मृत किसानों के परिवारों को मुआवजा नहीं देना चाहती मोदी सरकार, राहुल गांधी ने लगाया आरोप

राहुल गांधी ने कहा कि सरकार चाहे तो हमसे पंजाब में मारे गए  किसानों के परिवार का रिकॉर्ड ले और उन्हें मुआवजा दे. राहुल ने कहा कि सरकार जब अपने कुछ उद्योगपति मित्रों को फायदा पहुंचाना चाहती है तो उसे किसी आधार की जरूरत नहीं पड़ती. 

नई दिल्ली:

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने केंद्र सरकार पर बड़ा आरोप लगाया है. उन्होंने शुक्रवार को प्रेस कान्फ्रेंस कर कहा कि मोदी सरकार पृत किसानों के परिजनों (Dead Farmers Compensation) को मुआवजा देना ही नहीं चाहती. उन्होंने उन मृत किसानों की एक लिस्ट भी दिखाई, जो पंजाब (Punjab) से ताल्लुक रखते हैं. राहुल गांधी ने कहा कि हमने इनमें से ज्यादातर परिवारों को 5-5 लाख रुपये का मुआवजा दिया है. उनके परिवारों को नौकरी भी दी जा रही है. लेकिन सरकार ने स्वीकार नहीं करना चाहती. इसी तरह राहुल गांधी ने कहा कि सरकार ने कोरोना से मारे गए लोगों के आंकड़े के बारे में भी यही कहा था. तब भी सरकार ने कहा था कि उनके पास कोरोना से मारे गए आंकड़ा नही हैं.

किसान आंदोलन( Farm Laws)  किसान आंदोलन (Farmers Protest)  को लेकर राहुल गांधी ने कहा कि सरकार चाहे तो हमसे पंजाब में मारे गए किसानों के परिवार का रिकॉर्ड लें और उन्हें मुआवजा दे. राहुल ने कहा कि सरकार जब अपने कुछ उद्योगपति मित्रों को फायदा पहुंचाना चाहती है तो उसे किसी आधार की जरूरत नहीं पड़ती. 

राहुल गांधी ने एक सवाल के जवाब में कहा, सरकार गरीबों और किसानों की बात करती है, लेकिन जब मदद की बात आती है तो कहती है कि पैसा नहीं है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने माफी मांगी, क्यों मांगी. इसलिए कि कृषि कानून गलत थे और उनकी वजह से किसान सड़क पर आए. अगर कृषि कानूनों के कारण आंदोलन की वजह से किसान मारे गए तो उन्होंने उन पीड़ित परिवारों के बारे में भी सोचना चाहिए. पीएम मोदी को उन मृत किसानों के परिवारों के बारे में सोचना चाहिए. उनकी पढ़ाई लिखाई और भविष्य के बारे में सोचना चाहिए. जैसे कि पंजाब ने किया. अगर वो थोड़ी सी संवेदनशीलता और मानवता दिखाएं तो इसमें जरा सी भी देर नहीं लगेगी. 

राहुल गांधी ने कहा कि किसान आंदोलन के दौरान पंजाब के जो भी किसान मारे गए हैं, उनका रिकॉर्ड वो सोमवार को संसद में रख देंगे. राहुल गांधी ने कहा, उन्हें अहंकार-घमंड है, सोचते हैं कि सत्ता में हैं तो सुनने की जरूरत नहीं. इंसानियत नहीं है. पीएम अगर उन परिवारों और बच्चों की शिक्षा स्वास्थ्य के बारे में सोचे तो एक मिनट में काम कर लेते. लेकिन पीएम अपनी इमेज अपनी पोज़ीशन के बारे में सोच रहे हैं. ये कम है 700 को अगर 5 लाख दिए तो कम है. हम नौकरी भी दे रहे हैं. देश की सरकार को मानवीय आधार पर ये काम कर लेना चाहिए. सोमवार के दिन मैं ये सदन में रखूंगा.

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा, मृतक किसानों को मुआवज़ा के सवाल पर संसद में कहा गया कि डाटा नहीं है तो मुआवज़ा नहीं दिया जा सकता. हमने पंजाब के 403 मृतक किसानों के परिजनों को 5-5 लाख मुआवज़ा दिया है. 500 की लिस्ट हम सरकार को दे रहे हैं वो मुआवज़ा दे दें.बाकी जो बचे हैं वे पब्लिक रिकॉर्ड से हमारे  पास है तो 700 लोग होते हैं.

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बाकी जो बचे हैं वे पब्लिक रिकॉर्ड से हमारे  पास है तो 700 लोग होते हैं. 152 परिजनों को हमने नौकरी दी है. बाक़ी को भी देने वाले हैं. सरकार थोड़ा सा मुआवजा नहीं देना चाहती संसद में दो मिनट का मौन तक नहीं हुआ। ये ग़लत है. सरकार के पास रिकॉर्ड है वे चाहे तो हमसे ये नाम ले ले.