नई दिल्ली:
भारत के ऑस्ट्रेलियाई दौरे का हश्र देखते हुए पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर ने कुछ सीनियर खिलाड़ियों को टीम से बाहर करके युवा क्रिकेटरों को शामिल करने की बात कही।
भारतीय टीम पर्थ में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे टेस्ट के पहले दिन पहली पारी में 161 रन पर सिमट गई। जब गावस्कर से पूछा गया कि भारतीय क्रिकेट कहां जा रहा है तो उन्होंने कहा, ‘भारत को अब आगे देखना चाहिए, पीछे नहीं। अगर दुर्भाग्यवश इसका मतलब कुछ खिलाड़ियों को ‘गुडबॉय’ कहना है तो भी हमें ऐसा करना चाहिए। भले ही इन खिलाड़ियों ने इतने लंबे समय तक देश की सेवा की है।’
गावस्कर ने हालांकि साफ किया कि वह सभी सीनियर खिलाड़ियों को टीम से बाहर करने का सुझाव नहीं दे रहे हैं और न ही वे महेंद्र सिंह धोनी को कप्तानी से हटाने की बात कह रहे हैं।
गावस्कर ने ‘एनडीटीवी’ से कहा, ‘मैं यह नहीं कह रहा हूं कि पूरी टीम को बाहर कर देना चाहिए और न ही यह सुझाव दे रहा हूं कि सीनियर खिलाड़ियों को अब चले जाना चाहिए। काफी लोग धोनी को कप्तानी से हटाने का सुझाव दे रहे हैं लेकिन मैं ऐसा नहीं कह रहा।’ उन्होंने कहा, ‘मैं कह रहा हूं कि हमें नए खिलाड़ियों को टीम में लाना होगा। ’
भारतीय टीम पर्थ में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे टेस्ट के पहले दिन पहली पारी में 161 रन पर सिमट गई। जब गावस्कर से पूछा गया कि भारतीय क्रिकेट कहां जा रहा है तो उन्होंने कहा, ‘भारत को अब आगे देखना चाहिए, पीछे नहीं। अगर दुर्भाग्यवश इसका मतलब कुछ खिलाड़ियों को ‘गुडबॉय’ कहना है तो भी हमें ऐसा करना चाहिए। भले ही इन खिलाड़ियों ने इतने लंबे समय तक देश की सेवा की है।’
गावस्कर ने हालांकि साफ किया कि वह सभी सीनियर खिलाड़ियों को टीम से बाहर करने का सुझाव नहीं दे रहे हैं और न ही वे महेंद्र सिंह धोनी को कप्तानी से हटाने की बात कह रहे हैं।
गावस्कर ने ‘एनडीटीवी’ से कहा, ‘मैं यह नहीं कह रहा हूं कि पूरी टीम को बाहर कर देना चाहिए और न ही यह सुझाव दे रहा हूं कि सीनियर खिलाड़ियों को अब चले जाना चाहिए। काफी लोग धोनी को कप्तानी से हटाने का सुझाव दे रहे हैं लेकिन मैं ऐसा नहीं कह रहा।’ उन्होंने कहा, ‘मैं कह रहा हूं कि हमें नए खिलाड़ियों को टीम में लाना होगा। ’
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