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RCB vs GT Qualifier 1: खत्म नहीं हुई गुजरात की आस, टाइटंस के पास है "ब्रह्मास्त्र", पर्पल कैप के लिए भुवनेश्वर से टक्कर

Royal Challengers Bengaluru vs Gujarat Titans: मंगलवार को पहले रबाडा ने पर्पल कैप पहनी, तो मैच खत्म होते-होते भुवी ने फिर से इसे कब्जा लिया.

RCB vs GT Qualifier 1: खत्म नहीं हुई गुजरात की आस, टाइटंस के पास है "ब्रह्मास्त्र", पर्पल कैप के लिए भुवनेश्वर से टक्कर
Indian Premier League 2026: भुवी के साथ रबाडा की टक्कर शानदार है
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इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2026) में मंगलवार को धर्मशाला में हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (HPCA) के स्टेडियम में रायल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB vs GT) ने क्वालीफायर-1 में गुजरात टाइटंस को 92 से हराकर फाइनल का टिकट हासिल कर लिया. गुजरात ने टॉस जीतकर पहले बॉलिंग चुनी, तो रजत पाटीदार (Rajat Patidar) के बल्ले से निकली सुनामी गुजरात के सामने 255 का स्कोर रखा, तो मानो दिमागी रूप से टाइटंस वहीं हार गया. और बाद में यह उसकी बैटिंग में साफ तौर पर झलका. टाइटंस के बल्लेबाज घबराए हुए दिखे और एक के बाद एक विकेट गिर, तो कब स्कोर 5 विकेट पर 51 हो गया, किसी को पता ही नहीं चला. बहरहाल, गुजरात को मायूस होने की जरूरत नहीं है. आरसीबी से हारने के बाद उसके पास क्वालीफायर-2 में उसे मौका तो मिलेगा ही, तो वहीं उसके पास दक्षिण अफ्रीका के कैगिसो रबाडा के रूप में वह ब्रह्मास्त्र भी है, जो दिन विशेष पर मैच पलटने का दम भी रखता है. 

कौन पहनेगा पर्पल कैप?

कैगिसो रबाडा ने अब सबसे ज्यादा विकेट चटकाने के मामले में बेंगलुरु के 'वेटरन यंग' पेसर भुवेश्वर कुमार से भिड़ गए हैं. पर्पल कैप के लिए अब उनकी रेस भुवी के साथ-साथ राजस्थानी स्टार जोफ्रा आर्चर से भी हो चली है. मंगलवार के बाद अब रबाडा और भुवनेश्वर दोनों ही 26-26 विकेट चटकाकर पर्पल कैप की रेस में पहले नंबर पर हैं. मंगलवार को पहले रबाडा ने दो विकेट चटकाकर भुवी से पर्पल कैप छीनी, लेकिन दूसरी पाली में भुवनेश्वर ने दो विकेट लेकर इसे फिर से हासिल कर लिया. बहरहाल, देखने की बात होगी कि मेगा टूर्नामेंट खत्म होते-होते कौन बाजी मारता है.

इस वजह से इकॉनमी रन-रेट में भुवी बेहतर

बॉलिंग में इकॉनमी रन-रेट (प्रति ओवर रन) अपने आप में बहुत ही अहम बात है. और इस मामले में भुवनेश्वर रबाडा से आगे हैं. 37वें साल में चल रहे भुवी ने जहां अभी तक 8 रन प्रति ओवर की दर से रन खर्च किए हैं, तो वहीं रबाडा 9.48 के साथ खासे महंगे साबित हुए हैं. और अगर ऐसा है, तो उसकी वजह है नई गेंद पर भुवी का रबाडा से ज्यादा कंट्रोल और स्विंग. वहीं, रबाडा भुवी की तुलना में कंधे का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं और सीम के साथ गति पर ज्यादा निर्भर हैं. लेकिन स्विंग    जो वह स्विंग ही होती है. गेंद जब भुवी के साथ से छूट रही है, तो नागिन सी लहरा रही है. यही वजह है कि भुवी न केवल विकेट लेने के मामले में रबाडा के साथ-साथ चल रहे हैं, बल्कि इकॉनमी रन-रेट में वह उनसे खासे आगे हैं. 


 

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