बवाना आग की फाइल फोटो
- ज्यादातर जगहों पर आग बुझाने के नहीं थे इंतजाम
- पुलिस ने बाद में आरोपियों को किया गिरफ्तार
- शार्ट सर्किट से लगी थी ज्यादातर जगहों पर आग
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
नई दिल्ली:
बवाना में लगी आग की घटना ने पीएम मोदी से लेकर पूरे देश को हिलाकर रख दिया है. इस घटना को लेकर पीएम मोदी ने ट्वीट कर अपनी संवेदना जताई. घटना इतनी भयावक थी कि अभी तक इसमें कुल 17 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है. जबकि कई अन्य लोगों की तलाश जारी है. हालांकि बवाना आग की घटना देश की कोई पहली ऐसी घटना नहीं है. इससे पहले भी देश के अलग-अलग राज्यों में कई बड़ी आग लगी जिसमें पलक झपकते ही कई लोगों की जान चली गई. आज हम आपको ऐसे ही 5 बड़ी घटनाओं से रूबरू कराने जा रहे हैं, जिनमें एक चिंगारी ने पलग झपकते ही कई लोगों की जान ले ली.
यह भी पढ़ें: वडोदरा के केमिकल प्लांट में ब्लास्ट से भीषण आग, 4 कर्मचारियों की मौत, 9 घायल
कोलकाता के अस्पताल में आग
दिसंबर 2011 में कोलकाता के अस्पताल में लगी आग में 89 लोगों की मौत हो गई थी जबकि 30 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे. आग सुबह करीब तीन बजे लगी थी. घटना के समय अस्पताल के अंदर कुल 160 लोग थे. इस मामले में पश्चिम बंगाल की सीएम ने अस्पताल का लाइंसेस रद्द कर दिया था. जांच में पता चला कि आग अस्पताल के बेसमेंट में सबसे पहले लगी थी.
मेरठ में आयोजित मेले में लगी आग
अप्रैल 2006 में मेरठ में आयोजित कंज्यूमर फेयर में लगी आग में 50 से ज्यादा लोगों की मौत हुई जबकि 42 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे. पुलिस की जांच में पता चला था कि आग एक शार्ट सर्किट की वजह से लगी थी. मेले में लोगों की भीड़ ज्यादा होने की वजह से पीड़ित की संख्या में इजाफा हुआ साथ ही मेले के दौरान इस तरह की स्थिति से निपटने के लिए कोई पुख्ता इंतजाम नहीं थे.
यह भी पढ़ें: दमकल अधिकारी समेत तीन और गिरफ्तार
पटाखे बनाने वाली फैक्ट्री मे लगी आग
तमिलनाडु के मुदलीपट्टी के एक पटाखा फैक्ट्री में लगी आग में वहां काम कर रहे 54 लोगों की मौत हो गई थी जबकि 80 के करीब लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे. यह आग भी हमें बवाना आग की तरह ही थी जहां फैक्ट्री में काम कर रहे लोग अंदर ही ट्रैप हो गए थे.
उपहार सिनेमा की घटना
दिल्ली के उपहार सिनेमा में लगी आग भी देश की सबसे दर्दनाक घटनाओं से एक है. इस घटना में पुलिस के अनुसार 59 लोगो की मौत हो गई थी जबकि 100 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे. पुलिस की जांच में पता चला कि सिनेमा हॉल में आग लगने से बचने के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं थे.
यह भी पढ़ें: बेंगलुरु की बेलांदुर झील में फिर लगी आग, 5 हजार जवानों ने मिलकर बुझाया
आग और भगदड़ ने ली थी 500 से ज्यादा लोगों की जान
हरियाणा के दाबवाली में हुई घटना आग की सबसे बड़ी घटनाओं में से एक है.यह घटना दिसंबर 1995 में हुई थी. घटना में कुल 540 लोगों की जान गई थी. जांच में पता चला था कि आग लगने की मुख्य वजह जेनरेटर में हुई शार्ट सर्किट थी.
VIDEO: बवाना फैक्टरी में लगी आग, 17 की मौत
घटना के बाद वहां भगदड़ मची इस वजह से भी कई लोगों की मौत हुई थी.
यह भी पढ़ें: वडोदरा के केमिकल प्लांट में ब्लास्ट से भीषण आग, 4 कर्मचारियों की मौत, 9 घायल
कोलकाता के अस्पताल में आग
दिसंबर 2011 में कोलकाता के अस्पताल में लगी आग में 89 लोगों की मौत हो गई थी जबकि 30 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे. आग सुबह करीब तीन बजे लगी थी. घटना के समय अस्पताल के अंदर कुल 160 लोग थे. इस मामले में पश्चिम बंगाल की सीएम ने अस्पताल का लाइंसेस रद्द कर दिया था. जांच में पता चला कि आग अस्पताल के बेसमेंट में सबसे पहले लगी थी.
मेरठ में आयोजित मेले में लगी आग
अप्रैल 2006 में मेरठ में आयोजित कंज्यूमर फेयर में लगी आग में 50 से ज्यादा लोगों की मौत हुई जबकि 42 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे. पुलिस की जांच में पता चला था कि आग एक शार्ट सर्किट की वजह से लगी थी. मेले में लोगों की भीड़ ज्यादा होने की वजह से पीड़ित की संख्या में इजाफा हुआ साथ ही मेले के दौरान इस तरह की स्थिति से निपटने के लिए कोई पुख्ता इंतजाम नहीं थे.
यह भी पढ़ें: दमकल अधिकारी समेत तीन और गिरफ्तार
पटाखे बनाने वाली फैक्ट्री मे लगी आग
तमिलनाडु के मुदलीपट्टी के एक पटाखा फैक्ट्री में लगी आग में वहां काम कर रहे 54 लोगों की मौत हो गई थी जबकि 80 के करीब लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे. यह आग भी हमें बवाना आग की तरह ही थी जहां फैक्ट्री में काम कर रहे लोग अंदर ही ट्रैप हो गए थे.
उपहार सिनेमा की घटना
दिल्ली के उपहार सिनेमा में लगी आग भी देश की सबसे दर्दनाक घटनाओं से एक है. इस घटना में पुलिस के अनुसार 59 लोगो की मौत हो गई थी जबकि 100 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे. पुलिस की जांच में पता चला कि सिनेमा हॉल में आग लगने से बचने के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं थे.
यह भी पढ़ें: बेंगलुरु की बेलांदुर झील में फिर लगी आग, 5 हजार जवानों ने मिलकर बुझाया
आग और भगदड़ ने ली थी 500 से ज्यादा लोगों की जान
हरियाणा के दाबवाली में हुई घटना आग की सबसे बड़ी घटनाओं में से एक है.यह घटना दिसंबर 1995 में हुई थी. घटना में कुल 540 लोगों की जान गई थी. जांच में पता चला था कि आग लगने की मुख्य वजह जेनरेटर में हुई शार्ट सर्किट थी.
VIDEO: बवाना फैक्टरी में लगी आग, 17 की मौत
घटना के बाद वहां भगदड़ मची इस वजह से भी कई लोगों की मौत हुई थी.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं