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'मां के लिए था वो सेलिब्रेशन', वैभव ने परिवार और कोच को समर्पित किया इंटरनेशनल करियर का पहला अर्धशतक

Vaibhav Suryavanshi on Record Half T20I Century vs ZIM: हरारे का मैदान सूर्यवंशी के लिए बहुत लकी साबित हुआ है. इसी साल की शुरुआत में उन्होंने इसी ग्राउंड पर आईसीसी अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ 80 गेंदों में शानदार 175 रन बनाए थे.

'मां के लिए था वो सेलिब्रेशन', वैभव ने परिवार और कोच को समर्पित किया इंटरनेशनल करियर का पहला अर्धशतक
Vaibhav Suryavanshi on Record Half T20I Century vs ZIM:

Vaibhav Suryavanshi on Record Half T20I Century vs ZIM: जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले टी20 इंटरनेशनल मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी ने बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 18 गेंदों में अर्धशतक लगाया. वैभव ने कहा कि करियर की शुरुआत में ही अच्छा प्रदर्शन करना आने वाले मैचों के लिए आत्मविश्वास बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है. 15 वर्षीय वैभव टी20 इंटरनेशनल में सबसे कम उम्र में अर्धशतक लगाने वाले बल्लेबाज बने. उन्होंने 19 गेंदों में 50 रनों की दमदार पारी खेली. अपनी इस पारी में उन्होंने 4 चौके और 4 छक्के लगाए. वैभव ने 15 साल 118 दिन की उम्र में अर्धशतक लगाया. उन्होंने लुई ब्रूस का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने इस फॉर्मेट में 16 साल और 56 दिन की उम्र में अर्धशतक लगाया था.

वैभव इंटरनेशनल क्रिकेट में अर्धशतक लगाने वाले भी सबसे युवा बल्लेबाज बन गए हैं. उन्होंने इस मामले में नेपाल के कुशल मल्ला को पीछे छोड़ा है. कुशल ने साल 2020 में अमेरिका के खिलाफ 15 साल और 340 दिन की उम्र में अर्धशतक लगाया था.

बीसीसीआई डॉट टीवी द्वारा शेयर किए गए वीडियो में उन्होंने कहा, "जब आप अपने करियर के शुरुआती दौर में होते हैं और आपको ऐसी पारियां खेलने को मिलती हैं और आप अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो इससे आने वाले मैचों के लिए आत्मविश्वास बढ़ता है. मुझे ऐसा लगा जैसे मैं अपनी लय में था और मैंने बस अपनी ताकत का इस्तेमाल किया; बस इतना ही. मैं यह अर्धशतक अपने परिवार, अपने कोच और उन सभी लोगों को समर्पित करना चाहता हूं जिन्होंने मेरे अच्छे और बुरे दौर में मेरा साथ दिया है."

अर्धशतक पूरा करने के बाद, उन्होंने अपने सिर के ऊपर दोनों हाथों से 'ए' का निशान बनाया. अपने सेलिब्रेशन के बारे में बताते हुए इस युवा खिलाड़ी ने साफ किया कि यह सेलिब्रेशन असल में उनकी मां आरती के लिए एक सम्मान था. उन्होंने 'थंब्स अप' का इशारा भी किया, जिसके बारे में उन्होंने बताया, "मैंने वह सेलिब्रेशन अपनी मां के लिए किया था, और दूसरा इशारा रिंकू सिंह के साथ हुई बातचीत पर आधारित था."

हरारे का मैदान सूर्यवंशी के लिए बहुत लकी साबित हुआ है. इसी साल की शुरुआत में उन्होंने इसी ग्राउंड पर आईसीसी अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ 80 गेंदों में शानदार 175 रन बनाए थे. इससे पहले सेमीफाइनल में अफगानिस्तान के खिलाफ 68 रनों की दमदार पारी खेली थी, जिससे भारत को रिकॉर्ड छठी बार खिताब जीतने में मदद मिली थी.

वैभव का बल्ला इंग्लैंड के खिलाफ मिले तीन मौकों पर पूरी तरह से खामोश रहा था. हालांकि, वह जिम्बाब्वे के खिलाफ जारी इस सीरीज के बचे हुए दो मुकाबलों में भी शानदार प्रदर्शन करना चाहेंगे. उन्होंने आगे कहा, "आप कह सकते हैं कि मुझे यहां का माहौल पसंद है. कुछ मैदान ऐसे होते हैं जहां हमें रन बनाना बहुत पसंद आता है, शायद यह भी वैसा ही है, लेकिन मैं इसे हल्के में नहीं ले रहा हूं. मैं बस टीम के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देने और जब भी खेलूं, अच्छा प्रदर्शन करने की कोशिश कर रहा हूं."

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