- दिल्ली पुलिस ने फैज-ए-इलाही मस्जिद ध्वस्त होने की झूठी अफवाह फैलाने वाली इन्फ्लुएंसर को पूछताछ के लिए बुलाया
- पुलिस ने मस्जिद ध्वस्त होने के बारे में 10 अफवाह फैलाने वाले सोशल मीडिया अकाउंट की पहचान की
- अफवाह फैलाने वाली सामग्री भ्रामक और गलत साबित हुई, जिससे हिंसा भड़क गई और पुलिसकर्मियों पर पथराव हुआ
दिल्ली में फैज के इलाही मस्जिद के बारे में झूठी अफवाह फैलाने के मामले में पुलिस द्वारा उन 10 'इन्फ्लुएंसर' की पहचान करने के बाद एक महिला सोशल मीडिया 'इन्फ्लुएंसर' को पूछताछ के लिए बुलाया गया है, जिन्होंने कथित तौर पर अफवाह फैलाई थी कि अदालत के आदेश पर अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान तुर्कमान गेट के पास फैज-ए-इलाही मस्जिद को ध्वस्त कर दिया गया.
महिला इन्फ्लुएंसर को पूछताछ के लिए बुलाया
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने गुरुवार को कहा कि पुलिस की सोशल मीडिया निगरानी टीमों द्वारा एक वीडियो को देखने के बाद महिला को बुलाया गया था, जिसमें उसने कथित तौर पर दावा किया था कि दिल्ली के रामलीला मैदान में मस्जिद को तोड़ दिया गया है.
अफवाह फैलाने वाले 10 सोशल मीडिया अकाउंट की पहचान
उन्होंने कहा, ''टीम ने सलमान सहित कम से कम 10 सोशल मीडिया अकाउंट की पहचान की है, जो अभियान के बारे में अफवाहें फैला रहे थे.'' उन्होंने कहा कि प्रसारित की जा रही सामग्री भ्रामक और तथ्यात्मक रूप से गलत थी, जिससे हिंसा भड़क गई और कई लोगों ने पुलिस कर्मियों पर पथराव किया.अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (मध्य) निधिन वलसन ने स्पष्ट किया था कि विध्वंस से कुछ दिन पहले उन्होंने व्यक्तिगत रूप से 120-130 से अधिक मौलवियों के साथ बैठक की थी.
सोशल मीडिया सामग्री पर रखी चजा रही नजर
एक अन्य अधिकारी ने कहा कि उनकी सोशल मीडिया टीम सभी प्लेटफार्मों पर कड़ी निगरानी रख रही हैं और प्रसारित होने वाली सामग्री पर बारीकी से नजर रख रही हैं. अधिकारी ने कहा, "गलत सूचना बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जो लोग ऐसी सामग्री फैलाते हुए पाए जाएंगे, उन्हें तलब किया जाएगा."
इनपुट- भाषा
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