प्रतीकात्मक चित्र
- एक के बाद एक कई घरों में हुई चोरी
- पुलिस को आर्मी ने दी मामले की जानकारी
- सीसीटीवी फुटेज से हुई आरोपियों की पहचान
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नई दिल्ली:
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्राच ने एक ऐसे हाइप्रोफाइल गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार किया है जो खास तौर पर सेना के अफसरों के घर में चोरी करते थे. खास बात यह है कि पुलिस ने गिरोह को सहयोग करने के लिए एक निलंबित सेना के अफसर को भी गिरफ्तार किया है. क्राइम ब्रांच के डीसीपी भीष्म सिंह ने बताया कि उनकी टीम को चोरियों और आरोपियों की जानकारी मिलिट्री इनटेलीजेंस की तरफ से मिली. मिली जानकारी पर हमारी टीम ने जांच शुरू की. इस दौरान हमारी टीम ने दिल्ली कैंट एरिया के सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरू की.
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इन फुटेज को देखने के बाद ही आरोपियों का सुराग मिला. इसके बाद 18 मार्च को द्वारका सेक्टर 1 इलाके से एक आरोपी को आई टेन कार और चोरी के सामान के साथ गिरफ्तार किया गया. उससे पूछताछ के आधार पर बाद में पुलिस की टीम ने तीन अन्य आरोपियों धर्मवीर ,दीपक और धीरज को गिरफ्तार किया. पुलिस के मुताबिक धर्मवीर मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस में फिटर जनरल मेकैनिक के पद पर तैनात रहा है लेकिन उसे निलबिंत कर दिया गया था. उसने 1988 में सेना जॉइन की थी लेकिन 1995 में एक कैप्टन के साथ मारपीट के आरोप में उसे गिरफ्तार कर लिया गया. फिर उसे 2009 में चोरी के एक मामले में गिरफ्तार किया गया.
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जेल में उसकी मुलाकात धीरज और दीपक से हुई. जेल से आने के बाद उसने अपना गैंग बनाकर आर्मी अफसरों के यहां चोरियां शुरू कर दी. वह धीरज और दीपक की एंट्री अपने आईकार्ड से करा देता था. पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने 23 दिसंबर ,2017 को मेजर श्रीमती संभूति अरोरा के यहां चोरी की.
VIDEO: दिल्ली के पॉश इलाके में सक्रिय है गिरोह.
इसके बाद 2 फरवरी 2018 को मेजर देवदत्त देशपांडे के यहां चोरी की, इसी तरह 27 फरवरी 2018 को ब्रिगेडियर मुकेश अग्रवाल के यहां हाथ साफ किया. 27 फरवरी 2018 को ही कोमोडोर एमिल जॉर्ज के यहां और 14मार्च,2018 मार्च को इन लोगों ने ब्रिगेडियर चिन्मय मधवाल के यहाँ चोरी की.
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इन फुटेज को देखने के बाद ही आरोपियों का सुराग मिला. इसके बाद 18 मार्च को द्वारका सेक्टर 1 इलाके से एक आरोपी को आई टेन कार और चोरी के सामान के साथ गिरफ्तार किया गया. उससे पूछताछ के आधार पर बाद में पुलिस की टीम ने तीन अन्य आरोपियों धर्मवीर ,दीपक और धीरज को गिरफ्तार किया. पुलिस के मुताबिक धर्मवीर मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस में फिटर जनरल मेकैनिक के पद पर तैनात रहा है लेकिन उसे निलबिंत कर दिया गया था. उसने 1988 में सेना जॉइन की थी लेकिन 1995 में एक कैप्टन के साथ मारपीट के आरोप में उसे गिरफ्तार कर लिया गया. फिर उसे 2009 में चोरी के एक मामले में गिरफ्तार किया गया.
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जेल में उसकी मुलाकात धीरज और दीपक से हुई. जेल से आने के बाद उसने अपना गैंग बनाकर आर्मी अफसरों के यहां चोरियां शुरू कर दी. वह धीरज और दीपक की एंट्री अपने आईकार्ड से करा देता था. पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने 23 दिसंबर ,2017 को मेजर श्रीमती संभूति अरोरा के यहां चोरी की.
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इसके बाद 2 फरवरी 2018 को मेजर देवदत्त देशपांडे के यहां चोरी की, इसी तरह 27 फरवरी 2018 को ब्रिगेडियर मुकेश अग्रवाल के यहां हाथ साफ किया. 27 फरवरी 2018 को ही कोमोडोर एमिल जॉर्ज के यहां और 14मार्च,2018 मार्च को इन लोगों ने ब्रिगेडियर चिन्मय मधवाल के यहाँ चोरी की.
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