महान क्रिकेट खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर (Sachin on Saina) ने पूर्व विश्व नंबर एक बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल की तारीफ करते हुए कहा कि आपका करियर इस बात का प्रमाण है कि महानता समय के साथ बनती है और उसकी विरासत केवल पदकों तक सीमित नहीं है. साइना ने पिछले दो साल से घुटने की चोट से परेशान रहने के बाद इस सप्ताह की शुरुआत में प्रतिस्पर्धी बैडमिंटन से संन्यास की पुष्टि की. उन्होंने कहा कि उनका शरीर अब उच्च स्तरीय खेल की जरूरतों को सहन नहीं कर सकता. हैदराबाद की इस 35 साल की खिलाड़ी ने 2012 लंदन ओलंपिक में कांस्य पदक जीता था. उन्होंने 2023 में सिंगापुर ओपन में अपना आखिरी प्रतिस्पर्धी मैच खेला था. उन्होंने उस समय औपचारिक रूप से संन्यास की घोषणा नहीं की थी.
Dear Saina, your career is proof that greatness is built one day at a time, with patience, courage, and consistency.
— Sachin Tendulkar (@sachin_rt) January 22, 2026
You carried Indian badminton to the world stage and showed that belief, when matched with preparation, can change the course of a sport.
Beyond the medals lies… pic.twitter.com/bMdYbxOeQ5
तेंदुलकर ने ‘एक्स' पर लिखा, ‘प्रिय साइना, आपका करियर इस बात का प्रमाण है कि महानता एक-एक दिन के प्रयास, धैर्य, साहस और निरंतरता से बनती है. आपने भारतीय बैडमिंटन को विश्व स्तर पर पहुंचाया और दिखाया कि विश्वास, जब तैयारी के साथ जुड़ता है, तो किसी खेल की दिशा बदल सकता है. आपकी सबसे बड़ी उपलब्धि पदकों से परे है.' तेंदुलकर ने कहा कि साइना की सबसे बड़ी उपलब्धि केवल पदकों तक सीमित नहीं रही, बल्कि उन्होंने देशभर के युवा खिलाड़ियों को यह विश्वास दिलाया कि शीर्ष स्तर पर सफलता हासिल करना संभव है.
उन्होंने लिखा,'देशभर के युवा खिलाड़ियों को यह प्रेरणा देना कि वैश्विक सफलता संभव है, आपकी सबसे बड़ी देन है. हर खेल यात्रा का एक दौर समाप्त होता है और एक नया दौर शुरू होता है. एक ऐसा दौर जिसमें आपका अनुभव, दृष्टिकोण और खेल के प्रति आपका प्रेम कई लोगों का मार्गदर्शन करता रहेगा. भारतीय खेल को जो कुछ आपने दिया, उसके लिए धन्यवाद. आपका प्रभाव कई पीढ़ियों तक महसूस किया जाएगा.'
इस वजह से साइना ने कहा खेल को अलविदा
साइना का करियर 2016 रियो ओलंपिक में घुटने की गंभीर चोट से काफी प्रभावित हुआ था. उन्होंने 2017 में विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतकर और 2018 में राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण जीतकर शानदार वापसी की लेकिन बार-बार होने वाली घुटने की समस्याओं ने उनके करियर को प्रभावित करना जारी रखा. साइना ने 2024 में उन्होंने खुलासा किया कि उनके लिए घुटनों में समस्या के कारण उच्च स्तर के प्रशिक्षण को जारी रखना बेहद कठिन हो गया है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं