फाइल फोटो
नई दिल्ली:
दिल्ली और नजदीकी नोएडा तथा गुरुग्राम में बैंकों व एटीएम बूथों के बाहर गुरुवार को भी लंबी कतारें लगी रहीं और लोग अपनी बुनियादी जरूरतों के लिए नकद राशि निकलवाने का जीतोड़ प्रयास करते नजर आए. कई लोगों को पैसे निकालने के लिए गुरुवार को लगातार दूसरे दिन अपने कार्यालयों से छुट्टी लेनी पड़ी, क्योंकि एक दिन पूर्व घंटों कतारों में खड़े होने के बावजूद बैंकों और एटीएम बूथों से नकद निकासी के उनके प्रयास निरर्थक साबित हुए थे.
कई लोगों ने बताया कि बुधवार को उनकी बारी आने तक बैंकों और एटीएम बूथों में पैसे खत्म हो गए थे. न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में बैंक ऑफ बड़ौदा के बाहर कतार में खड़े असिम मलिक ने कहा, "मैंने कल (बुधवार) अपने कार्यालय से छुट्टी ली थी, ताकि बैंक से पैसे निकाल सकूं. लेकिन बैंक में पैसे खत्म हो गए थे. इसलिए मैंने फिर से अपना भाग्य आजमाने के लिए एक और दिन की छुट्टी ली है."
कॉलेज छात्र सनी अग्रवाल ने कहा कि वह पिछले दो दिनों से अपने कॉलेज नहीं जा पा रही हैं. उन्होंने कहा, "पैसों की अनुपलब्धता ने हमारी जिंदगी में परेशानी खड़ी कर दी है. मुझे रोजमर्रा के खर्चों के लिए पैसे निकलवाने के लिए कई घंटे कतार में खड़े होने के कारण अपने लेक्चर छोड़ने पड़े."
इलाके के कई बैंकों में गुरुवार सुबह तक अमिट स्याही उपलब्ध नहीं हुई थी, जिसे 500 और 1,000 रुपये के पुराने नोट बदलवाकर नए नोट लेने वाले ग्राहकों की अंगुली पर लगाए जाने के सरकार की ओर से निर्देश दिए गए हैं.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
कई लोगों ने बताया कि बुधवार को उनकी बारी आने तक बैंकों और एटीएम बूथों में पैसे खत्म हो गए थे. न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में बैंक ऑफ बड़ौदा के बाहर कतार में खड़े असिम मलिक ने कहा, "मैंने कल (बुधवार) अपने कार्यालय से छुट्टी ली थी, ताकि बैंक से पैसे निकाल सकूं. लेकिन बैंक में पैसे खत्म हो गए थे. इसलिए मैंने फिर से अपना भाग्य आजमाने के लिए एक और दिन की छुट्टी ली है."
कॉलेज छात्र सनी अग्रवाल ने कहा कि वह पिछले दो दिनों से अपने कॉलेज नहीं जा पा रही हैं. उन्होंने कहा, "पैसों की अनुपलब्धता ने हमारी जिंदगी में परेशानी खड़ी कर दी है. मुझे रोजमर्रा के खर्चों के लिए पैसे निकलवाने के लिए कई घंटे कतार में खड़े होने के कारण अपने लेक्चर छोड़ने पड़े."
इलाके के कई बैंकों में गुरुवार सुबह तक अमिट स्याही उपलब्ध नहीं हुई थी, जिसे 500 और 1,000 रुपये के पुराने नोट बदलवाकर नए नोट लेने वाले ग्राहकों की अंगुली पर लगाए जाने के सरकार की ओर से निर्देश दिए गए हैं.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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