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ग्रेटर नोएडा में 80 करोड़ की सरकारी जमीन पर चला बुलडोजर, निवेशकों को फंसाने की कॉलोनाइजर्स की तैयारी पर फिरा पानी

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार के सख्त निर्देशों के बाद भूलेख और परियोजना विभाग ने संयुक्त रूप से यह ऑपरेशन चलाया. परियोजना विभाग के वर्क सर्किल 2 की टीम जब बुलडोजर लेकर मौके पर पहुंची, तो वहां अवैध रूप से किए गए निर्माणों को ढहा दिया गया. बताया जा रहा है कि भूमाफिया इस कीमती जमीन पर अवैध प्लाटिंग कर रहे थे और भोले भाले लोगों को फंसाने की तैयारी में थे.

ग्रेटर नोएडा में 80 करोड़ की सरकारी जमीन पर चला बुलडोजर, निवेशकों को फंसाने की कॉलोनाइजर्स की तैयारी पर फिरा पानी
ग्रेटर नोएडा में 80 करोड़ की सरकारी जमीन पर चला बुलडोजर, निवेशकों को फंसाने की कालोनाइजर्स की तैयारी पर फिरा पानी
Narendra Thakur

Buldpzer action in Greater NOIDA: ग्रेटर नोएडा में अवैध कॉलोनाइजरों के खिलाफ प्राधिकरण ने मंगलवार को एक बार फिर बड़ा शिकंजा कसा. भनौता गांव के अधिसूचित क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए प्राधिकरण की टीम ने करीब 40 हजार वर्ग मीटर जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया. बाजार में इस जमीन की अनुमानित कीमत 80 करोड़ रुपये बताई जा रही है.

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार के सख्त निर्देशों के बाद भूलेख और परियोजना विभाग ने संयुक्त रूप से यह ऑपरेशन चलाया. परियोजना विभाग के वर्क सर्किल 2 की टीम जब बुलडोजर लेकर मौके पर पहुंची, तो वहां अवैध रूप से किए गए निर्माणों को ढहा दिया गया. बताया जा रहा है कि भूमाफिया इस कीमती जमीन पर अवैध प्लाटिंग कर रहे थे और भोले भाले लोगों को फंसाने की तैयारी में थे.

दो घंटे चला ध्वस्तीकरण अभियान

प्राधिकरण के महाप्रबंधक एके सिंह ने जानकारी दी कि भनौता गांव के खसरा संख्या 132, 133, 135 और उसके आसपास की जमीन पर यह कार्रवाई की गई है. यह पूरी भूमि प्राधिकरण द्वारा अर्जित और अधिसूचित है. सुरक्षाकर्मियों के साथ पहुंची टीम ने मंगलवार को करीब दो घंटे तक ध्वस्तीकरण अभियान चलाया. अधिकारियों ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि दोबारा निर्माण की कोशिश की गई, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण चेतावनी

इस कार्रवाई के बाद ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ सुमित यादव ने आम जनता को सतर्क रहने की सलाह दी है. उन्होंने कहा कि बिना नक्शा पास कराए या प्राधिकरण की अनुमति के बिना किया गया कोई भी निर्माण अवैध माना जाएगा. लोग अपनी मेहनत की कमाई किसी अवैध कॉलोनी में न फंसाएं. जमीन खरीदने से पहले प्राधिकरण के भूलेख विभाग से संपर्क कर उसकी स्थिति की पूरी जानकारी अवश्य लें.

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इसका साथ ही प्राधिकरण ने साफ कर दिया है कि भविष्य में भी अधिसूचित क्षेत्रों में अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ इसी तरह का जीरो टॉलरेंस रवैया अपनाया जाएगा.

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