कानपुर: टीचर के बॉयफ्रेंड ने की 10वीं के छात्र की हत्या, गुमराह करने के लिए भेजा फिरौती का नोट

पुलिस ने कहा कि शुरुआती जांच से पता चला है कि लड़के की हत्या (Kanpur Boy Murder Case) फिरौती मांगने वाले नोट भेजने से पहले ही कर दी गई थी. परिवार को फिरौती वाला नोट सिर्फ ध्यान भटकाने के लिए भेजा गया था.

कानपुर: टीचर के बॉयफ्रेंड ने की 10वीं के छात्र की हत्या, गुमराह करने के लिए भेजा फिरौती का नोट

कानपुर पुलिस

खास बातें

  • टीचर के बॉयफ्रेंड ने की छात्र की हत्या
  • फिरौती मांगने वाले नोट भेजने से पहले ही कर दी गई थी
  • पुलिस ने बताया- हत्या का मकसद फिरौती नहीं था
नई दिल्ली:

उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक 17 साल के लड़के की हत्या (Kanpur Boy Murder) उसकी ट्यूशन टीचर के प्रेमी ने कर दी. इस हत्या को किडनैपिंग का रूप देने के लिए उसने लड़के के परिवार से फिरौती भी मांगी. ट्यूशन टीचर रचिता का बॉयफ्रेंड प्रभात शुक्ला 10वीं के छात्र कुशाग्र को मारने के लिए स्टोर रूम में लेकर गया था. ये जानकारी पुलिस की तरफ से दी गई. पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की जांच करने के बाद कहा कि प्रभात ने कुशाग्र का पीछा उसके घर से स्टोर रूम तक किया था. उसने कुशाग्र से कहा था कि उसकी टीचर रचिता उसे बुला रही है, इसीलिए वह उसके पीछे आया है. 

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टीचर के बॉयफ्रेंड ने की 10वीं के छात्र की हत्या

पुलिस ने बताया कि सीसीटीवी में प्रभात और कुशाग्र एक साथ कमरे में घुसते दिखाई दिए. करीब 20 मिनट के बाद प्रभात तो कमरे से बाहर आ गया लेकिन 10वीं का छात्र कुशाग्र नहीं निकला. शुरुआती जांच के आधार पर पुलिस ने कहा कि फुटेज देखकर ऐसा लगता है कि प्रभात के बाद कमरे में कोई और नहीं गया. इसके बाद आरोपी ने अपने कपड़े बदले और कुशाग्र के स्कूटर को ठिकाने लगाने चला गया. 10वीं के छात्र की हत्या के मामले में पुलिस ने उसकी ट्यूशन टीचर रचिता और उनके दोस्त आर्यन को गिरफ्तार कर लिया है. पीड़ित परिवार का कहना है कि उनको फिरौती की मांग वाला नोट भी मिला है. लेकिन शुरुआती जांच से पता चला है कि नोट पहुंचाने से पहले ही कुशाग्र की हत्या कर दी गई थी. 

परिवार को गुमराह करने के लिए भेजा फिरौती का लेटर

पुलिस ने कहा कि शुरुआती जांच से पता चला है कि लड़के की हत्या फिरौती मांगने वाले नोट भेजने से पहले ही कर दी गई थी. परिवार को फिरौती वाला नोट सिर्फ ध्यान भटकाने के लिए भेजा गया था.  हत्या का मकसद फिरौती मांगना नहीं था.  बता दें कि कानपुर के कारोबारी संजय कनोडिया का 10वीं क्लास में पढ़ने वाला बेटा  घर से शाम 4 बजे स्वरूप नगर कोचिंग में पढ़ने गया था, लेकिन शाम तक वह घर नहीं पहुंचा. घर वालों ने जब फोन किया तो उसका मोबाइल बंद आ रहा था. जिसके बाद परिवार ने   रायपुरवा थाना क्षेत्र में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई. इसके बाद रहस्यमयी ढंग से उनके पास फिरौती का नोट पहुंचा.

नोट देखते ही परिवार में हड़कंप मच गया. फिरौती नोट की जानकारी मिलते ही पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए. फिरौती नोट में लिखा था," अल्लाह-हू-अकबर'  हम तुम्हारा त्यौहार नहीं करेंगे खराब, कल फोन करके बताएंगे रकम और जगह ." परिवार के मुताबिक- एक स्कूटी सवार अपार्टमेंट के बाहर इस नोट को फेंककर चला गया था. हालांकि पुलिस ने सीसीटीवी खंगालकर दो लड़कियों के साथ हिरासत में ले लिया. 

'पैसे मांगने के लिए नहीं हुई छात्र की हत्या'

वहीं इस मामले पर कानपुर के ज्वाइंट कमिश्नर आनंद प्रकाश तिवारी ने बताया कि रायपुरवा थाने में कनोडिया परिवार द्वारा सूचना दी गई थी के उनका बेटा गायब है और ये भी बताया गया था एक संदिग्ध व्यक्ति द्वारा लेटर फेंका गया है.सारे सीसीटीवी की जांच करने के बाद कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया है. वहीं इस अपहरण में किसी मुस्लिम संगठन का हाथ होने के सवाल पर आनंद प्रकाश तिवारी ने कहा कि पूछताछ की जा रही है, जो भी जानकारी सामने आएगी उसे साझा किया जाएगा. लेकिन यह तो साफ हो गया है कि सिर्फ फिरौती मांगने के लिए कुशाग्र की हत्या नहीं की गई है. 

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