
मिचेल स्टार्क (फाइल फोटो)
नई दिल्ली:
मिचेल स्टार्क की गति और स्विंग से अच्छे-अच्छे बल्लेबाज खौफ खाते हैं, लेकिन टखने में लगी चोट के कारण स्टार्क को पिछले नवंबर से क्रिकेट से दूर रहना पड़ा था। मगर अपने घुटने और टखने का इलाज कराने के बाद मिचेल स्टार्क पूरी तरह फिट हैं और मैदान में वापसी के लिए बेताब हैं।
ऑस्ट्रेलिया की टीम का वेस्ट इंडीज का दौरा है जहां दक्षिण अफ्रीका भी मौजूद है। इन तीनों देशों के बीच त्रिकोणीय सीरीज़ हो रही है। पूरे ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट की नज़र इस बात पर है कि स्टार्क कितने फ़िट हैं और उनकी चोट कहीं दुबारा उन्हें परेशान न करे। पिछले साल नवंबर में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ पहला डे-नाइट टेस्ट मैच खेलने के बाद स्टार्क पूरी तरह क्रिकेट से दूर रहे थे और उनकी कमी टीम को टी20 विश्व कप में साफ खली।
रिकॉर्ड के करीब
मिचेल स्टार्क इस त्रिकोणीय सीरीज़ में अनोखा रिकॉर्ड भी अपने नाम कर सकते हैं। वनडे क्रिकेट में सबसे तेज़ 100 विकेट लेने का रिकॉर्ड इस समय पाकिस्तान के स्पिन गेंदबाज सकलैन मुश्ताक के नाम है। उन्होंने यह कारनामा 53 मैचों में हासिल किया था। स्टार्क इस कीर्तिमान से सिर्फ 10 विकेट दूर हैं और उनके पास इस रिकॉर्ड को हासिल करने के लिए 6 मैच बचे हैं।
2015 वनडे वर्ल्ड कप में इस गेंदबाज ने अपनी टीम को चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। पूरे टूर्नामेंट में स्टार्क ने 22 विकेट लिए थे सिर्फ 10.9 के औसत से।
ऑस्ट्रेलिया की टीम का वेस्ट इंडीज का दौरा है जहां दक्षिण अफ्रीका भी मौजूद है। इन तीनों देशों के बीच त्रिकोणीय सीरीज़ हो रही है। पूरे ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट की नज़र इस बात पर है कि स्टार्क कितने फ़िट हैं और उनकी चोट कहीं दुबारा उन्हें परेशान न करे। पिछले साल नवंबर में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ पहला डे-नाइट टेस्ट मैच खेलने के बाद स्टार्क पूरी तरह क्रिकेट से दूर रहे थे और उनकी कमी टीम को टी20 विश्व कप में साफ खली।
रिकॉर्ड के करीब
मिचेल स्टार्क इस त्रिकोणीय सीरीज़ में अनोखा रिकॉर्ड भी अपने नाम कर सकते हैं। वनडे क्रिकेट में सबसे तेज़ 100 विकेट लेने का रिकॉर्ड इस समय पाकिस्तान के स्पिन गेंदबाज सकलैन मुश्ताक के नाम है। उन्होंने यह कारनामा 53 मैचों में हासिल किया था। स्टार्क इस कीर्तिमान से सिर्फ 10 विकेट दूर हैं और उनके पास इस रिकॉर्ड को हासिल करने के लिए 6 मैच बचे हैं।
2015 वनडे वर्ल्ड कप में इस गेंदबाज ने अपनी टीम को चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। पूरे टूर्नामेंट में स्टार्क ने 22 विकेट लिए थे सिर्फ 10.9 के औसत से।