झारखंड के 21 साल के ओपनर ने रणजी ट्रॉफी में केरल के खिलाफ शतक लगाकर हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींचा है. केरल के खिलाफ झारखंड ने टॉस जीता और ऐसी पिच पर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया, जिससे शुरुआत में तेज गेंदबाजों को मदद मिलने की उम्मीद थी. मोहन और उनके ओपनिंग पार्टनर शरनदीप सिंह ने नई गेंद का सावधानी से सामना किया और एक मजबूत साझेदारी की. शरनदीप 33 रन बनाकर आउट हो गए, लेकिन मोहन क्रीज पर डटे रहे और बिना किसी गलती के गेंदबाजों का जमकर सामना किया. शिखर की पारी में शानदार कवर ड्राइव्स देखने मिली, उनकी बल्लेबाजी में उनका शांत स्वभाव भी देखने को मिला, जो उनकी पहचान बन चुकी है.
पिछले सीजन के निराशाजनक प्रदर्शन से उबरने की कोशिश कर रही केरल की टीम इस साझेदारी को तोड़ने के लिए संघर्ष करती रही. अनुभवी खिलाड़ी जलज सक्सेना ने आखिरकार पहला विकेट लिया, लेकिन क्रीज पर मोहन की मौजूदगी मेहमान टीम को परेशान करती रही. दिन के बाद के हिस्से में झारखंड ने कुछ और विकेट गंवाए, लेकिन टीम का स्कोर 250 के पार पहुंच गया और वे मज़बूत स्थिति में आ गए. शिखर मोहन का परफॉर्मेंस झारखंड के घरेलू क्रिकेट सिस्टम से उभर रही प्रतिभा की गहराई को दर्शा रहा है
कौन हैं शिखर मोहन?
शिखर मोहन बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं और घरेलू क्रिकेट में झारखंड का प्रतिनिधित्व करते हैं. उनका जन्म 18 मई, 2005 को हुआ था. रांची में जन्मे इस बल्लेबाज ने शानदार फॉर्म जारी रखा है और अब हर कोई उनके बारे में और जानना चाहता है. उन्होंने इस महीने की शुरुआत में ईरानी कप में अहम 60 रन बनाए थे और दलीप ट्रॉफी में लगातार दो अर्धशतक जड़े थे, जिसमें ईस्ट जोन के लिए फाइनल में उनका शानदार ऑल-राउंड प्रदर्शन भी शामिल था. केरल के खिलाफ लगाया गया उनका यह शतक फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में उनका तीसरा शतक है. मोहन का आगे बढ़ना झारखंड के घरेलू सेटअप से उभर रही प्रतिभा की गहराई को दिखाता है.
इस युवा ओपनर ने पिछले सीजन में रणजी ट्रॉफी में डेब्यू किया था और 55 से ज्यादा की औसत से 613 रन बनाकर झारखंड के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बने थे. इसमें नागालैंड के खिलाफ लगाया गया उनका दोहरा शतक भी शामिल था. अंडर-23 लेवल पर शानदार प्रदर्शन ने उन्हें पहले ही एक होनहार खिलाड़ी के तौर पर पहचान दिला दी थी, और सीनियर क्रिकेट में उनके फरफॉर्मेंस ने सबका ध्यान खींचा है.
मोहन ने अपने पहले रणजी ट्रॉफ़ी सीजन में 8 मैच खेले थे, उन्हें दलीप ट्रॉफी फाइनल में ईस्ट जोन की प्लेइंग XI में विराट सिंह की जगह शामिल किया गया था. हालांकि, वह एक शानदार शतक बनाने से चूक गए थे. दलीप ट्रॉफी फाइनल से पहले 2025-26 रणजी ट्रॉफ़ी में उत्तराखंड के खिलाफ रेड-बॉल क्रिकेट में उनका बेहतरीन प्रदर्शन देखने को मिला था. वह अपनी शानदार बल्लेबाजी और स्ट्रोकप्ले के लिए जाने जाते हैं. मोहन के लिए, यह शतक तेजी से आगे बढ़ रहे उनके शानदार करियर में एक और अहम पड़ाव है.
मोहन ने अबतक 7 लिस्ट A मैच भी खेले हैं जिनमें उन्होंने 391 रन बनाए हैं. फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में उनका औसत 55.72 और लिस्ट A क्रिकेट में 55.85 रहा है. रांची और पूरे झारखंड के क्रिकेट फैन्स यह उम्मीद कर रहे हैं कि मोहन धोनी की लेगसी को आगे बढ़ाने का काम करेंगे और इंटरनेशनल लेवल तक अपनी पहचान बनाएंगे.
यह भी पढ़ें | अभिषेक प्लेयर ऑफ द मैच नहीं बने, पर बने जीत की सबसे बड़ी वजह, जानें उनका असर, किस राउंड में पलटी बाजी
यह भी पढ़ें | नीरज-रोहित-यशवीर के बाद अब आदित्य ने जैवलिन थ्रो में रचा इतिहास, नेशनल ओपन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में जीता गोल्ड
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं