
हैदराबाद:
टीम इंडिया के ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन बांग्लादेश के खिलाफ जारी टेस्ट मैच में शानदार प्रदर्शन करते हुए सबसे कम मैचों में 250 विकेट लेने वाले गेंदबाज बन गए हैं. अश्विन के इस विश्व रिकॉर्ड की हर तरफ चर्चा हो रही है. उनके फैन्स सोशल साइटों पर जश्न भी मना रहे हैं. लोग उन्हें बधाइयां देने में जुटे हैं. इन सबके बीच अगर आपसे कोई कहे कि अश्विन भले ही स्टार गेंदबाज हैं, लेकिन उनका प्रदर्शन कप्तान और टीम मैनेजमेंट के लिए आज भी चिंताजनक बना हुआ है, तो यह बात आपको थोड़ी अटपटी लगेगी, लेकिन अगर आप भी अश्विन के प्रदर्शन के आंकड़ों पर नजर डालेंगे तो सोचने पर मजबूर हो सकते हैं...
भारतीय पिचों पर अश्विन अपनी स्पिन से जिस तरह से विरोधी खेमें में खलबली मचा देते हैं, उसके मुकाबले विदेशी पिचों पर उनका प्रदर्शन काफी निराश करने वाला है. पिछले दिनों भारत के पूर्व स्पिनर मुरली कार्तिक ने सवाल उठाया था कि भारतीय पिचों या कहें एशियाई मैदानों में इस समय विकेटों का अंबार लगा रहे आर अश्विन क्या एशिया के बाहर भी इतने ही कामयाब हो पाएंगे?
इसके पीछे कारण यह है कि ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका या इंग्लैड में पिचें आमतौर पर तेज गेंदबाजी के लिए मददगार होती हैं और यहां स्पिनरों को उतना टर्न नहीं मिलता जितना आमतौर पर भारत की पिचों पर मिलता हैं. अपनी विविधिता और सटीकता से अश्विन विदेशी मैदानों पर भी यह कामयाबी दोहरा सकते हैं लेकिन भारत के पूर्व स्पिनर मुरली कार्तिक की राय में यह समय ही यह तय करेगा कि अश्विन विदेशी सरजमीं पर यह सफलता दोहराने में सक्षम होंगे या नहीं.
घर के 'हीरो' हैं अश्विन
बांग्लादेश के खिलाफ दो विकेट लेते ही अश्विन ने सबसे तेजी से 250 टेस्ट विकेट लेने का ऑस्ट्रेलिया के महान तेज गेंदबाज डेनिस लिली (Dennis Lillee) का रिकॉर्ड तोड़ दिया.
ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज डेनिस लिली 48 मैचों में 250 विकेट तक पहुंचे थे. अश्विन से पहले सबसे कम टेस्ट में 250 विकेट के आंकड़े तक पहुंचने का रिकॉर्ड लिली के ही नाम पर था. इसी तरह दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाज डेल स्टेन को 250 विकेट तक पहुंचने के लिए 49 टेस्ट लगे थे. दक्षिण अफ्रीका के ही एक अन्य तेज गेंदबाज एलन डोनाल्ड ने 50 टेस्ट में 250 का आंकड़ा छुआ था.'व्हाइट लाइटनिंग' के नाम से मशहूर रहे डोनाल्ड के नाम पर 330 टेस्ट विकेट दर्ज हैं.
मुरली और वकार 51 टेस्ट में यह कर पाए थे
इस कड़ी में अगला नाम आता है पाकिस्तान के स्पीड स्टर वकार यूनुस का. वकार ने 51 टेस्ट मैचों में 250 का आंकड़ा छुआ था.आश्चर्यजनक रूप से इस सूची में श्रीलंका के करिश्माई ऑफ स्पिनर मुथैया मुरलीधरन का नाम काफी नीचे है. मुरली ने भी वकार की ही तरह 51 टेस्ट मैचों में 250 टेस्ट विकेट पूरे किए थे. दुनिया के दो महान तेज गेंदबाज रिचर्ड हेडली (न्यूजीलैंड) ने और मेल्कम मार्शल (वेस्टइंडीज) ने 53-53 टेस्ट में 250 विकेट के आंकड़ा छुआ था. टीम इंडिया के मौजूदा कोच और पूर्व लेग स्पिनर अनिल कुंबले ने 55 टेस्ट में यह सफलता हासिल की थी.
इंग्लैंड के खिलाफ चेन्नई में चूक गए थे....
अश्विन से उम्मीद थी कि इंग्लैंड के खिलाफ चेन्नई के पांचवें यानी अंतिम टेस्ट मैच में ही वे यह रिकॉर्ड अपने नाम पर कर लेंगे. चेन्नई टेस्ट में उन्हें लिली के रिकॉर्ड तक पहुंचने के लिए महज तीन विकेट की जरूरत थी. सीरीज के चार टेस्ट में तमिलनाडु का यह स्पिनर 27 विकेट अपने नाम पर कर चुका था. ऐसे में हर कोई इस बात को लेकर आश्वस्त था कि अश्विन अपने होम ग्राउंड चेन्नई के दर्शकों को उन्हें विश्व रिकॉर्ड बनाते हुए देखने का मौका देंगे. दुर्भाग्य से यह संभव नहीं हो पाया था. चेन्नई टेस्ट में अश्विन दोनों पारियों में मिलाकर केवल एक विकेट मिला था और उनके विकेटों की संख्या 248 के आंकड़े तक जाकर थम गई थी.
