विज्ञापन
This Article is From Aug 06, 2017

गोली लगने से घायल व्यक्ति का अस्पताल ने नहीं किया उपचार, हाईकोर्ट ने सरकार से जवाब मांगा

दिल्ली के नजफगढ़ क्षेत्र में 26 जुलाई की रात में ढाबा मालिक और उसके बेटे को गोली मारी गई थी

गोली लगने से घायल व्यक्ति का अस्पताल ने नहीं किया उपचार, हाईकोर्ट ने सरकार से जवाब मांगा
गोली लगने से घायल व्यक्ति का उपचार न होने पर दिल्ली हाईकोर्ट ने सरकार से जवाब मांगा है.
  • दावा- अस्पताल में उपचार हो जाता तो बच जाती मयंक की जान
  • कूलर पर हुए विवाद के बाद कथित तौर पर गोली मार दी गई
  • ढाबा मालिक की दुर्घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी
नई दिल्ली: दिल्ली हाई कोर्ट ने पुलिस द्वारा परेशान किए जाने के भय से गोली लगने वाले व्यक्ति को उपचार देने से एक निजी अस्पताल के इनकार करने के मामले में सरकार और दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा है. खबरों में यह रिपोर्ट आने के बाद हाईकोर्ट  ने खुद ही एक जनहित याचिका दाखिल की है.

हाईकोर्ट के न्यायाधीश जीएस सिस्तानी और न्यायाधीश चंद्र शेखर की पीठ ने केन्द्र सरकार और पुलिस से मामले की अगली सुनवाई 11 अगस्त के पहले अपना जवाब और स्थिति रिपोर्ट पेश करने को कहा है. अधिवक्ता वरुण गोसाईं ने अदालत का ध्यान न्यूज रिपोर्ट की ओर दिलाया और निजी तथा सरकारी दोनों तरह के अस्पतालों को इस तरह के मामलों में उपचार देने से इनकार नहीं करने निर्देश देने की मांग की. जिसके बाद उच्च न्यायाल ने इस मामले में पीआईएल दाखिल की. अधिवक्ता ने पुलिस से मामले की शीघ्र जांच और गवाह को उचित सुरक्षा मुहैया करने के निर्देश देने की मांग की क्योंकि मामले के पांच आरोपियों में से चार अभी भी फरार हैं.

यह भी पढ़ें : दिल्ली : पुलिसवालों के सामने रेस्तरां मालिक को मारी गोली, स्टाफ चिल्लाता रहा, पुलिसवाले नहीं उठे

यह भी पढ़ें : यूपी के आगरा में सिपाही को सड़क पर दो बाइक सवारों ने गोली मारी

रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली के नजफगढ़ क्षेत्र में 26 जुलाई की रात 57 वर्षीय ढाबा मालिक और उसके 26 वर्षीय बेटे मयंक को एक कूलर पर हुए विवाद पर कथित तौर पर पांच लोगों ने गोली मार दी थी. आरोपी कूलर को अपनी तरफ मोड़ना चाहते थे लेकिन ढाबा मालिक और उसका बेटा इसके लिए राजी नहीं हुए जिससे विवाद बढ़ गया. पांच लोगों मे से एक ने मंयक की गर्दन में गोली मार दी और जब उसके पिता ने उन्हें रोकना चाहा तो उसके सिर पर गोली मार दी गई.

VIDEO : रेस्तरां में झगड़ा


रिपोर्ट में कहा गया कि घटना में ढाबा मालिक की दुर्घटनास्थल पर ही मौत हो गई वहीं उसके बेटे ने बाद में दम तोड़ दिया. रिपोर्ट में मयंक के एक रिश्तेदार के हवाले से कहा गया कि मयंक की जान बच जाती अगर उसे उस अस्पताल ने भर्ती कर लिया होता जहां उसे पहले ले जाया गया था.

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Delhi High Court, Delhi Government, Injured By Shooting
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com