- लक्ष्मी नगर में तबरेज अहमद, शोएब मलिक और रघुराज सिंह गिरफ्तार
- पूछताछ के बाद दानिश मालिक और उनवान अंसारी को गिरफ्तार किया गया
- पकड़े गए आरोपी नकली नोट की डिजाइन बनाने, छापने और खपाने में माहिर
दिल्ली पुलिस ने नकली नोटों की छपाई और इसे बाजार में खपाने वाले गिरोह का भंडाभोड़ करते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार किया है. उनके पास से करीब 55 लाख रुपये के नकली नोट और एक करोड़ से ज्यादा के नकली डॉलर बरामद किए गए हैं. यह गिरोह दिल्ली में नकली नोटों की फैक्टरी लगाने वाला था. पकड़े गए आरोपी नकली नोट की डिजाइन बनाने, उन्हें छापने से लेकर बाजार में खपाने में माहिर हैं.
स्पेशल सेल के डीसीपी प्रमोद कुशवाहा की टीम को जानकारी मिली कि एक शख्स जो दिल्ली के बाहर का रहने वाला है, दिल्ली में नकली नोटों की फैक्टरी डालने की कोशिश कर रहा है. यह नोट उत्तर पूर्वी दिल्ली में सप्लाई होते हैं. इसी सूचना पर पुलिस ने 20 दिसंबर को लक्ष्मी नगर इलाके से तीन लोगों तबरेज अहमद, शोएब मलिक और रघुराज सिंह को गिरफ्तार किया. इसमें से एक रिसीवर भी था. उनके पास से तीन लाख रुपये के नकली नोट मिले. जांच में पता चला कि वे 20 रुपये में 100 रुपये का नकली नोट देते हैं. इन आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस ने दो और आरोपियों दानिश मालिक और उनवान अंसारी को गिरफ्तार किया. उनके पास से प्रिंटर, बटर पेपर और 52 लाख के नकली नोट बरामद हुए. यह नोट दो हज़ार, 500,100 और 50 के हैं. इसके अलावा 167500 नकली डॉलर भी बरामद हुए जो एक करोड़ 17 लाख रुपये के बराबर हैं.

पुलिस के मुताबिक दानिश 15 साल तक फ़ोटो स्टूडियो में काम कर चुका है इसलिए नकली नोटों का डिजाइन उसने तैयार किया. उनवान अंसारी दिल्ली विश्वविद्यालय का छात्र रहा है. वह कॉमर्स से स्नातक है और साल 2000 में उसने वेब इंजीनियरिंग का कोर्स किया था. वह लोगों को बड़े पैमाने पर नकली नोट दिखाकर ठगी करता था. तबरेज मध्यप्रदेश का रहने वाला है और वह नकली नोट छापने में एक्सपर्ट है. शोएब मलिक सीलमपुर में अपनी बहन के घर नोट छपवा रहा था और रघुराज सिंह तबरेज के साथ इस धंधे में पिछले 15 सालों से जुड़ा था.
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