टीम इंडिया के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली आज, 8 जुलाई को अपना 54वां जन्मदिन मना रहे हैं. इस खास मौके पर उन्होंने अपनी बायोपिक, ‘दादा: द सौरव गांगुली स्टोरी' के फर्स्ट-लुक पोस्टर के लॉन्च को ‘अब तक का सबसे अच्छा बर्थडे गिफ्ट' बताया. नेशनल अवॉर्ड विजेता एक्टर राजकुमार राव स्टारर यह फिल्म अगले साल 14 मई को थिएटर में रिलीज होगी.
पोस्टर लॉन्च के बाद अपने पहले रिएक्शन में गांगुली ने कहा कि इस मौके ने उनके जन्मदिन को और भी खास बना दिया. उन्होंने कहा, “जन्मदिन हमेशा खास होते हैं और आज मेरी बायोपिक ‘दादा– द सौरव गांगुली स्टोरी' का फर्स्ट लुक रिलीज होने से यह और भी यादगार बन गया है. यह सच में अब तक का सबसे अच्छा बर्थडे गिफ्ट है.”
याद आए क्रिकेट करियर के सबसे यादगार पल
पूर्व कप्तान ने कहा कि फिल्म का यह पोस्टर उन्हें उनके क्रिकेट करियर के सबसे यादगार और अहम पलों में से एक की याद दिलाता है. उन्होंने राजकुमार राव पर भरोसा जताते हुए कहा कि अभिनेता ने उनके जीवन और संघर्ष को पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ पर्दे पर उतारा है. उन्होंने कहा, "यह पोस्टर मुझे मेरे क्रिकेट सफर के एक बेहद खास पल में वापस ले जाता है. राजकुमार ने इस किरदार को पूरी ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ निभाया है. मुझे भरोसा है कि वह मेरी कहानी को दर्शकों तक बेहतरीन तरीके से पहुंचाएंगे."
फिल्म के निर्माताओं को दादा ने दी शुभकामनाएं
फिल्म के निर्माताओं को अपनी शुभकामनाएं देते हुए गांगुली ने उम्मीद जताई कि जब यह बायोपिक अगले साल सिनेमाघरों में आएगी, तो दर्शक बड़ी संख्या में इसे देखने आएंगे. उन्होंने कहा, “मैं उन्हें और पूरी टीम को शुभकामनाएं देता हूं और उम्मीद करता हूं कि फैंस 14 मई 2027 को बड़े पर्दे पर फिल्म का आनंद लेंगे.”
बालकनी में गांगुली के अंदाज में दिखे राजकुमार राव
गांगुली के जन्मदिन के मौके पर जारी किए गए फिल्म के फर्स्ट-लुक पोस्टर में अभिनेता राजकुमार राव भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे यादगार पलों में से एक को दोबारा जीवंत करते नजर आते हैं. पोस्टर में वह लॉर्ड्स की बालकनी में शर्ट उतारकर खड़े हैं, ठीक उसी अंदाज में जैसे सौरव गांगुली ने 2002 नेटवेस्ट ट्रॉफी फाइनल में भारत की ऐतिहासिक जीत के बाद जश्न मनाया था. पोस्टर के बैकग्राउंड में लहराता विशाल तिरंगा इस ऐतिहासिक पल को और भी भव्य बना रहा है.
टीम इंडिया को दिलाई नई पहचान
सौरव गांगुली को भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल और प्रभावशाली कप्तानों में गिना जाता है. उन्होंने 2000 के दशक की शुरुआत में अपनी अटैकिंग कप्तानी और बेखौफ सोच से टीम इंडिया को नई पहचान दिलाई. उनके नेतृत्व में भारत ने विदेशों में कई यादगार सफलताएं हासिल कीं. इनमें 2004 में पाकिस्तान में पहली बार टेस्ट सीरीज जीत और 2003-04 में ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज ड्रॉ कराना शामिल है. इसके अलावा, 2001 में भारत ने घरेलू टेस्ट सीरीज में ऑस्ट्रेलिया को 2-1 से हराकर उसकी लगातार 15 टेस्ट मैचों की जीत का सिलसिला भी खत्म किया.
गांगुली की कप्तानी में भारत ने 2002 में श्रीलंका के साथ आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी का संयुक्त खिताब जीता, 2003 क्रिकेट विश्व कप के फाइनल में जगह बनाई और 2002 की नेटवेस्ट ट्रॉफी अपने नाम की. लॉर्ड्स के मैदान पर नेटवेस्ट ट्रॉफी जीतने के बाद बालकनी में शर्ट लहराकर मनाया गया गांगुली का जश्न भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे प्रतिष्ठित पलों में गिना जाता है. यही ऐतिहासिक दृश्य उनकी बायोपिक के फर्स्ट-लुक पोस्टर का मुख्य आकर्षण भी है.
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