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मेट्रो और नमो और RRTS कॉरिडोर से 500 मीटर के दायरे में बनेंगे सस्ते घर, जानें नई TOD नीति में आपके लिए क्या?

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर और दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता ने मंगलवार को बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि दिल्ली के मेट्रो कॉरिडोर, नमो भारत इन्फ़्रास्ट्रक्चर के साथ अफेर्डेबल हाउसिंग स्कीम लाया जाएगा. साथ ही, मेट्रो स्टेशन तक आने के लिए हैंगिंग ब्रिज या अंडर ग्राउंड रास्तों को भी जोड़ने की छूट मिलेगी, जिससे सड़कों पर ट्रैफ़िक कम होगा.

मेट्रो और नमो और RRTS कॉरिडोर से 500 मीटर के दायरे में बनेंगे सस्ते घर, जानें नई TOD नीति में आपके लिए क्या?
AFFORDABLE HOMES BUILT IN DELHI-NCR, DELHI METRO, NAMO AND RRTS CORRIDOR

New TOD Policy: केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने मंगलवार को संशोधित ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट पॉलिसी को मंजूरी दी है. इसके तहत सरकार नई दिल्ली में करीब 420 KM के मेट्रो कॉरिडोर, नमो कॉरिडोर और RRTS ट्रेन कॉरिडोर के 500 मीटर के दायरे में 100 स्क्वायर मीटर के अफोर्टेबल फ्लैट्स बनाने के लिए सरकार प्रोत्साहित करेगी. यही नहीं, सरकार ने दिल्ली के 1511 अवैध कॉलोनियों में बने मकानों को नियमित करने के लिए कई बड़ी राहत दी जाएगी. 

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर और दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता ने मंगलवार को बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि दिल्ली के मेट्रो कॉरिडोर, नमो भारत इन्फ़्रास्ट्रक्चर के साथ अफेर्डेबल हाउसिंग स्कीम लाया जाएगा. साथ ही, मेट्रो स्टेशन तक आने के लिए हैंगिंग ब्रिज या अंडर ग्राउंड रास्तों को भी जोड़ने की छूट मिलेगी, जिससे सड़कों पर ट्रैफ़िक कम होगा.

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मेट्रो कॉरिडोर के दोनों ओर के 500 मीटर एरिया में TOD डेवलेप किया जाएगा

रिपोर्ट के मुताबिक मेट्रो कॉरिडोर के दोनों तरफ के 500 मीटर के एरिया में TOD डेवलेप किया जाएगा, जो प्रस्तावित मेट्रो और रेलवे नेटवर्क पर भी लागू किया जाएगा. इसके तहत 100 स्क्वायर मीटर के मकान के नक्शे को पास किया जाएगा. अभी तक केवल सराय काले खान और जंगपुरा में ही स्कीम लागू हो पाया था. सरकार ने इस योजना को ज्यादा प्रभावी बनाने के लिए कई अहम बदलाव भी किए हैं.

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मेट्रो कॉरिडोर, आरआरटीएस कॉरिडोर और रेलवे स्टेशनों में होगा विकास

गौरतलब है नई नीति के तहत दिल्ली में करीब 207 वर्ग किमी क्षेत्र को विकास के लिए चिन्हित किया गया है. इसमें मेट्रो कॉरिडोर के दोनों ओर 500 मीटर और आरआरटीएस और रेलवे स्टेशनों के आसपास का इलाका शामिल है. इस बड़े क्षेत्र में योजनाबद्ध तरीके से आवास, दुकानों और अन्य सुविधाओं का विकास किया जाएगा, जिससे लोगों को घर और परिवहन दोनों की सुविधा एक ही जगह पर मिल सकेगी. 

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संशोधथित टीओडी नीति के दायरे से बाहर के करीब 80 वर्ग किलोमीटर का क्षेत्र के इलाके इसमें शामिल किए गए हैं, जिसमें अनधिकृत कॉलोनियां, कम घनत्व वाले आवासीय क्षेत्र और भूमि पूलिंग वाले इलाके आते हैं, वो अब इस योजना का हिस्सा होंगे. इससे इन इलाकों का भी तेजी से विकास होगा और यहां रहने वाले लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी.

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क्या है TOD योजना?

टीओडी यानी (Transit-Oriented Development Policy) के तहत सार्वजनिक परिवहन जैसे मेट्रो और रेलवे के पास ही आवास और कॉमर्शियल प्रोजेक्ट विकसित किए जाते हैं. इसका मकसद लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी देना और शहर में ट्रैफिक व प्रदूषण कम करना है. सरकार इस योजना के जरिए मेट्रो और नमो भारत और आरआईटीएस कॉरिडोर के 500 मीटर के दायरे में सस्ते घर विकसित करने जा रही है.

नई TOD नीति के प्रमुख प्रावधान?

  • अब 2000 वर्ग मीटर के छोटे भूखंडों पर भी विकास संभव होगा
  • 2000 वर्ग मीटर से बड़े प्लॉट पर 18 मीटर चौड़ी सड़क के साथ अधिकतम 500 एफएआर (Floor Area Ratio) की अनुमति होगी
  • कुल एफएआर का 65% हिस्सा आवासीय उपयोग के लिए अनिवार्य होगा
  • 100 वर्ग मीटर तक के फ्लैट्स को प्राथमिकता दी जाएगी
  • बाकी 35% हिस्से में से 10% क्षेत्र कमर्शियल और अन्य सुविधाओं के लिए रखा जाएगा

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