Rohit Sharma reaction on Shreyas Iyer: पूर्व भारतीय कप्तान रोहित शर्मा का मानना है कि हाल के सालों में आईपीएल में श्रेयस अय्यर की शानदार कप्तानी को देखते हुए लगता है कि मुंबई का यह बल्लेबाज भारतीय टीम में नयी भूमिका में सफल होने के लिए पूरी तरह तैयार है. श्रेयस को सबसे छोटे प्रारूप में भारत का नया कप्तान घोषित किया गया जबकि सूर्यकुमार यादव को टीम से बाहर कर दिया गया. तीन बार की वर्ल्ड कप विजेता टीम ने इस साल के एशिया कप, 2028 का ओलंपिक और टी20 वर्ल्ड कप जैसे अहम टूर्नामेंट को ध्यान में रखते हुए कप्तानी में बदलाव किया.रोहित ने कहा कि "आईपीएल में कप्तान के तौर पर श्रेयस का प्रदर्शन उन्हें भारतीय कप्तान की भूमिका के लिए जरूरी अनुभव देगा." आईपीएल में श्रेयस ने कोलकाता नाइट राइडर्स के साथ 2024 का खिताब जीता और 2025 में पंजाब किंग्स को फाइनल तक पहुंचाया.
टी20 मुंबई लीग के ब्रांड दूत रोहित ने शनिवार को कहा, ‘‘मुझे यकीन है कि पिछले कुछ सालों में अपनी फ्रेंचाइजी के लिए उन्होंने जिस तरह से कप्तानी की है, उसे देखते हुए उनका समय अच्छा रहेगा. '' रोहित की कप्तानी में भारत ने 2024 में अपना दूसरा टी20 वर्ल्ड कप खिताब जीता था. उन्होंने कहा कि मुंबई के क्रिकेटर के लिए कुछ भी आसानी से नहीं मिलता, लेकिन श्रेयस जानते होंगे कि कप्तानी ऐसी चीज है जिसे हासिल करना पड़ता है.
उन्होंने कहा, ‘‘देखिए, मुंबई में खेलना और मुंबई का प्रतिनिधित्व करना आपको बहुत कुछ सिखाता है. अगर आप हमसे पहले भारत या मुंबई की कप्तानी करने वाले किसी भी खिलाड़ी से पूछेंगे तो वे आपको यही बात बताएंगे. यहां कुछ भी आसानी से नहीं मिलता. मुझे पूरा यकीन है कि दूसरी जगहों पर भी ऐसा ही होता है. लेकिन यहां कुछ भी आसानी से नहीं मिलता, मैं सिर्फ मुंबई की बात कर रहा हूं. ''
उन्होंने कहा, ‘‘आपको वास्तव में इसे हासिल करना होता है इसलिए कप्तानी भी ऐसी चीज है जिसे आपको हासिल करना होता है और अपने आस पास के लोगों का सम्मान पाना होता है, और इन सभी खिलाड़ियों में यह खूबी है. '' रोहित ने भारत के कप्तान के तौर पर सूर्यकुमार के कार्यकाल की भी जमकर तारीफ की जिसके दौरान राष्ट्रीय टीम ने इस साल की शुरुआत में अपना तीसरा टी20 वर्ल्ड कप खिताब जीता था.
रोहित ने कहा, ‘‘मुझे पूरा यकीन है कि कुछ भी आसानी से नहीं मिला, खासकर सूर्या के लिए. अगर मैं गलत नहीं हूं तो उन्होंने 30 या 31 साल की उम्र में भारत के लिए पदार्पण किया, जिसका मतलब है कि उन्होंने कभी हार नहीं मानी. वह हमेशा मुकाबले में बने रहना चाहते थे और जब मौका मिला, उसे दोनों हाथों से भुनाना चाहते थे, और उन्होंने ऐसा किया भी. ''
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