अरविंद केजरीवाल कल किसानों और व्यापारियों के साथ बैठक करेंगे (फाइल फोटो).
- आजादपुर मंडी में गुरुवार को पूर्वाह्न 11 बजे जनसभा होगी
- केजरीवाल ने राष्ट्रपति से कहा सरकार को फैसला वापस लेने के निर्देश दें
- ‘विशेष राजनीतिक दल’ को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से देश के साथ धोखा
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नई दिल्ली:
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल 500 एवं 1000 रुपए के नोटों का चलन बंद करने के केंद्र के कदम के मद्देनजर शहर में किसानों, व्यापारियों एवं श्रमिकों के साथ कल बैठक करेंगे.
केजरीवाल ने ट्वीट किया, ‘‘नोटों को चलन से बाहर करने के खिलाफ आजादपुर मंडी में पूर्वाह्न 11 बजे जनसभा होगी. नोटों को चलन से बाहर किए जाने के कारण समस्याओं का सामना कर रहे लोग वहां पहुंचें.’’ दिल्ली के श्रम मंत्री गोपाल राय ने भी कहा कि 500 एवं 1000 रुपए के नोट बंद करने के मामले पर ध्यान केंद्रित करने के लिए व्यापारियों, किसानों एवं श्रमिकों के साथ बैठक होगी.
यह घोषणा ऐसे समय में की गई है जब एक दिन पहले केजरीवाल ने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से अपील की थी कि वे केंद्र को नोटों को चलन से बाहर करने का कदम वापस लेने का निर्देश दें. उन्होंने नोटों को चलन से बाहर करने के कदम की उच्चतम न्यायालय की निगरानी में जांच कराए जाने की भी मांग की.
मुख्यमंत्री ने केंद्र के निर्णय के खिलाफ कल एक प्रस्ताव पेश किया था. उन्होंने भाजपा का परोक्ष रूप से जिक्र करते हुए नोट बंद किए जाने के कदम को एक ‘‘विशेष राजनीतिक दल’’ को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से देश के साथ किया गया ‘‘धोखा’’ करार दिया था.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
केजरीवाल ने ट्वीट किया, ‘‘नोटों को चलन से बाहर करने के खिलाफ आजादपुर मंडी में पूर्वाह्न 11 बजे जनसभा होगी. नोटों को चलन से बाहर किए जाने के कारण समस्याओं का सामना कर रहे लोग वहां पहुंचें.’’ दिल्ली के श्रम मंत्री गोपाल राय ने भी कहा कि 500 एवं 1000 रुपए के नोट बंद करने के मामले पर ध्यान केंद्रित करने के लिए व्यापारियों, किसानों एवं श्रमिकों के साथ बैठक होगी.
कल गुरुवार को सुबह 11 बजे आज़ादपुर मंडी में नोटबंदी के ख़िलाफ़ जनसभा। नोटबंदी से दुखी सब लोग ज़रूर पहुँचे।
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) November 16, 2016
यह घोषणा ऐसे समय में की गई है जब एक दिन पहले केजरीवाल ने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से अपील की थी कि वे केंद्र को नोटों को चलन से बाहर करने का कदम वापस लेने का निर्देश दें. उन्होंने नोटों को चलन से बाहर करने के कदम की उच्चतम न्यायालय की निगरानी में जांच कराए जाने की भी मांग की.
मुख्यमंत्री ने केंद्र के निर्णय के खिलाफ कल एक प्रस्ताव पेश किया था. उन्होंने भाजपा का परोक्ष रूप से जिक्र करते हुए नोट बंद किए जाने के कदम को एक ‘‘विशेष राजनीतिक दल’’ को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से देश के साथ किया गया ‘‘धोखा’’ करार दिया था.
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