर कहें अभिमान किसी भी इंसान का सबसे बड़ा शत्रु माना गया है. यदि आपको भी अपने काम, गुण या रूप-रंग आदि का अभिमान बना रहता है तो निश्चित मान कर चलिए एक दिन आपका यही अहंकार आपके पतन या फिर परेशानी का बड़ा कारण बनेगा, बिल्कुल वैसे ही जैसे रावण, दुर्योधन आदि के लिए बना था.
- धर्मशास्त्र के अनुसार यदि आप किसी व्यक्ति के प्रति ईर्ष्या, चिढ़ या फिर कहें जलन की भावना रखते हैं तो निश्चित मानिए आप प्रतिदिन कुछ न कुछ खो रहे हैं. मान्यता है कि ईर्ष्या अग्नि के समान होती है, जिसके कारण इंसान न सिर्फ बाहर से बल्कि भीतर से भी जलता रहता है.
- इंसान के लिए बुरी संगति अक्सर उसके लिए घातक साबित होती है. धर्म शास्त्र के अनुसार बुरी संगति उस कोयले के समान होती है, जो अगर गर्म हो तो हाथ जला देता है और ठंडा हो तो हाथों को काला कर देता है. ऐसे में व्यक्ति को दुख-दुर्भाग्य से बचने के लिए जितनी जल्दी हो बुरी संगति छोड़ देना चाहिए.
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