पिछले दो सालों में डीटीसी बेड़े में किसी भी नये बस को शामिल नहीं किया गया है (फाइल फोटो)
नई दिल्ली:
दिल्ली सरकार ने मंगलवार को विधानसभा को सूचित किया कि दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) के बेड़े में नई बस शामिल किए जाने का कोई प्रस्ताव नहीं है. राष्ट्रीय राजधानी में करीब 35 लाख लोग प्रतिदिन यातायात के साधन के रूप में डीटीसी बसों का उपयोग करते हैं. सरकार ने साथ ही कहा कि पिछले दो सालों में डीटीसी बेड़े में किसी भी नई बस को शामिल नहीं किया गया है.
दिल्ली विधानसभा के शीतकालीन सत्र में नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता के एक सवाल के जवाब में परिवहन मंत्री सत्येंद्र जैन ने एक लिखित जवाब में कहा कि सरकार की क्लस्टर स्कीम के तहत नए (ऑरेंज) बसों के संचालन की योजना है. इस स्कीम के अंतर्गत डीआईएमटीएस को निजी कंपनियां बस मुहैया कराती हैं.
वर्तमान में दिल्ली में 11,000 से अधिक बसों की मांग है और योजना के अनुसार डीटीसी और डीआईएमटीएस को 5500-5500 बसों का संचालन करना है. इसी बीच जैन ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण के 'खतरनाक' स्तर तक पहुंचने पर सम-विषम योजना को लागू किया जाएगा.
उन्होंने कहा कि संक्षिप्त अवधि में वाहनों की आवाजाही से जुड़े प्रतिबंधों को लागू करना चुनौतीपूर्ण होगा, लेकिन सरकार को सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दिल्ली विधानसभा के शीतकालीन सत्र में नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता के एक सवाल के जवाब में परिवहन मंत्री सत्येंद्र जैन ने एक लिखित जवाब में कहा कि सरकार की क्लस्टर स्कीम के तहत नए (ऑरेंज) बसों के संचालन की योजना है. इस स्कीम के अंतर्गत डीआईएमटीएस को निजी कंपनियां बस मुहैया कराती हैं.
वर्तमान में दिल्ली में 11,000 से अधिक बसों की मांग है और योजना के अनुसार डीटीसी और डीआईएमटीएस को 5500-5500 बसों का संचालन करना है. इसी बीच जैन ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण के 'खतरनाक' स्तर तक पहुंचने पर सम-विषम योजना को लागू किया जाएगा.
उन्होंने कहा कि संक्षिप्त अवधि में वाहनों की आवाजाही से जुड़े प्रतिबंधों को लागू करना चुनौतीपूर्ण होगा, लेकिन सरकार को सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा.
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