दिल्ली में विदेशी नागरिकों के वीजा और ठहरने की अवधि की जांच के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के दौरान पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. सेंट्रल जिले की एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वॉड (AATS) ने सात बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया है, जो वीजा की निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद भी भारत में रह रहे थे. मामले में अब विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (FRRO) ने डिपोर्टेशन की प्रक्रिया शुरू कर दी है.
'ऑपरेशन विस्टा 1.0' के तहत हुई कार्रवाई
दिल्ली पुलिस विदेशी नागरिकों के दस्तावेजों और वीजा नियमों की जांच के लिए 'ऑपरेशन विस्टा 1.0' चला रही है. इसके तहत सेंट्रल जिले के होटल, गेस्ट हाउस और विदेशी नागरिकों के ठहरने वाले अन्य स्थानों की जांच की जा रही थी. इसी दौरान नबी करीम इलाके में पुलिस को एक मुखबिर से सूचना मिली. सूचना के आधार पर पुलिस ने एमडी नजरुल इस्लाम फैसल नामक बांग्लादेशी नागरिक को पकड़ा. उसके पास से बांग्लादेश का पासपोर्ट भी बरामद हुआ.
जांच में खुला वीजा उल्लंघन का मामला
पुलिस जांच में पता चला कि नजरुल इस्लाम को 7 अगस्त 2026 तक भारत में रहने की अनुमति थी. इसके बावजूद वह बिना किसी वैध अनुमति या वीजा विस्तार के दिल्ली में रह रहा था. पूछताछ के दौरान उसने बताया कि कुछ अन्य बांग्लादेशी नागरिक भी तय अवधि समाप्त होने के बाद भारत में रह रहे हैं. इसके बाद पुलिस टीम ने मदनपुर खादर और सरिता विहार क्षेत्रों में छापेमारी की.
छह और लोगों को किया गया गिरफ्तार
छापेमारी के दौरान पुलिस ने छह अन्य बांग्लादेशी नागरिकों को भी पकड़ लिया. जांच में सामने आया कि सभी सातों वैध डबल एंट्री वीजा पर भारत आए थे. इस वीजा के तहत प्रत्येक यात्रा में अधिकतम 15 दिन तक भारत में रहने की अनुमति थी. हालांकि सभी लोगों ने निर्धारित समय सीमा से अधिक अवधि तक भारत में निवास किया और इसके लिए संबंधित अधिकारियों से कोई विस्तार मंजूर नहीं कराया.
FRRO ने जारी किए प्रतिबंध आदेश
पुलिस ने सभी आरोपियों के पासपोर्ट, वीजा दस्तावेज और मोबाइल फोन जब्त कर इमिग्रेशन रिकॉर्ड की जांच की. वीजा नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने के बाद सभी को FRRO के समक्ष पेश किया गया. FRRO ने सातों के खिलाफ प्रतिबंध आदेश जारी करते हुए उन्हें शाहजादा बाग स्थित सेवा धाम डिटेंशन सेंटर भेज दिया है. अब उन्हें उनके देश वापस भेजने यानी डिपोर्ट करने की प्रक्रिया चल रही है.
फिलहाल कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला
पुलिस के अनुसार पकड़े गए सातों नागरिकों के खिलाफ अब तक कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड सामने नहीं आया है. उनके खिलाफ कार्रवाई केवल वीजा शर्तों के उल्लंघन और तय समय से अधिक भारत में रहने को लेकर की गई है. पकड़े गए लोगों में एमडी नजरुल इस्लाम फैसल, मोहम्मद अमजद हुसैन, मोइनुल हुसैन, अलामिन, एमडी कवासे अली, अमरान हुसैन और अफरानुल हक भुइयां सामी शामिल हैं.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं