पूर्व महान सलामी बल्लेबाज सुनील गावस्कर भारतीय क्रिकेट एसोसिएशन (आईसीए) के अध्यक्ष अशोक मल्होत्रा के उस बयान पर भड़क गए हैं, जिसके तहत उन्होंने कहा था कि कोरोनावायरस महामहारी के कारण रद्द हुए कई टूर्नामेंटों के कारण खिलाड़ियों के वेतन में कटौती की जा सकती है. आईसीए का यह बयान इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड के उस फैसले के बाद आया है, जिसके तहत उसने अपने पुरुष क्रिकेटरों के वेतन में 25 फीसद कटौती का ऐलान किया है, जबकि उसकी महिला क्रिकेटरों ने स्वेच्छा से तीन महीने की सेलरी न लेने का ऐलान किया है.
This is one of the biggest challenges that we all are facing and we must arise to combat it. Please maintain personal hygiene and avoid unnecessary travel.: Legendary Cricketer Sunil Gavaskar@PIB_India @MIB_India @COVIDNewsByMIB#StayHomeIndia #IndiaFightsCorona pic.twitter.com/9RrKRwhq80
— DD News (@DDNewslive) April 3, 2020
गावस्कर ने अपने कॉलम में लिखा कि किसी भी दूसरे खेल की तरह अगर आप नहीं खेलते हैं, तो आपको भुगतान नहीं होता और ठीक ऐसा ही होगा. हालांकि, यह पढ़ना बहुत ही हैरान करने वाला है कि भारतीय अंतरराष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेटरों के वेतन में कटौती होनी चाहिए. गावस्कर ने कहा कि कोई भी यह समझ सकता है कि वह बीसीसीआई का समर्थन कर रहे हैं, लेकिन सवाल यह है कि किस पॉवर से मल्होत्रा वेतन में कटौती की बात कर रहे हैं.
बहरहाल अशोक मल्होत्रा कुछ भी कह रहे हों, लेकिन इससे पहले बोर्ड के ट्रेजरॉर अरुण धुमल ने कहा था कि इस मुद्दे को लेकर कोई विमर्श नहीं हुआ है. कोरोनावायरस के कारण बीसीसीआई की आमदनी को बडा झटका लगेगा, लेकिन बोर्ड अधिकारियों के जहन में वेतन कटौती का कोई विचार नहीं है. उन्होंने कहा कि अभी हमने इस बारे में बात नहीं की है. इस झटके के बाद किसी भी तरह के कदम उठाने की जरूरत पड़ेगी, तो वह उठाए जाएंगे.
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उन्होंने कहा कि जब हालात सामान्य हो जाएंगे, तो इस पर विचार किया जाएगा.
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