
किंग्सटन:
चैंपियंस ट्रॉफी विजेता भारतीय क्रिकेट टीम त्रिकोणीय एक-दिवसीय शृंखला का पहला मुकाबला जीत चुकी वेस्ट इंडीज से रविवार को खेलेगी, तो उसका इरादा जीत की लय कायम रखने का होगा।
भारत को चैंपियंस ट्रॉफी जीतने के बाद आराम का मौका नहीं मिला। खिलाड़ियों ने इंग्लैंड से सीधे वेस्ट इंडीज की उड़ान भरी, लिहाजा शानदार फॉर्म में चल रही टीम के लिए चिंता का एकमात्र सबब थकान हो सकती है। दूसरी ओर वेस्ट इंडीज का इरादा चैंपियंस ट्रॉफी के ग्रुप मैच में मिली हार का बदला चुकता करने का होगा।
मेजबान टीम ने पहले मैच में श्रीलंका पर एकतरफा जीत दर्ज करके शानदार शुरुआत की। उसके लिए सबसे बड़ी राहत क्रिस गेल का फॉर्म में लौटना रही, जो चैंपियंस ट्रॉफी में ख्याति के अनुरूप नहीं खेल सके थे। गेल ने सात छक्कों और नौ चौकों की मदद से 109 रन बनाकर वेस्टइंडीज को 37.5 ओवर में ही जीत दिला दी।
दोनों टीमों को एक-दूसरे की ताकतों और कमजोरियों का बखूबी पता है। चूंकि अधिकांश खिलाड़ी एक-दूसरे के खिलाफ इंडियन प्रीमियर लीग में खेल चुके हैं। विरोधी कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और ड्वेन ब्रावो चेन्नई सुपर किंग्स के लिए साथ खेलते हैं, जबकि विराट कोहली और गेल रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर में साथी हैं। कागजों पर भारत की टीम मजबूत दिख रही है।
भारतीय बल्लेबाज जबर्दस्त फॉर्म में हैं। शिखर धवन और रोहित शर्मा की सलामी जोड़ी कामयाब रही है। भारत इस विजयी संयोजन को छेड़ना नहीं चाहेगा, जिसमें दिनेश कार्तिक चौथे और धोनी पांचवें नंबर पर उतर रहे हैं। दूसरी ओर अपार प्रतिभा के बावजूद वेस्ट इंडीज लगातार अच्छा प्रदर्शन करने में नाकाम रहा है।
वैसे इससे इनकार नहीं किया जा सकता कि भारत को हराने के लिए वेस्ट इंडीज के पास पर्याप्त अनुभव और काबिलियत है। गेल, जॉनसन चार्ल्स, डेरेन ब्रावो और सैमुअल्स अगर क्षमता के अनुरूप खेले, तो भारत की तेज तिकड़ी उमेश यादव, भुवनेश्वर कुमार और ईशांत शर्मा को मुश्किल हो सकती है। वेस्ट इंडीज के पास केमार रोच और रवि रामपाल के रूप में अच्छे तेज गेंदबाज हैं, लेकिन गेंदबाजी में उसका ब्रहमास्त्र स्पिनर सुनील नारायण होंगे।
भारत को चैंपियंस ट्रॉफी जीतने के बाद आराम का मौका नहीं मिला। खिलाड़ियों ने इंग्लैंड से सीधे वेस्ट इंडीज की उड़ान भरी, लिहाजा शानदार फॉर्म में चल रही टीम के लिए चिंता का एकमात्र सबब थकान हो सकती है। दूसरी ओर वेस्ट इंडीज का इरादा चैंपियंस ट्रॉफी के ग्रुप मैच में मिली हार का बदला चुकता करने का होगा।
मेजबान टीम ने पहले मैच में श्रीलंका पर एकतरफा जीत दर्ज करके शानदार शुरुआत की। उसके लिए सबसे बड़ी राहत क्रिस गेल का फॉर्म में लौटना रही, जो चैंपियंस ट्रॉफी में ख्याति के अनुरूप नहीं खेल सके थे। गेल ने सात छक्कों और नौ चौकों की मदद से 109 रन बनाकर वेस्टइंडीज को 37.5 ओवर में ही जीत दिला दी।
दोनों टीमों को एक-दूसरे की ताकतों और कमजोरियों का बखूबी पता है। चूंकि अधिकांश खिलाड़ी एक-दूसरे के खिलाफ इंडियन प्रीमियर लीग में खेल चुके हैं। विरोधी कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और ड्वेन ब्रावो चेन्नई सुपर किंग्स के लिए साथ खेलते हैं, जबकि विराट कोहली और गेल रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर में साथी हैं। कागजों पर भारत की टीम मजबूत दिख रही है।
भारतीय बल्लेबाज जबर्दस्त फॉर्म में हैं। शिखर धवन और रोहित शर्मा की सलामी जोड़ी कामयाब रही है। भारत इस विजयी संयोजन को छेड़ना नहीं चाहेगा, जिसमें दिनेश कार्तिक चौथे और धोनी पांचवें नंबर पर उतर रहे हैं। दूसरी ओर अपार प्रतिभा के बावजूद वेस्ट इंडीज लगातार अच्छा प्रदर्शन करने में नाकाम रहा है।
वैसे इससे इनकार नहीं किया जा सकता कि भारत को हराने के लिए वेस्ट इंडीज के पास पर्याप्त अनुभव और काबिलियत है। गेल, जॉनसन चार्ल्स, डेरेन ब्रावो और सैमुअल्स अगर क्षमता के अनुरूप खेले, तो भारत की तेज तिकड़ी उमेश यादव, भुवनेश्वर कुमार और ईशांत शर्मा को मुश्किल हो सकती है। वेस्ट इंडीज के पास केमार रोच और रवि रामपाल के रूप में अच्छे तेज गेंदबाज हैं, लेकिन गेंदबाजी में उसका ब्रहमास्त्र स्पिनर सुनील नारायण होंगे।
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