नई दिल्ली:
दिल्ली के बाजार वीरान हैं. बिक्री 70 से 80 फीसदी तक नीचे चली गई है. हालात ठीक होने में शायद तीन महीने तक का वक्त लग जाए. शो रूम वाले तो शायद ये वक्त निकाल भी लें, लेकिन उनका क्या होगा जो छोटी-मोटी दुकान या पटरी लगाते हैं.
दक्षिणी दिल्ली का लाजपत नगर ग्राहकों की राह देख रहा है . अवतार सिंह मोबाइल पर गेम खेल रहे हैं. ये दुकान 1951 से है. ऐसी हालत बंटवारे के वक्त हुई थी. वो वक्त फिर लौट आया है. दुकानदार तो ये झटका शायद कुछ दिन झेल भी जाएं लेकिन पटरी वाले का चेहरा बता रहा है कि कुछ नहीं बिक रहा.
इस संबंध में डीएन राजपाल- लाजपत नगर ट्रेडर्स ऐसोसिएसन के सचिव डीएन राजपाल का कहना है कि बिक्री करीब 80 फीसद गिर गई है. जिनके पास कैश है. वो चाऊमीन और पाव भाजी का लुत्फ उठा रहे हैं.
हमने बाजार से निकलकर मॉल का रुख किया. साकेत के डीएलएफ मॉल में फिल्म का जो टिकट 350 से 375 रुपये होता था अब दो सौ में मिल रहा है. रॉक आन 2 का पूरा हाल खाली है. सिर्फ सात लोग फिल्म देखने आए हैं. लेकिन पॉपकार्न, बर्गर या फिर कोल्ड ड्रिंक लेने कोई भी नहीं आया.
हालांकि डीएलएफ साकेत की सीनियर वाइस प्रेसीडेंट बेनू सहगल कहती हैं कि अब बिजनेस वापस पटरी पर लौट आया है. आठ नवंबर की रात आठ बजे जब नोटबंदी का ऐलान हुआ था तो मॉल में सुनामी आ गई थी रात बारह बजे तक और नौ की सुबह सन्नाटा पसर गया था. दो दिन कोई नहीं आया.
सबसे ज्यादा असर अगर किसी पर पड़ा तो वो डिजाइनर ब्रांड हैं. दिल्ली के उन बाजारों का बुरा हाल है जहां ज्यादातर खरीद कैश में होती है. करोलबाग, सरोजनी नगर में भी सेल 70 फीसद तक गिर गई है. लोग बता रहे हैं कि जब तक नया कैश बाजार में नहीं आता, हालात नहीं बदलेंगे.
दक्षिणी दिल्ली का लाजपत नगर ग्राहकों की राह देख रहा है . अवतार सिंह मोबाइल पर गेम खेल रहे हैं. ये दुकान 1951 से है. ऐसी हालत बंटवारे के वक्त हुई थी. वो वक्त फिर लौट आया है. दुकानदार तो ये झटका शायद कुछ दिन झेल भी जाएं लेकिन पटरी वाले का चेहरा बता रहा है कि कुछ नहीं बिक रहा.
इस संबंध में डीएन राजपाल- लाजपत नगर ट्रेडर्स ऐसोसिएसन के सचिव डीएन राजपाल का कहना है कि बिक्री करीब 80 फीसद गिर गई है. जिनके पास कैश है. वो चाऊमीन और पाव भाजी का लुत्फ उठा रहे हैं.
हमने बाजार से निकलकर मॉल का रुख किया. साकेत के डीएलएफ मॉल में फिल्म का जो टिकट 350 से 375 रुपये होता था अब दो सौ में मिल रहा है. रॉक आन 2 का पूरा हाल खाली है. सिर्फ सात लोग फिल्म देखने आए हैं. लेकिन पॉपकार्न, बर्गर या फिर कोल्ड ड्रिंक लेने कोई भी नहीं आया.
हालांकि डीएलएफ साकेत की सीनियर वाइस प्रेसीडेंट बेनू सहगल कहती हैं कि अब बिजनेस वापस पटरी पर लौट आया है. आठ नवंबर की रात आठ बजे जब नोटबंदी का ऐलान हुआ था तो मॉल में सुनामी आ गई थी रात बारह बजे तक और नौ की सुबह सन्नाटा पसर गया था. दो दिन कोई नहीं आया.
सबसे ज्यादा असर अगर किसी पर पड़ा तो वो डिजाइनर ब्रांड हैं. दिल्ली के उन बाजारों का बुरा हाल है जहां ज्यादातर खरीद कैश में होती है. करोलबाग, सरोजनी नगर में भी सेल 70 फीसद तक गिर गई है. लोग बता रहे हैं कि जब तक नया कैश बाजार में नहीं आता, हालात नहीं बदलेंगे.
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