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दिल्ली में कमर्शियल गाड़ियों की एंट्री हुई महंगी, ECC बढ़ा, जानें अब चुकानी होगी कितनी फीस

ECC Increase In Delhi: हर दिन कम से कम 4000 ट्रक दिल्ली में एंटर करते हैं. यह शुल्क बढ़ोतरी विशेष रूप से भारी और अधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के इस्तेमाल में कमी लाने के उद्देश्य से की गई है.

दिल्ली में कमर्शियल गाड़ियों की एंट्री हुई महंगी, ECC बढ़ा, जानें अब चुकानी होगी कितनी फीस
दिल्ली में कमर्शियल वाहनों की एंट्री फीस बढ़ी. (AI इमेज)
  • दिल्ली में कमर्शियल वाहनों के लिए पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क को 600 से बढ़ाकर 1400 रुपये तक किया गया है
  • शुल्क में हर साल अप्रैल में पांच प्रतिशत तक की वृद्धि का प्रावधान भी शामिल किया गया है
  • यह वृद्धि सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई में CAQM के सुझाव के बाद पर्यावरण कारणों से लागू की गई है
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नई दिल्ली:

दिल्ली में कमर्शियल गाड़ियों की एंट्री अब महंगी हो गई है. राजधानी में आने वाली कमर्शियल गाड़ियों को अब ज्यादा शुल्क देना होगा, क्यों कि पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क यानी कि ईसीसी में बढ़ोतरी कर दी गई है. ईसीसी 600 से 1400 रुपये तक बढ़ा गया गया है, जो कि अलग-अलग कैटेगरी की कमर्शियल गाड़ियों पर लागू होगा. ईसीसी में अब 5 प्रतिशत तक इजाफा हर साल अप्रैल में किया जाएगा. इसे लेकर पहले नोटिफिकेशन जारी हुआ फिर नियम लागू कर दिया गया. 

किसने और क्यों दिया था ECC बढ़ाने का सुझाव?

पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क यानी कि ईसीसी बढ़ाए जाने का सुझाव फरवरी में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान CAQM ने दिया था. इस दौरान कहा गया था कि काफी समय से ईसीसी नहीं बढ़ा है. जिसकी वजह से कई कमर्शियल वाहन वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के बजाय दिल्ली के रास्ते से आ रहे हैं. 

दिल्ली में हर दिन कितने कमर्शियल वाहनों की एंट्री?

बता दें कि हर दिन कम से कम 4000 ट्रक दिल्ली में एंटर करते हैं. यह शुल्क बढ़ोतरी विशेष रूप से भारी और अधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के इस्तेमाल में कमी लाने के उद्देश्य से की गई है.

किस कमर्शियल वाहन पर बढ़ा कितना ECC? 

कैटेगरी 2 (हल्की कमर्शियल गाड़ियां), कैटेगरी 3 (दो एक्सल ट्रक)- 1400 रुपये से 2000 रुपये तक हुआ
कैटेगरी 4 (तीन एक्सल ट्रक), कैटेगरी 5 (चार या अधिक एक्सल ट्रक)- 2600 रुपये से 4000 रुपये तक हुआ

ईसीसी ब़ाए जाने का मकसद सिर्फ रेवेन्यू में बढ़ोतरी किए जाना नहीं है बल्कि यह पर्यावरण के नजरिए से काफी अहम है. इसका मकसद प्रदूषण फैलने वाले कमर्शियल वाहनों की गैरजरूरी एंट्री को कम करना है. 

क्यों बढ़ाया गया ECC? 

पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क लगाने का मकसद प्रदूषण फैलाने वाले खासकर डीजल वाहनों की एंट्री को कम करना है.
इसका मकसद ट्रांसपोर्टर्स का ध्यान साफ और कम प्रदूषण वाले विकल्पों की ओर खींचना है.
साल 2015 के बाद से ECC नहीं बढ़ा था. जिसकी वजह से इसका असर इतने सालों में कम हो गया था. 

लोगों की पॉकेट पर कितना असर?

ईसीसी बढ़ने का असर लोगों की जेब पर पड़ने की उम्मीद है. अगर कोई खाने-पीने या अन्य सामान का वाहन दिल्ली से होकर गुजरेगा तो उसे दिल्ली में एंट्री करने पर ज्यादा पैसा चुकाना होगा. ऐसे में आम आदमी की जेब पर इसका बोझ पड़ सकता है. जिससे सामान भी महंगा हो जाएगा. 

किन कमर्शियल वाहनों से वसूला जाएगा ECC?

दिल्ली नगर निगम ने पहले ही कह दिया था कि सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश के मुताबिक, शहर में प्रवेश करने वाले कमर्शियल वाहनों के लिए संशोधित पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क (ईसीसी) को तुरंत लागू किया जाएगा. इसका मकसद प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के इस्तेमाल में कमी लाना है. 

अधिकारियों का कहना है कि नए शुल्क  एमसी मेहता बनाम भारत संघ मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद बढ़ाए गए हैं, जिसमें दिल्ली में वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए उच्च ईसीसी दरों का अनुरोध किया गया था. यह शुल्क शहर में प्रवेश करने वाले सभी कमर्शियल वाहनों पर लागू होता है, टोल इससे अलग है. 

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