जब से गौतम गंभीर टीम इंडिया के हेड कोच बने हैं, तब से टीम इंडिया के लिए रेड और व्हाइट-बॉल में एकदम उलट परिणाम देखने को मिले हैं. यही वजह है कि एक बड़ा वर्ग अब टीम इंडिया के लिए अलग-अलग फॉर्मेट में अलग-अलग कोच की भी मांग कर रहा है. और इस तरह की रिपोर्ट भी आई हैं कि आने वाले समय में बीसीसीआई दिग्गज वीवीएस लक्ष्मण को रेड-बॉल की जिम्मेदारी दे सकता है. इस पर अब हरभजन सिंह (Harbhajan Singh) ने कहा है कि फिलहाल इस मॉडल पर जाने की जरूरत नहीं है, लेकिन बाद में अगर इसकी जरूरत पड़ती है, तो इस पर विचार होना चाहिए.
भज्जी ने कहा, 'टीम इंडिया का कोच बनना आसाम काम नहीं है. कोच बनने के लिए आपको पूरे साल टीम के साथ यात्रा करनी पड़ती है और खुद को खेल में हर समय शामिल रखना पड़ता है. आपको तुलनात्मक रूप से चीजों में ज्यादा व्यस्त होना पड़ता है क्योंकि यहां कई सेलेक्टर्स भी होते हैं. साथ ही, आपको मैचों के परिणाम पर भी ध्यान लगाना पड़ता है.'
हरभजन ने कहा, 'अलग-अंग फॉर्मेट के लिए कोच होना चाहिए या नहीं है, यह भविष्य के परिणामों से तय हो सकता है. भारत में हमारी परंपरा यह रही है कि अगर टीम अच्छा खेलती है, तो हर कोई चुप रहता है, लेकिन ज्यों ही टीम खराब खेलती है, तो हम कोच के सिर पर सवार हो जाते हैं.'
उन्होंने कहा, 'मैदान पर गौतम गंभीर को नहीं खेलना है. जब गौतम खेल रहे थे, तो वह अच्छा खेले. उन्होंने भारत के लिए शानदार प्रदर्शन किया. हर किसी को धैर्य बरतने की जरूरत है. अगर आप महसूस करते हैं कि आपको कोचिंग का बंटवारा करना है, तो कम से कम फिलहाल तो इस राह पर चलने की जरूरत नहीं है. लेकिन आने वाले समय में निश्चित रूप से आपको इस बारे में सोचना चाहिए. इसमें कुछ भी गलत बात नहीं है.'
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