भारतीय पिचों पर अश्विन अपनी स्पिन से जिस तरह से विरोधी खेमें में खलबली मचा देते हैं, उसके मुकाबले विदेशी पिचों पर उनका प्रदर्शन काफी निराश करने वाला है. पिछले दिनों भारत के पूर्व स्पिनर मुरली कार्तिक ने सवाल उठाया था कि भारतीय पिचों या कहें एशियाई मैदानों में इस समय विकेटों का अंबार लगा रहे आर अश्विन क्या एशिया के बाहर भी इतने ही कामयाब हो पाएंगे?
इसके पीछे कारण यह है कि ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका या इंग्लैड में पिचें आमतौर पर तेज गेंदबाजी के लिए मददगार होती हैं और यहां स्पिनरों को उतना टर्न नहीं मिलता जितना आमतौर पर भारत की पिचों पर मिलता हैं. अपनी विविधिता और सटीकता से अश्विन विदेशी मैदानों पर भी यह कामयाबी दोहरा सकते हैं लेकिन भारत के पूर्व स्पिनर मुरली कार्तिक की राय में यह समय ही यह तय करेगा कि अश्विन विदेशी सरजमीं पर यह सफलता दोहराने में सक्षम होंगे या नहीं.
एशिया से बाहर फ्लॉप हैं अश्विन | ||
देश | टेस्ट मैच | विकेट |
ऑस्ट्रेलिया | 6 | 21 |
इंग्लैंड | 2 | 3 |
द. अफ्रीका | 1 | 0 |
वेस्टइंडीज | 4 | 29 |
घर के 'हीरो' हैं अश्विन
बांग्लादेश के खिलाफ दो विकेट लेते ही अश्विन ने सबसे तेजी से 250 टेस्ट विकेट लेने का ऑस्ट्रेलिया के महान तेज गेंदबाज डेनिस लिली (Dennis Lillee) का रिकॉर्ड तोड़ दिया.
एशिया में अश्विन का रिकॉर्ड | ||
देश | टेस्ट मैच | विकेट |
भारत | 28 | 183 |
बांग्लादेश | 1 | 5 |
श्रीलंका | 3 | 21 |
ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज डेनिस लिली 48 मैचों में 250 विकेट तक पहुंचे थे. अश्विन से पहले सबसे कम टेस्ट में 250 विकेट के आंकड़े तक पहुंचने का रिकॉर्ड लिली के ही नाम पर था. इसी तरह दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाज डेल स्टेन को 250 विकेट तक पहुंचने के लिए 49 टेस्ट लगे थे. दक्षिण अफ्रीका के ही एक अन्य तेज गेंदबाज एलन डोनाल्ड ने 50 टेस्ट में 250 का आंकड़ा छुआ था.'व्हाइट लाइटनिंग' के नाम से मशहूर रहे डोनाल्ड के नाम पर 330 टेस्ट विकेट दर्ज हैं.
मुरली और वकार 51 टेस्ट में यह कर पाए थे
इस कड़ी में अगला नाम आता है पाकिस्तान के स्पीड स्टर वकार यूनुस का. वकार ने 51 टेस्ट मैचों में 250 का आंकड़ा छुआ था.आश्चर्यजनक रूप से इस सूची में श्रीलंका के करिश्माई ऑफ स्पिनर मुथैया मुरलीधरन का नाम काफी नीचे है. मुरली ने भी वकार की ही तरह 51 टेस्ट मैचों में 250 टेस्ट विकेट पूरे किए थे. दुनिया के दो महान तेज गेंदबाज रिचर्ड हेडली (न्यूजीलैंड) ने और मेल्कम मार्शल (वेस्टइंडीज) ने 53-53 टेस्ट में 250 विकेट के आंकड़ा छुआ था. टीम इंडिया के मौजूदा कोच और पूर्व लेग स्पिनर अनिल कुंबले ने 55 टेस्ट में यह सफलता हासिल की थी.
इंग्लैंड के खिलाफ चेन्नई में चूक गए थे....
अश्विन से उम्मीद थी कि इंग्लैंड के खिलाफ चेन्नई के पांचवें यानी अंतिम टेस्ट मैच में ही वे यह रिकॉर्ड अपने नाम पर कर लेंगे. चेन्नई टेस्ट में उन्हें लिली के रिकॉर्ड तक पहुंचने के लिए महज तीन विकेट की जरूरत थी. सीरीज के चार टेस्ट में तमिलनाडु का यह स्पिनर 27 विकेट अपने नाम पर कर चुका था. ऐसे में हर कोई इस बात को लेकर आश्वस्त था कि अश्विन अपने होम ग्राउंड चेन्नई के दर्शकों को उन्हें विश्व रिकॉर्ड बनाते हुए देखने का मौका देंगे. दुर्भाग्य से यह संभव नहीं हो पाया था. चेन्नई टेस्ट में अश्विन दोनों पारियों में मिलाकर केवल एक विकेट मिला था और उनके विकेटों की संख्या 248 के आंकड़े तक जाकर थम गई थी.
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