BJP Plan Against Kejriwal: भाजपा के एक बड़े सूत्र ने बताया कि पार्टी इस बार दिल्ली विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री पद का कोई उम्मीदवार पेश नहीं करेगी, लेकिन अरविंद केजरीवाल के खिलाफ नई दिल्ली सीट से एक बड़ा चेहरा उतारेगी. मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित नहीं करना भाजपा की एक रणनीति है. इस रणनीति का फायदा भाजपा को महाराष्ट्र, ओडिशा, मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों में मिला. अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (आप) ने अगले साल की शुरुआत में होने वाले चुनावों के लिए अन्य पार्टियों की तुलना में पहले ही सभी 70 सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है.
बड़ी चुनौती मिलेगी
सूत्रों ने कहा कि भाजपा पूरी तरह आश्वस्त है कि उसकी तरफ से चुनाव में अरविंद केजरीवाल के खिलाफ उतारा गया चेहरा नई दिल्ली सीट पर कड़ी टक्कर देगा और पूर्व मुख्यमंत्री को बड़ी चुनौती मिलेगी. सितंबर में शराब नीति मामले में जमानत मिलने के कुछ दिनों बाद केजरीवाल ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था और आतिशी को अपने स्थान पर नामित किया था.
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बेल मिलने के बाद केजरीवाल ने सितंबर में कहा था, मुझे कानूनी अदालत से न्याय मिला था, अब जनता की अदालत से न्याय मिलेगा. मैं लोगों के आदेश के बाद ही मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठूंगा.
भाजपा कथित शराब घोटाले को लेकर दिल्ली सरकार को निशाना बनाने की योजना बना रही है. सूत्र ने कहा कि सत्ता विरोधी लहर से भाजपा को अलग से फायदा होगा. भाजपा के जिन पूर्व सांसदों को 2024 के लोकसभा चुनाव में टिकट नहीं दिया गया था, उन्हें दिल्ली चुनाव लड़ने के लिए कहा जा सकता है. कुछ सीटें चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी और नीतीश कुमार की जनता दल यूनाइटेड के बीच भी वितरित की जाएंगी.
अब तक का रिकॉर्ड
भाजपा ने बुधवार को 21 सदस्यीय राज्य चुनाव समिति की घोषणा की, जिसे संभावित उम्मीदवारों की स्क्रीनिंग का काम सौंपा गया है. बाद में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली केंद्रीय चुनाव समिति अंतिम निर्णय लेने के लिए बैठक करेगी. 2015 में, आप ने 67 सीटें जीतीं और भाजपा ने सिर्फ तीन. 2020 के अगले चुनाव में, आप ने 62 सीटें और भाजपा ने आठ सीटें जीतीं. कांग्रेस दोनों ही मौकों पर अपना खाता खोलने में नाकाम रही.
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